New Delhi News (08 November 2026): दीपावली के त्योहार के बीच दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर जहरीली होती जा रही है। 7 नवंबर की शाम हुई जमकर आतिशबाजी के बाद 8 नवंबर की सुबह राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 383 दर्ज किया गया, जबकि राजधानी के 23 इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया। जहांगीरपुरी सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाका रहा, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 450 दर्ज किया गया। ठंड बढ़ने और हवा की गति कम रहने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो रहे हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
दिल्ली में पिछले चार दिनों के प्रदूषण के आंकड़े भी लगातार बिगड़ती स्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं। 5 नवंबर को राजधानी का AQI 369 था, जो 6 नवंबर को बढ़कर 382 पहुंच गया। 7 नवंबर को इसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई और यह 369 रहा, लेकिन 8 नवंबर की सुबह फिर बढ़कर 383 हो गया। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में भी चार दिनों के भीतर AQI में 35 अंकों की बढ़ोतरी हुई और यह 298 दर्ज किया गया। वहीं नोएडा का AQI 319 और गुरुग्राम का 322 रहा। फरीदाबाद में कुछ राहत जरूर मिली, जहां AQI 336 से घटकर 293 पर आ गया। इसके बावजूद एनसीआर के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में बनी हुई है।
दीपावली की आतिशबाजी ने प्रदूषण की चुनौती को और गंभीर बना दिया है। 7 नवंबर की शाम दिल्ली-एनसीआर में बड़े पैमाने पर पटाखे जलाए गए, जबकि 8 नवंबर को भी आतिशबाजी जारी रहने की आशंका है। पटाखों से निकलने वाला धुआं और सूक्ष्म कण पहले से प्रदूषित हवा में घुलकर हालात और बिगाड़ सकते हैं। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है। दिल्ली के 23 इलाकों में AQI का 400 पार पहुंचना बताता है कि कई स्थानों पर हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच चुकी है।
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP-3 लागू है। इसके तहत वाहनों की आवाजाही पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। दिल्ली में BS-IV और उससे ऊपर के पेट्रोल वाहन तथा BS-VI डीजल वाहन चल सकते हैं। इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को भी छूट दी गई है। वहीं दिल्ली में पंजीकृत BS-III और उससे नीचे के पेट्रोल वाहन तथा BS-VI से नीचे के डीजल वाहनों पर प्रतिबंध है। दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-IV और उससे पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों के प्रवेश पर भी रोक है। बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के वाहन चलाने की अनुमति नहीं है, जबकि एंबुलेंस, दमकल और पुलिस जैसे आपातकालीन वाहनों को छूट दी गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दीपावली के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा किस स्तर तक खराब होगी। अगर आतिशबाजी के कारण प्रदूषण में और बढ़ोतरी होती है तो वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) GRAP-4 लागू करने का फैसला ले सकता है। इसके तहत प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए और कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। फिलहाल दिल्ली का औसत AQI 383 और 23 इलाकों का AQI 400 के पार होना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। त्योहार के बीच राजधानी के लोगों को प्रदूषण से राहत मिलने का इंतजार है।
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