नई दिल्ली (17 फरवरी, 2025): दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) को 43.6% और भाजपा को 45.6% वोट मिले। मात्र 2% अधिक वोटों के बावजूद भाजपा ने चुनाव में धनबल और सत्ता का दुरुपयोग किया। इसके बावजूद, दिल्ली की जनता ने अरविंद केजरीवाल और AAP की नीतियों पर भरोसा जताया।
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष गोपाल राय ने कहा कि भाजपा अभी तक अपना मुख्यमंत्री तय नहीं कर पाई, जिससे उनकी आंतरिक गुटबाजी और अस्थिरता साफ झलकती है। उन्होंने आशंका जताई कि आगामी पांच सालों में दिल्ली में तीन बार मुख्यमंत्री बदले जा सकते हैं, जिससे सरकार अस्थिर रहेगी।
गोपाल राय ने कहा कि AAP को विपक्ष की जिम्मेदारी दी गई है और पार्टी इसे पूरी मजबूती से निभाएगी। उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन को पुनर्गठित करने के लिए 19 फरवरी को जिला सचिवों, विधानसभा प्रभारियों, संगठन मंत्रियों और जिला अध्यक्षों की बैठक होगी। 22 फरवरी को फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की जाएगी। चुनाव में किसकी क्या भूमिका थी, इसकी समीक्षा कर संगठन को और मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह जनविरोधी नीतियां अपनाएगी, तो AAP सड़क से सदन तक विरोध करेगी। पार्टी दिल्ली की जनता के साथ खड़ी रहेगी और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी।
विपक्ष के नेता (LOP) पर गोपाल राय ने कहा कि भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण और विधानसभा सत्र के बाद AAP अपना नेता प्रतिपक्ष घोषित करेगी। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी मुख्यमंत्री तय नहीं कर पा रही है, जिससे दिल्ली की जनता में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
AAP ने आज से ही चरणबद्ध तरीके से संगठन को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया है और आने वाले दिनों में भाजपा सरकार की नीतियों पर कड़ी नजर रखेगी।।
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