18th BRICS Summit में ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ हुई रिलीज, क्या है मुख्य बातें?
टेन न्यूज़ नेटवर्क
New Delhi News (12 September 2026): भारत की राजधानी नई दिल्ली में 12 से 13 सितंबर 2026 को आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं ने मिलकर साझा प्राथमिकताओं पर गहन चर्चा की और ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को औपचारिक रूप से स्वीकार किया। इस वर्ष सम्मेलन की मुख्य थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण” (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) रखी गई थी। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में देश के 30 शहरों में 400 से अधिक मंत्रिस्तरीय, व्यापारिक और विशेषज्ञ स्तर की बैठकों के सफल आयोजन की सराहना की गई। नेताओं ने ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ का स्वागत करते हुए बहुध्रुवीय विश्व में आपसी सहयोग, संप्रभु समानता और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
वैश्विक संस्था संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद विस्तार का समर्थन
घोषणापत्र में वर्तमान अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को समकालीन वास्तविकताओं के अनुरूप ढालने के लिए बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र (UN) में व्यापक संरचनात्मक सुधार का स्पष्ट आह्वान किया गया। ब्रिक्स देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को अधिक लोकतांत्रिक, प्रभावी और विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व करने वाला निकाय बनाने पर बल दिया। इस संदर्भ में सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य चीन और रूस ने सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र में भारत और ब्राजील की स्थायी व मजबूत भूमिका की आकांक्षाओं का औपचारिक रूप से पुनः समर्थन किया। इसके साथ ही, अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के उभरते देशों की निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में अधिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
विश्व बैंक, आईएमएफ और डब्ल्यूटीओ में न्यायसंगत सुधार की मांग
नेताओं ने ब्रेटन वुड्स संस्थानों (IMF और विश्व बैंक) में कोटा व मताधिकार के पुनर्संतुलन की आवश्यकता रेखांकित की, ताकि उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (EMDEs) के वास्तविक आर्थिक कद का सही प्रतिनिधित्व हो सके। विश्व व्यापार संगठन (WTO) के संदर्भ में, ब्रिक्स देशों ने एक गैर-भेदभावपूर्ण, पारदर्शी और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली का समर्थन किया और अपील निकाय (Appellate Body) के सदस्यों की अविलंब नियुक्ति व विवाद निपटान तंत्र की तुरंत बहाली की मांग की। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर लगाए जाने वाले एकतरफा आर्थिक व द्वितीयक प्रतिबंधों (Secondary Sanctions) की कड़ी निंदा की गई, क्योंकि ये मानवाधिकारों, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं।
जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा
घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की स्पष्ट एवं कठोर भर्त्सना की गई और इसके खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर अडिग रहने का आह्वान किया गया। ब्रिक्स नेताओं ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर में हुए नृशंस आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। नेताओं ने सीमा पार आतंकियों की आवाजाही, आतंकी वित्तपोषण और सुरक्षित ठिकानों (Safe Havens) को समाप्त करने की आवश्यकता जताई। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत व्यापक अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी समझौते (CCIT) को शीघ्र अंतिम रूप देकर अपनाने और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित सभी आतंकियों व संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की अपील की गई।
पश्चिम एशिया संकट और गाजा मानवीय त्रासदी पर गहरी चिंता
मध्य पूर्व/पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए ब्रिक्स ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने का आग्रह किया। गाजा में अक्टूबर 2025 के युद्धविराम समझौते के बावजूद जारी हिंसा, नागरिकों के जबरन विस्थापन और मानवीय सहायता में आ रही बाधाओं की गंभीर आलोचना की गई। घोषणापत्र में 1967 की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के आधार पर, पूर्वी यरुशलम को राजधानी मानते हुए एक संप्रभु, स्वतंत्र व व्यवहार्य फिलिस्तीनी राष्ट्र के निर्माण (Two-State Solution) का पुनः समर्थन किया गया और संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की पूर्ण सदस्यता की मांग दोहराई गई। इसके अलावा, लेबनान में यूएन शांति रक्षकों (UNIFIL) पर हमलों की निंदा की गई और सूडान व सीरिया में शांतिपूर्ण राजनीतिक समाधान की अपील की गई।
स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और वित्तीय मजबूती की पहल
वित्तीय निर्भरता को संतुलित करने के लिए ब्रिक्स देशों ने सदस्य देशों की स्थानीय मुद्राओं में व्यापार निपटान और निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों पर चर्चा की। ब्रिक्स भुगतान कार्यबल (BPTF) को सीमा पार तेज, सुरक्षित और कम लागत वाले भुगतान तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया गया। वित्तीय जोखिमों से निपटने के लिए भारत द्वारा गुजरात स्थित गिफ्ट सिटी (GIFT City IFSC) में ‘ब्रिक्स रिस्क लैब’ (BRICS Risk Lab) स्थापित करने के प्रस्ताव पर सदस्यों ने रुचि दिखाई। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय झटकों से सुरक्षा के लिए आकस्मिक आरक्षित व्यवस्था (CRA) की परिचालन क्षमता को मजबूत करने और न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की दूसरी स्वर्णिम दशक की भूमिका को सराहा गया।
समावेशी स्वास्थ्य सहयोग: टीबी उन्मूलन, डिजिटल हेल्थ और मानसिक स्वास्थ्य पहल
स्वास्थ्य क्षेत्र में, चंडीगढ़ में आयोजित 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के परिणामों का स्वागत किया गया। घोषणापत्र में तपेदिक (TB) को वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती मानते हुए अनुसंधान और सहयोग के जरिए इसे समाप्त करने का संकल्प लिया गया। संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए ‘ब्रिक्स एकीकृत प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली’ के गठन का स्वागत किया गया। मानसिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारत के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS) के समन्वय में ‘ब्रिक्स नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना का समर्थन किया गया और ‘हेल्दी लाइफस्टाइल मिशन’ का रोडमैप (2026–2029) अनुमोदित किया गया।
खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा: ब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज, स्मार्ट ग्रिड्स और क्रिटिकल मिनरल्स
विश्व में खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को सुगम और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच अनाज व्यापार मंच ‘ब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज’ स्थापित करने की पहल पर आगे बढ़ने की सहमति बनी। साथ ही, इंदौर बैठक के तहत किसानों के हितों के लिए ‘ब्रिक्स एग्रिन’ (BRICS AGRIN) नेटवर्क के गठन पर मुहर लगी। ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में, न्यायसंगत और समावेशी ऊर्जा संक्रमण को बढ़ावा देने, स्मार्ट ग्रिड्स व ऊर्जा भंडारण पर मार्गदर्शक सिद्धांतों को अपनाने और शून्य/निम्न-उत्सर्जन हाइड्रोजन मानकों पर सहयोग पर जोर दिया गया। महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) की मूल्य-संवर्धन और आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर व न्यायसंगत बनाए रखने की आवश्यकता भी दोहराई गई।
विज्ञान, अंतरिक्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिम्मेदार वैश्विक ढांचा
तकनीकी मोर्चे पर, भारत द्वारा फरवरी 2026 में सफलतापूर्वक आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ (AI Impact Summit) और ब्रिक्स नेताओं के वैश्विक एआई शासन संबंधी वक्तव्य के क्रियान्वयन की सराहना की गई। ब्रिक्स रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट कॉन्स्टिलेशन (RSSC) के विस्तार और बाहरी अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ की रोकथाम (PAROS) पर सर्वसम्मति बनी। अंतरिक्ष यात्री यूरी गागारिन की 1961 की ऐतिहासिक मानव अंतरिक्ष उड़ान की 65वीं वर्षगांठ का भी स्वागत किया गया। इसके अतिरिक्त, ब्रिक्स देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करने के लिए सबमरीन केबल अवसंरचना के अध्ययन और अनुसंधान नेटवर्क (GRAIN) को गति देने का निर्णय लिया गया।
जन-जन का जुड़ाव, महिला-नेतृत्व विकास
घोषणापत्र के अंतिम चरण में लोगों के बीच परस्पर सांस्कृतिक संबंधों, पर्यटन, खेल और युवा आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। कोच्चि में आयोजित ब्रिक्स महिला मंत्रिस्तरीय बैठक के आधार पर ‘महिला-नेतृत्व विकास’ (Women-led Development) और महिला डिजिटल क्षमता निर्माण दिशा-निर्देशों का स्वागत किया गया। एमएसएमई, शिक्षा और श्रम बाजारों में गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स के सामाजिक संरक्षण पर भी सहमति बनी। सम्मेलन के सफल समापन पर भारत के नेतृत्व और आतिथ्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई तथा वर्ष 2027 में 19वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आगामी अध्यक्ष के रूप में चीन को पूर्ण समर्थन दिया गया।
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