नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आयकर विभाग की सख्ती: 12,000 खरीदारों को नोटिस जारी
टेन न्यूज नेटवर्क
ग्रेटर नोएडा (8 दिसंबर 2024): नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बाजार में आई तेजी ने आयकर विभाग का ध्यान खींचा है। जिले में 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों की खरीद-बिक्री के दौरान कर अनुपालन में लापरवाही के चलते आयकर विभाग ने 12,000 खरीदारों को नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई से न केवल फ्लैट खरीदार बल्कि बिल्डर भी परेशान हैं।
आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति खरीदने पर खरीदार को विक्रेता को भुगतान करते समय 1 प्रतिशत टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) काटना और इसे फॉर्म 26क्यूबी के माध्यम से जमा करना अनिवार्य है। यदि विक्रेता का पैन गलत है या पैन आधार से लिंक नहीं है, तो खरीदार को 20 प्रतिशत की दर से टीडीएस काटकर जमा करना पड़ता है। हालांकि, जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में लोगों ने इन नियमों का पालन नहीं किया। वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच संपत्ति खरीदने वाले ऐसे 12,000 लोगों की पहचान की गई है जिन्होंने टीडीएस जमा नहीं किया।
यह कार्रवाई जिला रजिस्ट्रार कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर की गई। आयकर विभाग ने पाया कि संपत्ति खरीद-बिक्री के दौरान कर नियमों की अनदेखी आम बात हो गई है। अब विभाग ने नोटिस जारी कर इन सभी खरीदारों को 31 मार्च 2025 तक बकाया टीडीएस जमा करने का निर्देश दिया है।
आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस के बावजूद यदि संबंधित लोग टीडीएस जमा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि यह कदम न केवल राजस्व के नुकसान को रोकने के लिए उठाया गया है, बल्कि खरीदारों और विक्रेताओं को कर अनुपालन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भी है।
जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है, उनमें सबसे अधिक संख्या फ्लैट खरीदारों की है। साथ ही, कई बड़े और छोटे बिल्डर भी आयकर विभाग की इस कार्रवाई के दायरे में आए हैं। अधिकारियों के अनुसार, संपत्ति खरीदने-बेचने के दौरान अक्सर कर नियमों की अनदेखी की जाती है, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान होता है।
आयकर विभाग ने कर अनुपालन बढ़ाने और लोगों को जागरूक करने के लिए आउटरीच कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। वरिष्ठ कर अधिवक्ता सुधांशु ने बताया कि विभाग ने धारा 194आईए के प्रावधानों की जानकारी फैलाने का काम तेज कर दिया है। लोगों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि टीडीएस कटौती और समय पर जमा करना क्यों जरूरी है।
आयकर विभाग ने संपत्ति खरीदने और बेचने वाले सभी लोगों को नियमों का पालन करने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि किसी भी संपत्ति लेन-देन के दौरान टीडीएस की कटौती सुनिश्चित करें और इसे समय पर जमा करें। ऐसा करने से न केवल आयकर विभाग के नोटिस से बचा जा सकेगा, बल्कि कानून के दायरे में रहकर संपत्ति लेन-देन किया जा सकेगा।
इस कार्रवाई ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के संपत्ति बाजार में हलचल मचा दी है। अब देखना यह है कि आयकर विभाग की इस सख्ती के बाद लोग नियमों का पालन करने में कितनी तत्परता दिखाते हैं।
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