दिल्ली की हवा सुधारने के लिए केंद्र-राज्य की बड़ी पहल, 37 हॉटस्पॉट पर विशेष अभियान की तैयारी

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (28 September 2026): दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर दिल्ली की वायु प्रदूषण शमन कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों, पहले से लागू उपायों और आगामी सर्दियों के लिए अतिरिक्त कदमों पर विस्तृत चर्चा हुई। केंद्र ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल विभागीय कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, हॉटस्पॉट आधारित रणनीति और आम लोगों की भागीदारी जरूरी होगी।

37 हॉटस्पॉट पर जनभागीदारी अभियान, क्षेत्रवार तय होंगे लक्ष्य

बैठक में दिल्ली के चिन्हित 37 प्रदूषण हॉटस्पॉट पर 10 अक्टूबर तक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रत्येक हॉटस्पॉट के लिए स्पष्ट और कार्रवाई योग्य बिंदु तय करने तथा उनकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों को इन इलाकों का दौरा कर मौके पर प्रदूषण नियंत्रण उपायों की स्थिति देखने के लिए भी कहा गया है। इसके साथ ही आरडब्ल्यूए, बाजार संघों, उद्योगों, स्थानीय नागरिकों और संबंधित विभागों को अभियान में शामिल करने की योजना है। लक्ष्य यह है कि प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की पहचान कर उनके समाधान पर क्षेत्र-विशिष्ट कार्रवाई की जाए।

पराली और कृषि प्रदूषण पर एनसीआर स्तर पर समन्वय

वायु प्रदूषण के कृषि स्रोतों से निपटने के लिए केंद्र और एनसीआर राज्यों के बीच समन्वित कार्रवाई पर भी जोर दिया गया। इसके लिए केंद्रीय कृषि मंत्री तथा एनसीआर राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ बैठक आयोजित करने की बात सामने आई। केंद्र ने दिल्ली और एनसीआर के अधिकारियों से चर्चा के आधार पर ठोस कार्रवाई बिंदु तैयार करने और 10 अक्टूबर से पहले संबंधित कार्ययोजनाओं को अंतिम रूप देने को कहा है। भूपेंद्र यादव ने अलग-अलग प्रदूषण स्रोतों के खिलाफ कार्रवाई में विभागीय तालमेल बढ़ाने की जरूरत बताई। साथ ही नागरिकों को जागरूक करने और उन्हें प्रदूषण नियंत्रण उपायों में सक्रिय भागीदार बनाने पर जोर दिया गया।

‘पीयूसीसी नहीं, ईंधन नहीं’ और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा

वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली के सभी 500 एएनपीआर-सक्षम ईंधन स्टेशनों पर ‘पीयूसीसी नहीं, ईंधन नहीं’ व्यवस्था को मिशन मोड में लागू करने का निर्णय लिया गया है। नियमों का पालन नहीं करने वाले पेट्रोल पंपों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 1 से 10 अक्टूबर तक दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप के उपयोग को लेकर शहरव्यापी अभियान चलाने की योजना है। आरडब्ल्यूए और जनप्रतिनिधियों की मदद से ऐप डाउनलोड शिविर भी लगाए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि दिल्ली के सभी 228 मेट्रो स्टेशनों पर अंतिम छोर तक संपर्क सुविधा उपलब्ध है और बस बेड़े की संख्या 6,840 तक पहुंच चुकी है, जिसमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं।

सड़क, निर्माण और धूल से प्रदूषण रोकने पर फोकस

सड़क की धूल और निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सड़क पुनर्विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। दिल्ली सरकार के अनुसार 1,193 किलोमीटर सड़क का काम पूरा हो चुका है और शेष कार्य 15 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। फुटपाथों को शुरू से अंत तक पक्की सतह देने पर भी जोर दिया गया, जिससे धूल कम करने के साथ पैदल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। निर्माण और विध्वंस गतिविधियों के लिए भी सख्त समयबद्ध प्रोटोकॉल तय किए गए हैं। 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली कुछ विध्वंस और खुले में होने वाली सिविल निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी, जबकि 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक सभी निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध का प्रावधान रखा गया है।

कचरा जलाने पर निगरानी और हरित क्षेत्र बढ़ाने की योजना

खुले में कचरा और बायोमास जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए वार्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाने का फैसला हुआ है। 15 अक्टूबर तक वार्ड और जिला/उपमंडल स्तर पर विशेष निगरानी दल तैनात करने की योजना है। बाजारों से कचरा उठाने की व्यवस्था मजबूत करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन सुनिश्चित करने और ‘जीरो बर्निंग’ अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। दिल्ली सरकार के मुताबिक एमआरएसएम की संख्या पिछले वर्ष के 76 से बढ़कर 98 हो गई है। वहीं, हरित क्षेत्र विस्तार के तहत 71 लाख पौधे लगाए जाने और 434 एकड़ चिन्हित बंजर क्षेत्र में से 433 एकड़ को हरित किए जाने की जानकारी दी गई।

सर्दियों के लिए प्रदूषण प्रोटोकॉल, पुराने वाहनों पर सख्ती

आगामी सर्दियों के दौरान प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में कई अग्रिम उपाय लागू करने की तैयारी है। इनमें प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध, पार्किंग शुल्क में वृद्धि, कार्यालय समय में चरणबद्ध बदलाव और जरूरत के अनुसार 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। 1 नवंबर 2026 से दिल्ली के बाहर पंजीकृत और बीएस-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध का प्रावधान रखा गया है, जबकि सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट दी जाएगी। इसके साथ ही ईवी नीति 2026 को बढ़ावा देने और पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने के लिए प्रोत्साहन बढ़ाने की योजना पर भी चर्चा हुई।

औद्योगिक प्रदूषण और हॉटस्पॉट निगरानी पर तकनीक का इस्तेमाल

औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रवर्तन व्यवस्था मजबूत करने, एआई-सक्षम कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को सक्रिय करने और निगरानी केंद्रों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 करने का निर्णय लिया गया। नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों पर कार्रवाई के लिए 334 प्रवर्तन टीमों की तैनाती की योजना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और निर्माण स्थलों पर कैमरों समेत तकनीक के अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया। बैठक में श्मशान घाटों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने और विद्युत शवदाह सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। केंद्र और दिल्ली सरकार ने इस पूरी रणनीति की नियमित समीक्षा, शिकायतों के समयबद्ध निपटारे, दैनिक AQI बुलेटिन और एनसीआर स्तर पर एयरशेड आधारित समन्वित कार्रवाई को मजबूत करने पर जोर दिया है।


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