EPCH ने इंडेक्स सऊदी अरब 2026 में किया “इंडिया हैंडमेड” का प्रदर्शन
नई दिल्ली – 16 सितंबर 2026 – इंडेक्स सऊदी अरब 2026 का आयोजन 15 से 17 सितंबर 2026 तक रियाद, सऊदी अरब में किया जा रहा है । हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से इंडिया पवेलियन स्थापित किया है, जिसमें भारत के पारंपरिक एवं समकालीन हस्तशिल्प उत्पादों की विविध श्रृंखला प्रदर्शित की जा रही है ।
ईपीसीएच इंडिया पवेलियन का उद्घाटन रमेश कुमार झा, वाणिज्य एवं संस्कृति विभाग, भारतीय दूतावास, रियाद द्वारा रियाद इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में भाग ले रहे निर्यातकों और मास्टर शिल्पकारों की उपस्थिति में किया गया ।
रमेश कुमार झा ने ईपीसीएच इंडिया पवेलियन का भ्रमण किया और भाग ले रहे निर्यातकों एवं शिल्पकारों से बातचीत की । उन्होंने प्रदर्शित भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता, शिल्पकला और विविधता की सराहना की । इनमें बोन एनग्रेविंग, मेटल एनग्रेविंग, चिकनकारी, प्राकृतिक हस्तनिर्मित पत्थर उत्पाद तथा हस्तनिर्मित कालीन शामिल हैं । उन्होंने मास्टर शिल्पकारों द्वारा किए जा रहे लाइव क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन को भी देखा और भारतीय पारंपरिक शिल्पकला एवं कौशल की प्रशंसा की ।
डॉ. नीरज खन्ना, चेयरमैन-ईपीसीएच ने कहा, “सऊदी अरब भारतीय हस्तशिल्प के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में उभर रहा है, विशेष रूप से हॉस्पिटैलिटी, इंटीरियर, आर्किटेक्चर और लाइफस्टाइल क्षेत्रों में । इंडेक्स सऊदी अरब इंटीरियर, हॉस्पिटैलिटी, डिजाइन और फिट-आउट समाधानों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसमें एक्सेसरीज, डेकोर एवं होमवेयर, फर्नीचर, फर्निशिंग, टेक्सटाइल, फ्लोरिंग, किचन एवं बाथरूम उत्पाद जैसी अनेक श्रेणियां शामिल हैं । यह प्रदर्शनी भारतीय निर्यातकों को सऊदी अरब और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों के आर्किटेक्ट्स, इंटीरियर डिजाइनर्स, हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स, डेवलपर्स, रिटेलर्स और सोर्सिंग कंपनियों से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करती है ।”
डॉ. खन्ना ने आगे कहा, “इंडेक्स सऊदी अरब 2026 में भारत की भागीदारी प्रदर्शनी की विविधता और आकर्षण को और बढ़ाएगी । इससे वैश्विक निर्माताओं, रिटेलर्स और ब्रांड्स को भारत के टेक्सटाइल, होम फर्निशिंग और कंज्यूमर प्रोडक्ट उद्योगों की मजबूत उद्यमशीलता क्षमता से परिचित होने का अवसर मिलेगा और भारत से सोर्सिंग की नई संभावनाएं खुलेंगी ।”
राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच ने कहा, “इंडिया पवेलियन को मिल रही उत्साहजनक प्रतिक्रिया सऊदी बाजार में भारतीय हस्तनिर्मित उत्पादों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है । इस भागीदारी से हमारे निर्यातकों और शिल्पकारों को विभिन्न खरीदारों और उद्योग से जुड़े पेशेवरों के साथ संवाद करने तथा बाजार की पसंद, उत्पाद विनिर्देश और सोर्सिंग आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिल रहा है ।”
रावत ने आगे बताया, “इस संस्करण में ईपीसीएच के 5 सदस्य निर्यातक भाग ले रहे हैं, जो राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से प्राकृतिक पत्थर से बने हस्तनिर्मित उत्पाद, हैंडमेड टफ्टेड कालीन, हैंडमेड नॉटेड कालीन आदि प्रदर्शित कर रहे हैं । भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए ईपीसीएच ने एक थीमैटिक डिस्प्ले भी स्थापित किया है, जहां मास्टर शिल्पकारों/कारीगरों द्वारा भारतीय पारंपरिक शिल्पों का लाइव प्रदर्शन किया जा रहा है। विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा उत्तर प्रदेश से चिकन हैंड एम्ब्रॉयडरी और ब्रास एनग्रेविंग तथा दिल्ली से बोन कार्विंग के मास्टर शिल्पकारों को प्रतिनियुक्त किया गया है ।”
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