“2027 में ऐसी विदाई होगी कि दुबारा नहीं लौट पाएंगे”, रामलीला मैदान से अखिलेश यादव की हुंकार

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (01 November 2026): दिल्ली के रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) में INDIA गठबंधन की महारैली को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन के एकजुट होने के बाद बीजेपी के नेताओं को भी अब अपने वोट कटने की चिंता सताने लगी है। अखिलेश ने उत्तर प्रदेश में 1 करोड़ 27 लाख वोट काटे जाने के दावे का जिक्र करते हुए कहा कि अगर इन आंकड़ों को 403 विधानसभा सीटों के हिसाब से बांटा जाए तो प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में औसतन करीब 31 हजार वोट कम हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपनी संभावित हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना चाहती है। अखिलेश ने कहा कि रामलीला मैदान से उठ रही आवाज का असर है कि अब बीजेपी के लोग भी वोट कटने का मुद्दा उठाने लगे हैं।

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर चुनावी साजिश और वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब पार्टी को जनता के बीच जीत नहीं दिखाई देती तो वह चुनाव आयोग के माध्यम से रास्ता तलाशती है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनाव और उत्तर प्रदेश के रामपुर लोकसभा उपचुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां मतदाताओं को वोट डालने से रोका गया और पुलिस बल के जरिए दबाव बनाया गया। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी समाजवादी पार्टी के समर्थकों के वोट मतदाता सूची से हटाए गए थे। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पीडीए प्रहरियों ने बूथ स्तर पर ऐसे मतदाताओं को तलाशा, जिन्होंने 2019 में वोट दिया था, लेकिन 2022 में उनका नाम सूची में नहीं था। पार्टी ने इस संबंध में चुनाव आयोग को हलफनामे भी दिए, लेकिन उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी ने हजारों वोट काटे जाने के सबूत और हलफनामे आयोग को सौंपे थे, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अब जब जनता जागरूक हो रही है और विरोध की आवाज तेज हो रही है, तब कुछ मामलों में कार्रवाई शुरू की गई है। अखिलेश ने पीलीभीत का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी हजारों वोटों में हेराफेरी का मामला सामने आया है। उन्होंने महिलाओं को मतदान से रोकने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि एक पुलिस अधिकारी ने रिवॉल्वर तानकर तीन महिलाओं को वोट डालने से रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वे डरी नहीं और अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके लौटीं। अखिलेश ने कहा कि वोट का अधिकार ही नागरिक की लोकतांत्रिक पहचान है और बीजेपी चाहती है कि केवल उसके समर्थकों के वोट बनाए जाएं।

रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़ को लोकतंत्र की ताकत बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह मैदान आज लोकतंत्र की हल्दीघाटी बन गया है। उन्होंने महाभारत के शकुनि का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी भी चुनावी प्रक्रिया में धोखे और साजिश का सहारा ले रही है। अखिलेश ने कहा कि INDIA गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट हुए हैं और रामलीला मैदान का जनसमर्थन देश में बदलाव का संकेत दे रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा, “यूपी वाले अगर स्वागत अच्छा करते हैं, तो विदाई उससे बेहतर करते हैं।” उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगियों की ऐसी विदाई होगी कि वे दोबारा सत्ता में लौटकर नहीं आ पाएंगे।

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर धार्मिक भावनाओं और राम के नाम के इस्तेमाल को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि रामलीला का मैदान भगवान राम की लीला से जुड़ा है और यहां सदियों से यह संदेश दिया जाता रहा है कि बुराई का अंत होता है। बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने राम मंदिर के धन, चंदे और चढ़ावे की चोरी के आरोप लगाए और कहा कि इस बार बीजेपी का सर्वनाश होने जा रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में वोट कटने के मुद्दे को लेकर कहा कि बीजेपी के नेता अपनी हार की जिम्मेदारी लेने के बजाय दिल्ली के लोगों पर ठीकरा फोड़ना चाहते हैं। अखिलेश ने चुनाव आयोग के साथ एक प्रतिष्ठित कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठाए और इसे बड़ी साजिश का हिस्सा बताया।

महंगाई और रुपये की गिरती कीमत का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के पुराने चुनावी दावों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति पर सवाल उठाते थे, उन्हें अब देश की आर्थिक स्थिति का जवाब देना चाहिए। उन्होंने विश्वगुरु बनने के दावों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि देश में वोटर लिस्ट में हेराफेरी के आरोप लग रहे हैं। अखिलेश ने मीडिया की स्वतंत्रता पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सच दिखाने वाले पत्रकारों को डराया जाता है। उन्होंने मीडिया कवरेज और कैमरों को लेकर भी तंज कसा। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं के साथ हुए कथित अन्याय और दिल्ली में हुए लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए कहा कि नई पीढ़ी उस व्यवहार को नहीं भूलेगी और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी।

अपने संबोधन के अंत में अखिलेश यादव ने कहा कि एक तरफ INDIA गठबंधन लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है, जबकि दूसरी तरफ बीजेपी लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान में उमड़ा जनसमर्थन आने वाले राजनीतिक बदलाव का संकेत है और बीजेपी को न केवल आगामी चुनावों में हार का सामना करना पड़ेगा, बल्कि वह देश की राजनीति से भी बाहर हो जाएगी। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं और गठबंधन के नेताओं से एकजुट रहकर मतदान के समय बीजेपी को सत्ता से हटाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश से होगी और 2027 का विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित होगा।


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