Noida News (01/11/2026): आतंकवादियों से सीधा मुकाबला करने, संगठित अपराध के खिलाफ अभियान चलाने और प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले वरिष्ठ IPS अधिकारी राजीव नारायण मिश्रा 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) एवं DIG के पद पर तैनात रहे मिश्रा ने अपने सेवाकाल में वाराणसी, अयोध्या, बरेली, मेरठ, कुशीनगर, लखनऊ और नोएडा सहित कई स्थानों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उनकी सेवानिवृत्ति के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस में उनका लंबा सेवाकाल समाप्त हो गया।
कानपुर देहात से शुरू हुआ जीवन का सफर
राजीव नारायण मिश्रा का जन्म 30 अक्टूबर 1966 को हुआ था। उनका गृह जनपद कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश है। उनके पिता स्वर्गीय जगत नारायण मिश्रा प्रदेश सरकार में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी थे। उनकी माता मनोरमा मिश्रा शिक्षित गृहस्थ महिला थीं। उन्होंने दो विषयों में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने के साथ साहित्य रत्न की उपाधि भी हासिल की थी। पिता की सरकारी नौकरी के कारण परिवार का अलग-अलग जिलों में स्थानांतरण होता रहा, जिसके चलते राजीव नारायण मिश्रा की शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हुई। उन्होंने आगे की शिक्षा कानपुर में प्राप्त की।
पुलिस सेवा से पहले शिक्षक और मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में किया काम
राजीव नारायण मिश्रा का करियर केवल पुलिस सेवा तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कानपुर के क्राइस्टचर्च कॉलेज से बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई की। इसके बाद कानपुर की एक निजी कंपनी में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में काम किया। उन्होंने पीपीएन डिग्री कॉलेज, कानपुर में प्रवक्ता के रूप में भी विद्यार्थियों को पढ़ाया। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से राज्य प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में भी सेवाएं दीं। आगे चलकर उन्होंने रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
2010 बैच के IPS अधिकारी बने, कई जिलों में निभाई जिम्मेदारी
राज्य पुलिस सेवा से आगे बढ़ते हुए उन्हें भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नति मिली और वे 2010 बैच के IPS अधिकारी बने। प्रशिक्षण के बाद उनकी पहली नियुक्ति वाराणसी में हुई। इसके बाद अयोध्या, बरेली, मेरठ, कुशीनगर और लखनऊ में विभिन्न पदों पर काम किया। उन्होंने अपने करियर में पुलिस अधीक्षक, आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) और विशेष कार्यबल (STF) जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों में भी जिम्मेदारी निभाई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण से लेकर पूरे प्रदेश में पेशेवर अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाने तक उनका अनुभव रहा।
अयोध्या आतंकी हमले में आतंकवादियों से लिया था सीधा मुकाबला
राजीव नारायण मिश्रा के पुलिस करियर की सबसे उल्लेखनीय घटनाओं में श्रीराम जन्मभूमि परिसर, अयोध्या पर हुआ आतंकी हमला शामिल है। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों के साथ आतंकवादियों के खिलाफ मोर्चा संभाला था। मुठभेड़ में हमले में शामिल सभी पांच आतंकवादी मारे गए थे। इस साहसिक भूमिका के लिए उन्हें 15 अगस्त 2013 को पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया।
ATS और STF में भी निभाई अहम भूमिका
अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) और विशेष कार्यबल (STF) में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी निभाने के बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), STF के रूप में पूरे प्रदेश में पेशेवर और फरार अपराधियों के खिलाफ अभियानों का नेतृत्व किया। उनकी कार्यशैली में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पुलिस टीम के समन्वय को महत्वपूर्ण स्थान मिला। उन्होंने प्रशिक्षण और कार्यप्रणाली के अध्ययन के लिए सिंगापुर पुलिस की व्यवस्था को भी करीब से समझा।
कई पुलिस सम्मानों से हुए सम्मानित
अपने लंबे पुलिस सेवाकाल के दौरान राजीव नारायण मिश्रा को विभिन्न सम्मानों से नवाजा गया। इनमें पुलिस वीरता पदक, पुलिस महानिदेशक का सिल्वर और गोल्ड प्रशंसा चिह्न, सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, प्लेटिनम प्रशंसा चिह्न और अति उत्कृष्ट सेवा पदक शामिल हैं। इन सम्मानों के माध्यम से पुलिस विभाग में उनके योगदान और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों में निभाई गई भूमिका को पहचान मिली।
मई 2025 में मिली थी गौतमबुद्धनगर की जिम्मेदारी
राजीव नारायण मिश्रा ने 5 मई 2025 को गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में अपर पुलिस आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था। यहां उन्हें कानून-व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी, जेवर और दनकौर जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। औद्योगिक गतिविधियों, बढ़ती आबादी, सार्वजनिक आयोजनों और विभिन्न कानून-व्यवस्था संबंधी परिस्थितियों के बीच उन्होंने इस पद पर अपनी सेवाएं दीं। उन्हें 1 जनवरी 2024 को DIG पद पर पदोन्नति मिली थी।
31 अक्टूबर को पुलिस सेवा से हुए विदा
31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्ति के साथ राजीव नारायण मिश्रा की पुलिस सेवा का सफर समाप्त हो गया। उनके सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों ने उनके लंबे सेवाकाल और विभाग में दिए गए योगदान को याद किया। वाराणसी से अयोध्या, लखनऊ और नोएडा तक विभिन्न जिलों और विशेष पुलिस इकाइयों में निभाई गई जिम्मेदारियां उनके करियर का अहम हिस्सा रहीं। आतंकवाद विरोधी अभियानों से लेकर कानून-व्यवस्था के प्रबंधन तक उनका अनुभव उत्तर प्रदेश पुलिस में उनके बहुआयामी कार्यकाल को दर्शाता है।
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