नोएडा (1 मार्च 2025): नोएडा में एक निजी समाचार चैनल के डिबेट शो के दौरान IIT बाबा उर्फ अभय सिंह के साथ मारपीट की घटना ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। बाबा का आरोप है कि जब वे डिबेट शो में भाग लेने पहुंचे, तभी भगवा वस्त्रधारी कुछ लोग न्यूज़रूम में घुस आए और लाठियों से उनकी पिटाई कर दी। घटना के बाद बाबा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की और सेक्टर 126 स्थित पुलिस चौकी के बाहर धरने पर बैठ गए। हालांकि, पुलिस द्वारा समझाने के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया, लेकिन यह मामला सोशल मीडिया पर जोर पकड़ चुका है और #JusticeForIITBaba ट्रेंड कर रहा है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब IIT बाबा अपने विचारों को साझा करने के लिए एक टीवी डिबेट शो में पहुंचे थे। उनका दावा है कि यह हमला पूर्व नियोजित था और उनके आध्यात्मिक जीवन तथा भविष्यवाणियों को लेकर कुछ लोग उनसे नाराज थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी भविष्यवाणियों को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है, और कुछ लोग नहीं चाहते कि वे धार्मिक चर्चा में भाग लें। हालांकि, पुलिस ने बताया कि बाबा ने अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है।
घटना के वायरल वीडियो में दिख रहा है कि IIT बाबा ने पूरे घटनाक्रम को अपने इंस्टाग्राम पर लाइव करने की कोशिश की। वीडियो में एक पल ऐसा भी आया जब उन्होंने एक साधु पर गर्म चाय उछाल दी, जिसके बाद माहौल और गरमा गया। वहीं, दूसरे वीडियो में देखा गया कि कुछ साधु और साध्वियां उन्हें “ढोंगी” कहते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे।
IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग करने का दावा करने वाले अभय सिंह का कहना है कि उन्होंने लाखों के पैकेज वाली नौकरी छोड़कर संन्यास का रास्ता अपनाया। वे प्रयागराज महाकुंभ के दौरान “इंजीनियर बाबा” के नाम से चर्चित हुए थे और तब से धार्मिक प्रवचन और भविष्यवाणियों के कारण सुर्खियों में बने हुए हैं। हालांकि, उनकी छवि को लेकर धार्मिक समुदाय में मतभेद रहे हैं। कई संतों का मानना है कि वे पारंपरिक संन्यास परंपरा का पालन नहीं करते और उनका जीवनशैली किसी साधु-संत से मेल नहीं खाती। महाकुंभ में उनकी कई भविष्यवाणियों को गलत ठहराया गया था, जिनमें भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के नतीजे की गलत भविष्यवाणी भी शामिल थी, जिसके बाद वे सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए थे।
नोएडा में हुई इस घटना ने एक बार फिर IIT बाबा को सुर्खियों में ला दिया है। उनके समर्थकों का कहना है कि यह हमला एक साजिश थी और इसे जानबूझकर अंजाम दिया गया। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि उनकी विवादित छवि के कारण ही वे इस तरह की घटनाओं में फंस जाते हैं। इस मामले पर दिल्ली-एनसीआर के कई धार्मिक संगठनों की भी प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ ने इस हमले की निंदा की, जबकि कुछ ने कहा कि अगर वे वास्तव में एक संत हैं, तो उन्हें पारंपरिक धार्मिक नियमों का पालन करना चाहिए।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। अगर बाबा औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हैं, तो पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। बाबा ने कहा है कि वे जल्द ही इस मामले पर मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे। अब यह देखना होगा कि यह हमला एक निजी विवाद था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी। फिलहाल, यह मामला पूरे देश में चर्चाओं और विवादों का विषय बना हुआ है।
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