सत्य निकेतन हादसे के बाद LG का बड़ा एक्शन: एक सप्ताह में सुरक्षा ऑडिट और नए हॉस्टल की तैयारी

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (08 September 2026): दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की मौजूदगी में लोक निवास में हुई उच्चस्तरीय बैठक में राजधानी के छात्र बहुल इलाकों और प्रमुख पीजी हब्स की इमारतों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने का फैसला लिया गया। उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि अगले एक सप्ताह के भीतर प्रमुख पीजी हब्स में स्थित भवनों का अनिवार्य रूप से स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। बैठक में मुख्य सचिव, एनडीआरएफ प्रमुख, एमसीडी आयुक्त, पुलिस आयुक्त, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति, डीडीए उपाध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि बिना संरचनात्मक सुरक्षा मानकों का पालन किए पीजी चलाने वाली इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि प्रशासन ने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान छात्रों को अचानक बेघर होने की स्थिति में नहीं धकेला जाएगा। उपराज्यपाल ने निर्देश दिए कि बिना सोचे-समझे बड़े पैमाने पर सीलिंग अभियान चलाने के बजाय उन इमारतों की विशेष जांच की जाए, जहां प्रथम दृष्टया ऊंचाई और मंजिलों से जुड़े नियमों का उल्लंघन दिखाई देता है। सरकार का जोर एक तरफ अवैध और असुरक्षित निर्माणों पर कार्रवाई करने और दूसरी तरफ छात्रों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने पर रहेगा, ताकि सुरक्षा अभियान के कारण हजारों छात्रों के सामने आवास का संकट पैदा न हो।

सत्य निकेतन हादसे के बाद छात्रों के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित आवास व्यवस्था तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। राजधानी में छात्रों की संख्या और उपलब्ध हॉस्टल सुविधाओं के बीच बड़े अंतर को देखते हुए शहरी विकास मंत्री आशीष सूद के नेतृत्व में एक विशेष समिति गठित की गई है। यह समिति संस्थागत पीजी से जुड़े दिशा-निर्देशों की समीक्षा करेगी और विश्वविद्यालयों, एमसीडी तथा डीडीए के माध्यम से नए छात्र आवास विकसित करने की संभावनाएं तलाशेगी। डीडीए और एमसीडी की खाली पड़ी इमारतों के साथ-साथ डीडीए के मौजूदा हाउसिंग स्टॉक को छात्रों के आवास के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं, इसकी भी व्यवहार्यता जांची जाएगी।

बैठक में डीडीए और भूमि एवं विकास कार्यालय को विश्वविद्यालयों के नए हॉस्टल निर्माण में जरूरी सहयोग देने के निर्देश भी दिए गए हैं। विश्वविद्यालयों को एनओसी, आवश्यक मंजूरियां और फ्लोर एरिया रेश्यो बढ़ाने से जुड़े मामलों में मदद की जाएगी, ताकि आधुनिक और सुरक्षित हॉस्टलों का निर्माण तेजी से शुरू हो सके। सरकार ने साफ किया है कि भवनों की सुरक्षा जांच फिलहाल उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके साथ ही एमसीडी को शहर में चल रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसे निर्माणों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, हादसे में घायल लोगों और उनके परिवारों से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर मुलाकात की और बेहतर इलाज तथा हरसंभव सरकारी मदद का भरोसा दिया। प्रशासन अब पीजी में रहने वाले छात्रों तक सीधे पहुंचकर उनकी समस्याओं और शिकायतों की जानकारी जुटाएगा। इसके लिए पहले से गठित डीएम, डीसीपी और एमसीडी अधिकारियों की संयुक्त समिति को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली में रह रहे छात्रों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार करने की भी योजना है, जिससे उनकी सुरक्षा, आवास और अन्य समस्याओं पर बेहतर तरीके से काम किया जा सके। सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार का यह पूरा अभियान राजधानी के पीजी और छात्र आवास व्यवस्था में बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।


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