गौर चौक के समीप अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू | Greater Noida Authority
टेन न्यूज नेटवर्क
ग्रेटर नोएडा (24 फरवरी 2025): गौर चौक पर लगातार बनी रहने वाली ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने छह लेन के अंडरपास के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी है। यह 720 मीटर लंबा अंडरपास ग्रेटर नोएडा को गौर सिटी और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (डीएमई) से जोड़ेगा, जिससे ट्रैफिक को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, फिलहाल निर्माण कार्य के कारण वाहन चालकों को अस्थायी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अंडरपास से मिलेगा जाम से निजात
गौर चौक लंबे समय से ट्रैफिक समस्या से जूझ रहा है, खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में। पार्थला फ्लाईओवर से आने वाला ट्रैफिक जब गौर चौक पहुंचता है, तो उसकी गति धीमी हो जाती है और जाम की स्थिति बन जाती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा इस अंडरपास का निर्माण शुरू कर दिए जाने से उम्मीद की जा रही है कि इलाके के हजारों निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी और भविष्य में यातायात को सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा।
81 करोड़ रुपये की लागत, 18 महीने में पूरा होने की उम्मीद
इस परियोजना की कुल लागत 81 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसे 18 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अंडरपास के चालू होने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही, इसे प्रस्तावित ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन से भी जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रा और भी सुविधाजनक हो जाएगी।
अस्थायी डायवर्जन और वैकल्पिक मार्ग की तैयारी
यातायात पुलिस के अनुसार, निर्माण कार्य की प्रगति को देखते हुए मार्च के अंत तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जा सकता है। डीसीपी ट्रैफिक लखन सिंह यादव ने बताया कि अंडरपास के साथ-साथ ताज हाईवे पर एक सर्विस लेन का भी निर्माण किया जाएगा, ताकि यातायात का दबाव कम किया जा सके। इसके अलावा, इटेडा गोलचक्कर से शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक तक एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जा रहा है, जो एक महीने के भीतर चालू होने की उम्मीद है।
स्थानीय निवासियों को हो रही परेशानी
गौर सिटी सिक्स्थ एवेन्यू निवासी अमरजीत राठौर ने बताया कि उन्हें नोएडा के सेक्टर-63 स्थित कार्यालय तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शाम के समय गौर चौक पर ट्रैफिक इतना बढ़ जाता है कि कई बार वाहनों को रेंग-रेंग कर आगे बढ़ना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान सड़क पर गड्ढे और जलभराव की समस्या भी बनी रहती है, जिससे स्थिति और भी बदतर हो जाती है।
गौर सिटी के साया जियोन निवासी पुनीत कोहली ने कहा कि पार्थला फ्लाईओवर से गौर चौक तक पहुंचने में उन्हें अक्सर 30 मिनट से एक घंटे तक का समय लग जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से विकास हुआ है और यहां करीब चार लाख लोग रहते हैं, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है।
परियोजना पूरी होने के बाद मिलेगी बड़ी राहत
स्थानीय प्रशासन और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को उम्मीद है कि अंडरपास निर्माण के बाद गौर चौक पर जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। सर्विस लेन और वैकल्पिक मार्गों के जरिए भीड़भाड़ को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि यातायात को जल्द से जल्द सुचारु बनाया जा सके।
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