न्यू नोएडा परियोजना पर किसानों का विरोध तेज, 50 गांवों की महापंचायत में उठाई गईं मांग!
टेन न्यूज नेटवर्क
Greater Noida News (01/11/2026): न्यू नोएडा परियोजना को लेकर किसानों और प्राधिकरण के बीच जमीन अधिग्रहण तथा मुआवजे का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। परियोजना से प्रभावित होने वाले गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर के कुल 50 गांवों के किसानों ने महापंचायत आयोजित कर अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। महापंचायत में किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे परियोजना के लिए अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं।
महापंचायत में गौतमबुद्धनगर के 13 और बुलंदशहर के 37 गांवों के किसानों ने भाग लिया। बैठक के दौरान जमीन के बदले 20 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से प्लॉट आवंटित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा गांवों की आबादी से संबंधित लंबित मामलों का निस्तारण, प्रभावित परिवारों के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और किसानों के पुराने विवादों का समाधान करने की मांग भी रखी गई। किसानों का कहना है कि विकास परियोजना की योजना बनाते समय उन परिवारों के हितों को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जिनकी जमीन पर नया शहर विकसित किया जाना है।
मुआवजे के साथ आबादी और रोजगार का मुद्दा भी बना विरोध की वजह
किसानों का विरोध केवल जमीन के बदले मिलने वाले मुआवजे तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि लंबे समय से आबादी से जुड़े कई मामले लंबित हैं, जिनका समाधान किए बिना नई परियोजना के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू करना उचित नहीं है। किसानों ने प्रभावित परिवारों के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने की भी मांग की। उनका तर्क है कि जमीन जाने के बाद ग्रामीण परिवारों की आजीविका और भविष्य पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में आर्थिक मुआवजे के साथ रोजगार और अन्य सुविधाओं को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए।
मुआवजा प्रक्रिया के लिए लगाए जाने वाले शिविरों का भी हुआ विरोध
इससे पहले प्राधिकरण की ओर से मुआवजे से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाने के उद्देश्य से गांवों में शिविर लगाने का प्रयास किया गया था। हालांकि, ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए टीम को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया था। किसानों का कहना है कि जब तक मुआवजे की शर्तों और अन्य मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक जमीन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। उनका मानना है कि पहले किसानों के साथ लंबित मुद्दों का निपटारा होना चाहिए, उसके बाद ही अधिग्रहण से संबंधित कदम उठाए जाने चाहिए।
महापंचायत से दिया एकजुटता का संदेश, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
महापंचायत के माध्यम से किसानों ने स्पष्ट संकेत दिया कि न्यू नोएडा परियोजना को लेकर वे अलग-अलग स्तर पर विरोध करने के बजाय सामूहिक रूप से अपनी मांगें उठाएंगे। किसानों ने कहा कि केवल मौखिक आश्वासन से अब उनकी सहमति नहीं मिलेगी। वे अपनी मांगों पर ठोस निर्णय और समाधान चाहते हैं। जब तक 20 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से प्लॉट, आबादी मामलों का निस्तारण और युवाओं को रोजगार देने जैसे मुद्दों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक जमीन देने का सवाल ही नहीं उठता।
फिलहाल न्यू नोएडा परियोजना को लेकर किसानों की नाराजगी और उनकी मांगें प्रशासन एवं प्राधिकरण के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। आने वाले समय में किसानों और संबंधित अधिकारियों के बीच होने वाली बातचीत तथा मांगों पर लिए जाने वाले निर्णय से परियोजना की आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
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