दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा होगी अभेद्य, CRPF संभालेगी कमान

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (21 October 2026): दिल्ली विधानसभा (Delhi Legislative Assembly) की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर आधुनिकीकरण किया जा रहा है। विधानसभा परिसर में पूर्व में मिली बम धमकियों और सुरक्षा संबंधी संवेदनशील घटनाओं को देखते हुए आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और उन्नत निगरानी प्रणालियों को स्थापित किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता (Vijender Gupta) ने बताया कि इन उपायों का उद्देश्य विधायकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से तत्काल और प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

8 वॉच टावरों से होगी चप्पे-चप्पे पर नजर

विधानसभा परिसर की बाहरी परिधि और संवेदनशील स्थानों की निगरानी के लिए रणनीतिक जगहों पर कुल आठ वॉच टावर बनाए जाएंगे। इनमें रिसेप्शन के पीछे तथा परिसर के आगे और पीछे के हिस्से शामिल हैं। एक वॉच टावर का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान इन टावरों पर तैनात रहेंगे। इसके साथ ही परिसर के एक छोर से दूसरे छोर तक सुरक्षाकर्मियों की आवाजाही के लिए विशेष पेट्रोलिंग रूट तैयार किया जा रहा है, जिसका लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस व्यवस्था से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

UVSS, RFID और हाइड्रोलिक बोलार्ड से सुरक्षित होंगे प्रवेश द्वार

विधानसभा में अनधिकृत वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। गेट नंबर 2 और 5 पर अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS) लगाया गया है, जिसके जरिए वाहनों के निचले हिस्से की स्कैनिंग की जा सकेगी। इससे संदिग्ध वाहनों और फर्जी नंबर प्लेटों की पहचान में मदद मिलेगी। गेट नंबर 1 से 5 तक स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे और हाइड्रोलिक ब्लॉकिंग बोलार्ड लगाए गए हैं, ताकि जबरन प्रवेश की कोशिशों को रोका जा सके। गेट नंबर 1 पर फोटो पहचान सुविधा वाले फ्लैप बैरियर भी लगाए जा रहे हैं। वहीं, रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक से परिसर में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले वाहनों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।

डिजिटल एंट्री सिस्टम और CCTV नेटवर्क का होगा विस्तार

विधानसभा में आने वाले आगंतुकों की पहचान और उनकी आवाजाही पर निगरानी रखने के लिए रिसेप्शन पर डिजिटल प्रबंधन प्रणाली शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक आगंतुक की फोटो, पहचान पत्र और परिसर में आने का कारण डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा। फिलहाल विधानसभा परिसर में 120 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं। निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली पुलिस (Delhi Police) से परिसर के संवेदनशील क्षेत्रों और उन स्थानों की पहचान करने का अनुरोध किया गया है, जहां कैमरों की जरूरत है। इसके बाद अतिरिक्त कैमरे लगाकर निगरानी व्यवस्था की कमियों को दूर करने की योजना है।

लगातार मिल चुकी हैं बम धमकियां

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट: दिल्ली विधानसभा को वर्ष 2026 में कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। 23 फरवरी को विधानसभा और लाल किले (Red Fort) को निशाना बनाने वाला ईमेल मिला था। इसके बाद 24, 25 और 26 मार्च को विधानसभा, विधानसभा मेट्रो स्टेशन और अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को धमकी भरे ईमेल भेजे गए। 13 अप्रैल को साइनाइड गैस और आरडीएक्स बमों से हमले का दावा करने वाला ईमेल मिलने के बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और दमकल विभाग ने जांच की। वहीं, 8 सितंबर को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। जांच के बाद ये धमकियां अफवाह साबित हुईं। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों का मुख्य उद्देश्य किसी भी खतरे से निपटने के लिए परिसर को अधिक सुरक्षित बनाना और सभी लोगों की जान की रक्षा सुनिश्चित करना है।


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