दिल्ली को मिलेगी नई सौगात: 22 अप्रैल से सड़कों पर दौड़ेंगी 320 नई AC इलेक्ट्रिक बसें
टेन न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली (20 अप्रैल 2025): दिल्ली के बस यात्रियों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से बसों की कमी से जूझ रही राजधानी की सड़कों पर 22 अप्रैल से 320 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें दौड़ने लगेंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह इन बसों को कुशक नाला डिपो से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये बसें खासतौर पर भीड़भाड़ वाले इलाकों में आवागमन को सुगम बनाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लाई गई हैं। गौरतलब है कि डिम्ट्स की 462 बसें सड़कों से हट जाने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कत हो रही थी। नई बसों के आने से इस परेशानी पर काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा।
सरकार की योजना के अनुसार, इस साल के अंत तक और भी कई बैच में इलेक्ट्रिक बसें लाई जाएंगी, ताकि 2026 तक दिल्ली की सड़कों पर कुल 11,000 बसें हों। 22 अप्रैल को लॉन्च होने वाली बसों में 240 मिनी इलेक्ट्रिक बसें 9 मीटर लंबी हैं, जबकि 80 स्टैंडर्ड साइज बसें 12 मीटर लंबी हैं। इन बसों को 70 से अधिक रूटों पर चलाया जाएगा, जिसमें पूर्वी और मध्य दिल्ली के इलाकों को प्राथमिकता दी गई है। खास बात यह है कि इसी के साथ मोहल्ला बसों की नई योजना को भी आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जा रहा है, जिसे अब “दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटरचेंज” यानी “डीईवीआई” के नाम से जाना जाएगा।
नई मोहल्ला बसें खास तौर पर तंग गलियों, भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाकों और मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने के लिए डिजाइन की गई हैं। ये बसें उन इलाकों में चलेंगी जहां बड़ी 12 मीटर की डीटीसी बसें नहीं पहुंच पाती थीं। इसके जरिए मेट्रो से मोहल्लों तक की लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों को ऑटो या बार-बार बस बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह योजना महिलाओं, बुजुर्गों और ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। सरकार का दावा है कि यह सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, सस्ता और समयबचत वाला बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
9 मीटर लंबी मिनी इलेक्ट्रिक बसें, जिन्हें डीईवीआई ब्रांड के तहत चलाया जाएगा, तकनीकी रूप से भी काफी आधुनिक हैं। इन बसों में छह बैटरी पैक लगे हैं, जो कुल 196 किलोवाट की क्षमता के साथ एक बार चार्ज करने पर लगभग 200 किलोमीटर तक चल सकती हैं। इनकी बैटरियां सिर्फ 45 मिनट में फुल चार्ज हो जाती हैं। प्रत्येक बस में 23 सीटें हैं, साथ ही 13 यात्री खड़े होकर भी यात्रा कर सकते हैं। खास पहचान के लिए इन बसों को हरे रंग में रंगा गया है, और इनमें महिलाओं के लिए 25% यानी 6 सीटें गुलाबी रंग की आरक्षित की गई हैं।
इन बसों के संचालन, पार्किंग और मेंटेनेंस के लिए दिल्ली भर में 16 विशेष डिपो तैयार किए गए हैं। इससे न केवल रखरखाव आसान होगा, बल्कि चार्जिंग सुविधा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि इन नई बसों के आने से न सिर्फ पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेहतर होगा, बल्कि दिल्ली के वायु प्रदूषण को भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। खासकर गर्मियों में एसी बसें यात्रियों को सुकून देने वाली होंगी। साथ ही मोहल्ला स्तर पर परिवहन की नई परिभाषा लिखी जाएगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन बसों के लिए रूट प्लान पहले ही तैयार कर लिया गया है और पायलट ट्रायल भी सफल रहा है। बसों के ड्राइवर और स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी गई है ताकि संचालन में कोई खामी न रहे। जनता से भी अपील की गई है कि वे इन बसों का अधिक से अधिक उपयोग करें और प्राइवेट वाहनों की निर्भरता को कम करें। इससे दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
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