यूपी बोर्ड परीक्षा 2025: नकल पर सख्ती, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और कड़े दंड के प्रावधान
टेन न्यूज नेटवर्क
ग्रेटर नोएडा, (19 फरवरी 2025): उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 24 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च 2025 तक चलेंगी। परीक्षा में नकल रोकने और परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के लिए सरकार ने इस बार सख्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से लेकर परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती तक व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
कड़ी सुरक्षा के बीच होगी परीक्षा
राज्य सरकार ने परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों के पुनः परीक्षा की स्थिति में एक अतिरिक्त सेट रखने का फैसला किया है, जिसे विशेष सुरक्षा इंतजामों के तहत रखा जाएगा। यह सेट जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा कार्यदायी संस्था से प्राप्त कर पुलिस सुरक्षा युक्त स्ट्रांग रूम में डबल लॉक आलमारी में रखा जाएगा। इस सेट को केवल माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के निर्देश पर ही खोला जा सकेगा।
सभी परीक्षा केंद्रों पर स्ट्रांग रूम और उसमें रखी गई चारों डबल लॉक आलमारियां 24×7 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेंगी। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि कोई भी अवांछित गतिविधि न हो सके।
पुलिस की कड़ी निगरानी और सचल दल तैनात
गौतमबुद्ध नगर में इस वर्ष 61 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा होगी। परीक्षा की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर 24 घंटे चार सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा, मुख्य संकलन केंद्रों पर भी उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस बल की व्यवस्था की गई है।
परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए 5 सचल दल गठित किए गए हैं, जो औचक निरीक्षण करेंगे। परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक वाहन में दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
नकल रोकने के लिए सख्त प्रावधान
इस बार सरकार ने नकल और अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने के लिए बेहद कड़े प्रावधान किए हैं। परीक्षा के दौरान यदि कोई परीक्षार्थी अनधिकृत सहायता लेता हुआ पाया जाता है या कोई बाहरी व्यक्ति परीक्षा में गड़बड़ी करने की कोशिश करता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, सॉल्वर गिरोह पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। ऐसे व्यक्तियों पर, जो वास्तविक परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देने का प्रयास करें या प्रश्नपत्र लीक करने की कोशिश करें, आजीवन कारावास और 1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
नकल और गड़बड़ी पर कठोर दंड
उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत नकल और अन्य अनियमितताओं पर कठोर सजा का प्रावधान किया गया है।
परीक्षा संचालन में गड़बड़ी करने पर अधिकतम 7 वर्ष की कैद और जुर्माना।
परीक्षा अधिकारियों को धमकी देने या प्रलोभन देने पर 10 वर्ष तक की कैद और 10 लाख तक का जुर्माना।
सॉल्वर गैंग के पकड़े जाने पर आजीवन कारावास और 1 करोड़ तक का जुर्माना।
परीक्षा केंद्र से बाहर परीक्षा आयोजित करने पर 10 वर्ष की सजा और 5 लाख तक का जुर्माना।
प्रश्नपत्र लीक करने पर 10 वर्ष की सजा और 5 लाख का जुर्माना।
सरकार की यह सख्त व्यवस्था परीक्षा की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। इस बार नकल करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी और परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।।
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