पानी खरीदते समय रखें इन जरूरी बातों का ध्यान, जानें बोतल के ढक्कन का मतलब

टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली (05 मार्च 2025): पानी जीवन का आधार है। हमारे शरीर का लगभग 80 प्रतिशत भाग पानी से बना है, इसलिए शुद्ध और सुरक्षित पानी का सेवन अत्यंत आवश्यक है। आजकल घरों में सरकारी जल आपूर्ति और बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड पानी का उपयोग किया जाता है। हालांकि, क्या आपने कभी गौर किया है कि पानी की बोतल के ढक्कन अलग-अलग रंग के होते हैं? ये केवल डिजाइन का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि पानी के प्रकार और गुणवत्ता को दर्शाते हैं।

 

क्या कहते हैं पानी की बोतल के ढक्कन के रंग?

बाजार में मिलने वाली पानी की बोतलों में कई तरह के ढक्कन होते हैं, जो उनके प्रकार और शुद्धता को दर्शाते हैं। आइए जानते हैं कि इन रंगों का क्या मतलब होता है।

•काला ढक्कन: अगर किसी पानी की बोतल का ढक्कन काले रंग का है, तो इसका मतलब है कि इसमें क्षारीय (Alkaline) पानी है। यह शरीर के पीएच स्तर को संतुलित करने में मदद करता है और इसे स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी माना जाता है।

•नीला ढक्कन: यह इंगित करता है कि पानी प्राकृतिक झरने (Spring Water) से प्राप्त किया गया है और इसे बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के शुद्ध रूप में बोतलबंद किया गया है।

•हरा ढक्कन: यदि पानी की बोतल का ढक्कन हरा है, तो इसका मतलब है कि यह फ्लेवर्ड (Flavored) पानी है, जिसमें स्वाद और सुगंध मिलाई गई होती है। यह आमतौर पर नींबू, संतरा, स्ट्रॉबेरी आदि फ्लेवर में आता है।

•सफेद ढक्कन: सफेद ढक्कन दर्शाता है कि यह प्रोसेस्ड वाटर है। यानी, इस पानी को मशीनों द्वारा फ़िल्टर और ट्रीट करके पीने योग्य बनाया गया है। यह पानी आमतौर पर शुद्धिकरण की कई प्रक्रियाओं से गुजरता है।

पानी की गुणवत्ता के लिए क्या हैं FSSAI के नियम?

भारत में खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) यह सुनिश्चित करता है कि बाजार में बिकने वाला पानी सुरक्षित हो। किसी भी पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर कंपनी को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और FSSAI का लाइसेंस लेना आवश्यक होता था। लेकिन हाल ही में आए एक नए आदेश के अनुसार, अब BIS सर्टिफिकेशन अनिवार्य नहीं है, हालांकि पानी को “हाई-रिस्क फूड कैटेगरी” में रखा गया है। इसका मतलब है कि पानी की गुणवत्ता की सख्ती से जांच की जाएगी।

FSSAI के नियमों के अनुसार –

1. हर पैकेज्ड पानी का परीक्षण किया जाता है, ताकि उसमें किसी भी तरह के हानिकारक तत्व न हों।

2. FSSAI लाइसेंस के बिना कोई भी कंपनी पैकेज्ड वाटर नहीं बेच सकती।

3. खुले में बिकने वाले पानी को पैकेज्ड वॉटर की श्रेणी में नहीं रखा जाता, और इसका FSSAI द्वारा परीक्षण नहीं किया जाता।

 

विशेषज्ञों की राय

दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी रणजीत सिंह ने बताया कि पहले केवल BIS प्रमाणित कंपनियां ही पैकेज्ड वॉटर बना सकती थीं, लेकिन अब यह अनिवार्य नहीं है। हालांकि, FSSAI पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इसे “हाई-रिस्क फूड कैटेगरी” में शामिल कर चुका है, जिससे इसकी नियमित जांच की जाती है।

उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति खुला पानी बेचता है, तो वह पैकेज्ड वॉटर के मानकों में नहीं आता और इसे पीने से बचना चाहिए। यदि किसी इलाके में नल का पानी दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा सप्लाई किया जा रहा है, तो यह खाना पकाने के लिए उपयोग किया जा सकता है, लेकिन इसे सीधे पीना सुरक्षित नहीं माना जाता।

कैसे करें सही पानी का चुनाव?

पानी की बोतल खरीदते समय उसके ढक्कन के रंग को समझें।

हमेशा लेबल चेक करें कि पानी BIS या FSSAI अप्रूव्ड है या नहीं।

खुले में बिकने वाले अनजान स्रोतों के पानी से बचें।

अगर संभव हो, तो पानी को उबालकर या RO फ़िल्टर से साफ करके पिएं।

FSSAI द्वारा पानी की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर लगातार नए नियम लागू किए जा रहे हैं, ताकि लोग शुद्ध और सुरक्षित पानी का सेवन कर सकें। अगली बार जब आप पानी की बोतल खरीदें, तो उसके ढक्कन के रंग और पैकेजिंग पर जरूर ध्यान दें, क्योंकि स्वस्थ जीवन के लिए शुद्ध पानी सबसे जरूरी है!


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