जेपी एसोसिएट्स के फ्लैट खरीदारों को मिल सकता है घर | यमुना प्राधिकरण
टेन न्यूज नेटवर्क
ग्रेटर नोएडा (8 अप्रैल 2025): ग्रेटर नोएडा में जेपी एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के फ्लैट खरीदारों के लिए राहत की खबर आई है। उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में दिए गए एक महत्वपूर्ण आदेश के बाद, अब खरीदारों को अपने अधूरे फ्लैट मिल सकते हैं। इस दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने काम तेज़ कर दिया है। प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जो अगले 15 दिनों में रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी करेगी। समिति का मुख्य उद्देश्य जेएएल की रुकी हुई परियोजनाओं को फिर से शुरू करना और खरीदारों को उनके घर सौंपना है।
संसदीय समिति का गठन, खरीददारों का प्रतिनिधि होगा शामिल
यमुना प्राधिकरण और समिति के बीच सहयोग से खरीदारों के हितों की रक्षा की जाएगी। समिति में घर खरीदारों का एक प्रतिनिधि भी शामिल होगा, जिसे खरीदारों से सलाह-मशविरा करके चुना जाएगा। यह प्रतिनिधि परियोजना की प्रगति पर नियमित रूप से रिपोर्ट देगा। इसके अलावा, एक नोडल अधिकारी को भी बकाया राशि की वसूली के लिए नियुक्त किया जाएगा। इस समिति का गठन न केवल फ्लैट की बुनियादी सुविधाओं की देखरेख करेगा, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी अतिरिक्त वित्तीय दबाव खरीदारों पर न डाला जाए।
हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश और यमुना प्राधिकरण की तत्परता
हाई कोर्ट ने यमुना प्राधिकरण द्वारा जेपी एसोसिएट्स को दी गई भूमि आवंटन रद्द करने के निर्णय को सही ठहराया था, क्योंकि जेएएल ने बकाया भुगतान नहीं किया था। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि खरीदारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और उन्हें उनके फ्लैट मिलकर रहेंगे। इस आदेश के बाद, यीडा ने जल्दी से कार्य योजना बनाई और अगले कुछ महीनों में परियोजनाओं के पूरे होने की दिशा में काम तेज़ कर दिया है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने कहा, हम खरीदारों को उनके घर दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम अगले 15 दिनों में आरएफपी जारी करेंगे और एक एजेंसी का चयन करेंगे जो इन परियोजनाओं को पूरा करेगी।
खरीदारों की चिंताएँ और उम्मीदें
अब तक लगभग 1800 खरीदार अपनी रकम वापस ले चुके हैं, लेकिन 7000 से अधिक फ्लैट खरीदारों को अब भी अपने घर का इंतजार है। इसके बावजूद, जेएएल ने 95 प्रतिशत रकम वसूल कर ली है, और खरीदारों पर अब कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं डाला जाएगा। परियोजना का विकास पहले तय किए गए ले-आउट के अनुसार ही किया जाएगा, जिससे खरीदारों को जो घर वादे के अनुसार मिले थे, वैसा ही मिल सके।
खेल सुविधाओं और अवसंरचना विकास पर जोर
यमुना प्राधिकरण का उद्देश्य केवल आवासीय परियोजनाओं को ही पूरा करना नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र में खेल सुविधाओं का भी विकास करना है। इसके तहत, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, स्पोर्ट्स एकेडमी, हॉकी स्टेडियम, फुटबॉल ग्राउंड, और टेनिस कोर्ट जैसे विभिन्न खेल परिसर भी बनाए जाएंगे। यह परियोजना पूरी तरह से एसडीजेड (स्पेशल डेवलपमेंट जोन) योजना के तहत तैयार की जा रही है, जिसमें खेलकूद के अलावा स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा।
निर्धारित समय सीमा में पूरा होगा काम
कोर्ट ने परियोजनाओं के पूरा होने की समय सीमा तय की है। जो परियोजनाएं 75 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी हैं, उन्हें एक साल में पूरा करना होगा। जो 50 प्रतिशत पूरी हो चुकी हैं, उन्हें 18 महीने में पूरा किया जाएगा, जबकि 25 प्रतिशत तक पूरी हुई परियोजनाओं को 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बाकी सभी परियोजनाओं को 36 महीने के भीतर पूरा किया जाएगा।
प्राधिकरण का भूमि बेचने का कदम
अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए यमुना प्राधिकरण जमीन बेचने का भी विचार कर रहा है। इसके तहत, एसडीजेड क्षेत्र में 609 एकड़ खाली जमीन है, जिसमें से 276 एकड़ आवासीय और 291 एकड़ व्यावसायिक उपयोग की जमीन है। प्राधिकरण इस भूमि को औसतन 80,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से बेचेगा। इस कदम से प्राप्त होने वाली राशि का इस्तेमाल अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने में किया जाएगा।
यह कदम जेपी एसोसिएट्स लिमिटेड के फ्लैट खरीदारों के लिए एक उम्मीद की किरण साबित हो सकता है। यमुना प्राधिकरण की योजना के तहत, खरीदारों को न केवल अपने घर मिलेंगे, बल्कि उन्हें उच्च गुणवत्ता की सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा।
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