EPCH ने 90वें थेसालोनिकी इंटरनेशनल फेयर 2026, ग्रीस में भारत की जीवंत शिल्प विरासत का किया प्रदर्शन
नई दिल्ली – 08 सितंबर 2026 – 90वां थेसालोनिकी इंटरनेशनल फेयर (टीआईएफ) 2026 ग्रीस के थेसालोनिकी इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कांग्रेस सेंटर में 5 से 13 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जहां ईपीसीएच ने एक विशेष थीमैटिक पवेलियन स्थापित किया है । भारत की भागीदारी का प्रमुख आकर्षण आठ प्रतिष्ठित भारतीय कारीगर हैं, जिनमें पद्मश्री पुरस्कार विजेता, शिल्प गुरु और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शामिल हैं, जो भारत की समृद्ध और विविध पारंपरिक हस्तशिल्प विरासत का प्रदर्शन कर रहे हैं ।
ईपीसीएच इंडिया पवेलियन का उद्घाटन रवि शंकर, भारत के राजदूत, ग्रीस द्वारा किया गया । इस अवसर पर पूजा कुमारी, प्रथम सचिव (वाणिज्य), भारतीय दूतावास, ग्रीस; एंड्रियास माव्रोमातिस, सीईओ, हेलेक्सपो; लक्ष्मी कुमारी, मुख्य अभियंता (प्रोजेक्ट), आईटीपीओ तथा मास्टर शिल्पकार उपस्थित रहे ।

महामहिम रवि शंकर ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंडिया पवेलियन का दौरा किया और भाग लेने वाले मास्टर शिल्पकारों से बातचीत की। उन्होंने प्रदर्शित भारतीय हस्तशिल्प की कारीगरी, रचनात्मकता और विविधता की सराहना की । उन्होंने परिषद के प्रयासों की भी प्रशंसा की और कहा कि इस मेले के माध्यम से कारीगर सीधे खरीदारों से जुड़ रहे हैं तथा भारत की छवि हस्तशिल्प के लिए एक लाभकारी सोर्सिंग डेस्टिनेशन के रूप में मजबूत हो रही है ।
डॉ. नीरज खन्ना, अध्यक्ष, ईपीसीएच ने कहा, “यूरोप भारतीय हस्तशिल्प के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है, विशेष रूप से उन उत्पादों के लिए जिनमें प्रामाणिकता, शिल्प कौशल, सस्टेनेबिलिटी और विशिष्ट डिजाइन का समावेश हो । थेसालोनिकी इंटरनेशनल फेयर एक बहुआयामी मंच है, जो व्यापार, संस्कृति और नवाचार को एक साथ लाता है । इसमें 1,500 से अधिक प्रदर्शकों और 2 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है । इस मेले में हमारी भागीदारी यूरोपीय उपभोक्ताओं, खरीदारों और व्यापार प्रतिनिधियों के समक्ष भारत की समृद्ध शिल्प विरासत को प्रस्तुत करने और कारीगरों एवं निर्यातकों के लिए नए बाजार अवसर तलाशने का महत्वपूर्ण माध्यम है ।”
डॉ. खन्ना ने आगे कहा, “पद्मश्री पुरस्कार विजेताओं, शिल्प गुरुओं और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं की भागीदारी अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों को भारतीय हस्तशिल्प के पीछे के असाधारण कौशल को सीधे देखने और समझने का अवसर देती है । ऐसे मंच हमारी पारंपरिक कलाओं की पहचान बढ़ाते हैं, नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद करते हैं और कारीगरों तथा पूरे हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा करते हैं ।”
राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच ने कहा, “थेसालोनिकी इंटरनेशनल फेयर 2026 में हमारी भागीदारी भारतीय कारीगरों को महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बाजार अनुभव दे रही है और उन्हें ग्रीस के उपभोक्ताओं, खरीदारों तथा व्यापार प्रतिनिधियों से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान कर रही है । आगंतुकों की अच्छी प्रतिक्रिया, लाइव इंटरैक्शन और मौके पर हुई बिक्री से यह स्पष्ट है कि यूरोपीय बाजार में प्रामाणिक भारतीय हस्तनिर्मित उत्पादों के प्रति अच्छा आकर्षण है ।”
रावत ने आगे कहा, “इस संस्करण में ईपीसीएच ने भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय के सहयोग से पारंपरिक भारतीय शिल्पों के लाइव प्रदर्शन के साथ थीमैटिक डिस्प्ले स्थापित किया है । विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा मुंबई से पॉटरी एवं क्ले ऑब्जेक्ट्स, जयपुर से मिनिएचर पेंटिंग एवं कुंदन मीनाकारी, भुवनेश्वर से स्टोन कार्विंग एवं पाम लीफ एन्ग्रेविंग, कुल्लू से चंबा रुमाल, इंदौर से बाग हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग तथा चेन्नई से तंजौर पेंटिंग के मास्टर शिल्पकारों को प्रतिनियुक्त किया गया है ।”
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