दिल्ली विधानसभा: कैग की 14 रिपोर्ट्स को दबाने का आरोप, विशेष सत्र बुलाने की मांग

टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली (14 दिसंबर 2024): दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर कैग (CAG) की 14 रिपोर्ट्स को जानबूझकर दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इन रिपोर्ट्स को सदन में प्रस्तुत करने की मांग की है। भाजपा विधायक दल ने इस संबंध में जल्द ही उपराज्यपाल से मिलने का भी निर्णय लिया है।

विजेंद्र गुप्ता ने क्या कहा?

भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आप सरकार अपने वित्तीय भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को छिपाने के लिए इन रिपोर्ट्स को सार्वजनिक नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017-18 से 2021-22 तक की रिपोर्ट्स मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना, जो वित्त मंत्रालय की भी प्रभारी हैं, के पास लंबित हैं। बावजूद इसके, ये रिपोर्ट्स विधानसभा में पेश नहीं की गईं।

संविधान का उल्लंघन

गुप्ता ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 151 और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 की धारा 411 के अनुसार कैग रिपोर्ट्स को विधानसभा में प्रस्तुत करना अनिवार्य है। प्रधान लेखा कार्यालय ने इस संदर्भ में 17 अक्टूबर 2024 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर यह स्पष्ट किया था। इसके बावजूद सरकार ने रिपोर्ट्स दबाकर रखीं।

हाईकोर्ट की दखल और दबाव

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि विपक्ष के लगातार दबाव और हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के बाद सरकार को मजबूर होकर 14 में से 10 रिपोर्ट्स उपराज्यपाल कार्यालय को भेजनी पड़ीं। हालांकि, शेष चार रिपोर्ट्स अब भी दबाई जा रही हैं।

विशेष सत्र बुलाने की मांग

विजेंद्र गुप्ता ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने और सभी 14 रिपोर्ट्स को सदन के पटल पर रखने की मांग की। उन्होंने कहा, “यह जनता का अधिकार है कि उन्हें सरकार के खर्च और वित्तीय मामलों का पूरा हिसाब मिले। भाजपा इस मुद्दे को लेकर पूरी गंभीरता से काम कर रही है।”

भाजपा की रणनीति

गुप्ता ने आरोप लगाया कि स्पीकर ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की अनुमति नहीं दी और भाजपा विधायकों को बार-बार मार्शल आउट किया गया। भाजपा विधायक दल शीघ्र ही उपराज्यपाल से मिलकर सरकार को रिपोर्ट्स प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक निर्देश देने की मांग करेगा।

सरकार पर निशाना

गुप्ता ने सवाल उठाया कि आखिर वो चार रिपोर्ट्स कौन-सी हैं जिन्हें सरकार ने अभी तक उपराज्यपाल को नहीं भेजा। उन्होंने कहा, “सरकार का यह रवैया यह साबित करता है कि वह अपने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को छुपाने की कोशिश कर रही है।”

प्रेस वार्ता में अन्य विधायक भी शामिल
भाजपा के वरिष्ठ विधायक जितेंद्र महाजन और अनिल वाजपेई भी इस प्रेस वार्ता में मौजूद रहे। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही।।

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