भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली की दिशा में बड़ा कदम, 14 अक्टूबर को जागरूकता कार्यक्रम

टेन न्यूज नेटवर्क

New Delhi News (12 October 2026): दिल्ली को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने और भीख मांगने की स्थिति में जीवन गुजार रहे लोगों को सम्मानजनक जीवन तथा आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही हैं। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत – भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली की ओर अग्रसर’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत सहित केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी भी कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य भिक्षावृत्ति से जुड़े लोगों के पुनर्वास, सामाजिक समावेशन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को गति देना है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत @2047 के व्यापक संकल्प से भी जुड़ी हुई है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, शहरी स्थानीय निकायों, कार्यान्वयन एजेंसियों, नागरिक समाज संगठनों और योजना के लाभार्थियों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान भिक्षावृत्ति से जुड़े लोगों के पुनर्वास के लिए अब तक किए गए कार्यों के अनुभव साझा किए जाएंगे और प्रभावी तरीकों पर चर्चा होगी। साथ ही, ऐसे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। सरकार का जोर इस बात पर है कि भिक्षावृत्ति की स्थिति में रहने वाले लोगों को केवल सड़कों से हटाने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनकी सामाजिक और आर्थिक कमजोरियों को दूर करके उन्हें सम्मान के साथ स्वतंत्र जीवन जीने के अवसर दिए जाएं।

इस दिशा में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ‘स्माइल-भिखारी योजना’ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मंत्रालय के अनुसार, यह योजना वर्तमान में देश के 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 216 शहरों में लागू है। इसके तहत अब तक 45,073 लोगों की पहचान की गई है, जबकि 13,134 लोगों को पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। योजना का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की पहचान और प्रोफाइलिंग से लेकर बचाव, सहायता, परामर्श, आश्रय, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका के अवसरों तक समग्र सहयोग उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके। इस योजना का दृष्टिकोण भिक्षावृत्ति के पीछे मौजूद सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को समझते हुए लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके स्थायी पुनर्वास का रास्ता तैयार करना है।

दिल्ली में इस योजना का दायरा भी लगातार बढ़ाया गया है। मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में योजना के प्रायोगिक चरण के दौरान दिल्ली उन सात शहरों में शामिल थी, जहां इसे शुरू किया गया था। अब यह योजना दिल्ली के सभी 14 जिलों और शहरों में संचालित की जा रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रालय ने डिजिटल निगरानी और जवाबदेही से जुड़े कई कदम उठाए हैं। इनमें भिक्षावृत्ति की स्थिति में रहने वाले लोगों के सर्वेक्षण और प्रोफाइलिंग के लिए मोबाइल एप्लिकेशन तथा निगरानी पोर्टल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप भिक्षुक गृहों को सम्मानजनक पुनर्वास और देखभाल केंद्रों के रूप में विकसित करने के लिए आदर्श दिशानिर्देश तैयार किए गए हैं। शहरों में किए जा रहे कार्यों की प्रगति मापने के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक भी निर्धारित किए गए हैं, ताकि पुनर्वास कार्यक्रमों की निगरानी और उनके परिणामों का आकलन किया जा सके।

14 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्माइल-भिखारी योजना के तहत पहचाने गए और सहायता प्राप्त करने वाले अनेक लाभार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें कौशल विकास और पुनर्वास किट प्रदान की जाएंगी, जिससे वे आत्मनिर्भरता तथा स्थायी आजीविका की दिशा में आगे बढ़ सकें। मंत्रालय की योजना में सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित करने के अलावा शहरों को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की दिशा में प्रगति के आधार पर प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन देने की व्यवस्था भी शामिल है। इसका उद्देश्य संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी तय करना तथा पुनर्वास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है। सरकार का मानना है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि गैर-सरकारी संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी आवश्यक है।

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए स्माइल-भिखारी योजना के तहत 2031 तक 100 शहरों को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए डिजिटल निगरानी, विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नवाचार और स्पष्ट प्रदर्शन मानकों पर आधारित रणनीति अपनाई जा रही है। दिल्ली में होने वाला यह कार्यक्रम राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को गति देने और पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत बनाने पर केंद्रित रहेगा। दिल्ली को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने की दिशा में सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जरूरतमंद लोगों को आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार के अवसर कितनी प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराए जाते हैं। सरकार की इस पहल का व्यापक उद्देश्य भिक्षावृत्ति की स्थिति में रहने वाले लोगों को सम्मानजनक जीवन, सामाजिक स्वीकार्यता और आर्थिक स्वतंत्रता के अवसर प्रदान करना है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।


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