Stock Market में मोटे मुनाफे का लालच देकर एक महिला समेत ठगों ने CFO से ठगे 97 लाख रुपए
टेन न्यूज नेटवर्क
नोएडा (10 जून 2025): शेयर बाजार में निवेश कर घर बैठे करोड़ों कमाने का झांसा देकर एक महिला समेत उसकी ठग गिरोह ने नोएडा के एक कंपनी में कार्यरत चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) से करीब 97 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने एक नकली ऐप और फर्जी निवेश ग्रुप के माध्यम से योजनाबद्ध तरीके से कई महीनों तक पीड़ित को झांसे में रखा। जब पीड़ित को अपने साथ हुए धोखे का अहसास हुआ, तो उसने तत्काल साइबर क्राइम थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस उन बैंक खातों की जांच में जुटी है, जिनमें पीड़ित की रकम ट्रांसफर की गई है।
WhatsApp ग्रुप से हुई शुरुआत
सेक्टर-77 स्थित प्रतीक विस्टरिया सोसाइटी के निवासी योगेश कुमार रामागुंडम फर्टिलाइजर्स कंपनी में CFO के पद पर कार्यरत हैं। योगेश को शेयर बाजार में पहले से ही खासा रुझान था। इसी साल 7 मार्च को उन्हें एक अज्ञात नंबर से WhatsApp पर एक “निवेश सलाह” नामक ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप की एडमिन कथित प्रिया शर्मा नाम की महिला थी, जिसने योगेश को अपने दिशा-निर्देशों पर निवेश करने पर बड़े मुनाफे का भरोसा दिलाया।
फर्जी ऐप के जरिए शुरू हुआ निवेश
प्रिया शर्मा ने योगेश को ‘धनराशि’ नामक एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करने को कहा, जो देखने में एक असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा ही था। पंजीकरण के बाद योगेश ने कम राशि से टेस्टिंग के तौर पर निवेश शुरू किया। शुरुआती निवेश पर उन्हें लाभ दिखाया गया और मुनाफे के साथ रकम निकालने की भी अनुमति दी गई, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया।
74 लाख का निवेश और करोड़ों का झांसा
संपर्क में आने के बाद योगेश ने 15 मार्च से 30 मई के बीच लगभग 74 लाख रुपए ऐप के जरिए निवेश कर दिए। ऐप पर उन्हें दिखाया गया कि उनका निवेश एक करोड़ रुपए से अधिक का हो गया है। जब उन्होंने उस राशि को निकालने का प्रयास किया, तो ठगों ने कर (Tax) के नाम पर 22 लाख रुपए और जमा करने की शर्त रख दी।
निकासी के नाम पर और ठगी, फिर संबंधविच्छेद
योगेश ने टैक्स के नाम पर मांगी गई राशि भी जमा कर दी, लेकिन इसके बावजूद कोई निकासी संभव नहीं हुई। जब उन्होंने बार-बार अपनी रकम लौटाने की मांग की, तो ठगों ने और निवेश करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। योगेश ने जब निवेश करने से इनकार कर दिया, तो उन्हें ग्रुप से हटा दिया गया और सभी संपर्क तोड़ लिए गए।
साइबर क्राइम पुलिस कर रही जांच
ठगी का पता लगने के बाद योगेश ने नोएडा के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनकी डिटेल खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ‘धनराशि’ ऐप और प्रिया शर्मा के पीछे कौन-कौन लोग हैं। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित साइबर ठग गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जो देशभर में इसी तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा है।
यदि कोई अज्ञात व्यक्ति WhatsApp या अन्य माध्यम से निवेश के लिए संपर्क करे, तो उसकी अच्छी तरह जांच करें। फर्जी ऐप्स और ग्रुप्स से दूर रहें और किसी भी अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर धन निवेश करने से पहले विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन नई दिल्ली, दिल्ली सरकार, दिल्ली राजनीति, दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टिप्पणियाँ बंद हैं।