WAQF Amendment 2025: मुस्लिम समुदाय के विकास की नई राह: जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह
टेन न्यूज नेटवर्क
ग्रेटर नोएडा (22 अप्रैल 2025): वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को लेकर देशभर में जहां कई स्थानों पर विरोध देखा जा रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश के जेवर विधानसभा क्षेत्र में इसका एक अलग ही रूप सामने आया है। जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने इस विधेयक को मुस्लिम समुदाय के विकास के लिए ऐतिहासिक और जरूरी बताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह कानून उस संपत्ति से मुस्लिम समाज को उनका अधिकार दिलाने का कार्य करेगा, जिसे पिछली सरकारों ने नजरअंदाज किया और उनके विकास को रोक दिया।
विधायक धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि वक्फ की संपत्तियां हजारों करोड़ की हैं, जिनसे जबरदस्त आमदनी हो सकती थी। अगर इन संपत्तियों का सही प्रबंधन होता, तो देश में मुस्लिम समाज के लिए बेहतरीन एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, आधुनिक मदरसे, और उत्तम अस्पताल बनाए जा सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों में भ्रष्टाचार के चलते इन जमीनों का गलत तरीके से इस्तेमाल हुआ। रिश्वत लेकर इन संपत्तियों को औने-पौने दामों पर किराए पर दे दिया गया और करोड़ों रुपये की आमदनी छिपाई गई। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 2006 में जिन जमीनों से 1200 करोड़ रुपये की आमदनी हो सकती थी, वहां से मात्र 163 करोड़ की आमदनी दर्शाई गई।
धीरेन्द्र सिंह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने यह महसूस किया कि वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग हो, ताकि मुस्लिम समुदाय का वास्तविक विकास हो सके। इसी सोच के साथ वक्फ संशोधन विधेयक 2025 संसद में प्रस्तुत किया गया। इस कानून का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है।
विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि बीजेपी सरकार सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर चल रही है, जिसमें किसी की जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता। इसी भावना के साथ यह विधेयक भी लाया गया है।
गौरतलब है कि जेवर विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय ने इस विधेयक के समर्थन में मोर्चा निकाला और विधायक धीरेन्द्र सिंह के साथ मिलकर योगी-मोदी सरकार की प्रशंसा की। लोगों ने मुक्त कंठ से इस कदम को सराहा और वक्फ संपत्तियों के सही उपयोग के लिए समर्थन जताया।
क्या है वक्फ संशोधन विधेयक 2025?
यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और संचालन से जुड़ी कमियों को दूर करने के उद्देश्य से लाया गया है। इसमें विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के विभिन्न संप्रदायों जैसे बोहरा और अघाखानी समुदायों को भी प्रतिनिधित्व देने का प्रावधान किया गया है। राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के वक्फ बोर्डों में इन समुदायों से एक-एक सदस्य को शामिल करने की व्यवस्था की गई है।
कुल मिलाकर, जेवर में जो सकारात्मक माहौल बना है, वह दिखाता है कि अगर राजनीतिक इच्छाशक्ति हो और ईमानदारी से प्रयास किए जाएं, तो समाज का हर तबका साथ लेकर आगे बढ़ाया जा सकता है।
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