IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ीं, राउज एवेन्यू कोर्ट ने तय किए आरोप

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (10 September 2026): आईआरसीटीसी होटल आवंटन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लारा प्रोजेक्ट्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा बेटे तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि इस बात का पक्का संदेह है कि परिवार के सदस्यों के नाम पर ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ यानी अपराध से हुई कमाई उत्पन्न की गई।

इस मामले में कुल नौ आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय किए गए हैं। मुकदमे का सामना करने वाले आरोपियों में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, लालू के करीबी प्रेम चंद गुप्ता, उनकी पत्नी सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स के डायरेक्टर विनय कोचर और विजय कोचर, लारा प्रोजेक्ट्स तथा सुजाता होटल्स शामिल हैं। वहीं, अदालत ने लालू प्रसाद यादव के दामाद राहुल यादव समेत कुल सात आरोपियों को मामले से डिस्चार्ज कर दिया है। डिस्चार्ज किए गए लोगों में राहुल यादव, गौरव गुप्ता, नथ मल कानकारनिया, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, राजीव रेलन और अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

यह पूरा मामला वर्ष 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके रेल मंत्री रहने के दौरान रेलवे के रांची और पुरी स्थित बीएनआर यानी BNR होटलों के रखरखाव का ठेका देने में नियमों की अनदेखी की गई। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन होटलों का ठेका निजी कंपनी सुजाता होटल्स को दिया गया और इसके बदले पटना में करोड़ों रुपये मूल्य की कीमती जमीन बेहद कम कीमत पर लालू परिवार से जुड़ी कंपनी लारा प्रोजेक्ट्स के नाम ट्रांसफर कराई गई।

आरोपपत्र के मुताबिक, CBI ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2004 से 2009 के दौरान रांची और पुरी के IRCTC होटल का ठेका देने में गंभीर अनियमितताएं की गईं। CBI के अनुसार, ठेका दिए जाने के बदले लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़ी कंपनी को करोड़ों रुपये की जमीन बेहद कम कीमत पर हस्तांतरित की गई। इसी मामले में CBI द्वारा केस दर्ज किए जाने के बाद प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की और PMLA के तहत मामला दर्ज किया। दिल्ली की अदालत ने भी अपने आदेश में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा पद के दुरुपयोग का पक्का संदेह होने की बात कही है।

राउज एवेन्यू कोर्ट ने जिन नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं, उन्हें औपचारिक रूप से आरोप तय करने की प्रक्रिया के लिए 3 अक्टूबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया है। अदालत के इस फैसले के बाद आईआरसीटीसी होटल आवंटन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ कानूनी लड़ाई अब अगले चरण में पहुंच गई है। दूसरी ओर, सात आरोपियों को इस मामले से डिस्चार्ज किए जाने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। अब सभी की नजरें 3 अक्टूबर को होने वाली अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी रहेंगी।


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