केजरीवाल द्वारा महिलाओं को ₹1000 हर महीने देने की घोषणा सिर्फ दिखावा: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा

टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली (12 दिसंबर 2024): दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी (आप) और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने महिलाओं को 1000 रुपये प्रति महीने देने की केजरीवाल की हालिया घोषणा को “झूठा वादा” करार देते हुए इसे जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया।

वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “अरविंद केजरीवाल ने पंजाब चुनाव से पहले भी महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने का वादा किया था। लेकिन आज तक किसी भी महिला के खाते में एक रुपये तक नहीं पहुंचे। यह वादा महज चुनावी प्रचार का हिस्सा था। अब केजरीवाल दिल्ली और देश की जनता को फिर से उसी वादे के जरिए छलने की कोशिश कर रहे हैं।”

दिल्ली और पंजाब में वादों का हश्र

बीजेपी नेता ने सवाल उठाया कि जब पंजाब में वादा पूरा नहीं हुआ, तो दिल्ली की जनता को कैसे विश्वास दिलाया जाए? उन्होंने कहा, “दिल्ली की जनता केजरीवाल सरकार के झूठे वादों से थक चुकी है। चाहे बिजली-पानी के फ्री वादे हों या शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की बात, हर जगह ये सरकार सिर्फ प्रचार करने में लगी रहती है।”

‘मोदी की गारंटी बनाम केजरीवाल के झूठे वादे’

सचदेवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं को ‘गारंटी’ बताया और कहा कि जनता अब समझ चुकी है कि झूठे वादों और असली काम में क्या फर्क है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं के लिए उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और पीएम आवास योजना जैसी योजनाओं को न सिर्फ शुरू किया, बल्कि पूरी ईमानदारी से उन्हें धरातल पर उतारा।

चुनावी प्रचार या असल योजना?

वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल सरकार का यह वादा केवल लोकसभा चुनाव को देखते हुए किया गया है। “दिल्ली और देश की जनता अब जागरूक है। उसे पता है कि कौन काम करता है और कौन सिर्फ झूठे वादे करता है।”

क्या है 1000 रुपये योजना?

गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में महिलाओं को 1000 रुपये प्रति महीने देने का ऐलान किया है। उन्होंने इसे महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने और उनके सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। हालांकि, विपक्ष इसे सिर्फ चुनावी प्रचार का हिस्सा मान रहा है।

बीजेपी ने क्या कहा?

सचदेवा ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “अगर केजरीवाल सरकार ने किसी एक महिला के खाते में भी 1000 रुपये भेजे हैं, तो उसे सबूत के साथ सामने लाएं। लेकिन सच्चाई यह है कि यह वादा महज एक चुनावी हथकंडा है, जो हर बार की तरह फेल होगा।”

दिल्ली और पंजाब में किए गए वादों का इतिहास देखते हुए जनता अब केजरीवाल सरकार से जवाब मांग रही है। क्या यह घोषणा सिर्फ एक और चुनावी जुमला है या वाकई में इसे लागू किया जाएगा, यह तो समय ही बताएगा।।

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