दिल्ली में फायर सर्विस को मिलेगी नई ताकत, 5 इलाकों में फायर स्टेशन के लिए मिली जमीन
टेन न्यूज़ नेटवर्क
New Delhi News (30 August 2026): दिल्ली में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आबादी के दबाव को देखते हुए अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने राजधानी के 21 संवेदनशील स्थानों पर नए फायर स्टेशन के लिए जमीन की मांग की थी। इस दिशा में शुरुआती कदम के तौर पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने 5 स्थानों पर जमीन चिन्हित कर दिल्ली फायर सर्विस को सौंप दी है। चीफ फायर ऑफिसर (CFO) एके मलिक के अनुसार, इन जगहों में गालिकपुर, झटिकरा, बेगूसराय, ढांसा और निजामपुर शामिल हैं। इन स्थानों पर अगले साल से नए फायर स्टेशन बनाने का काम शुरू किए जाने की तैयारी है।
नए फायर स्टेशनों का सबसे बड़ा फायदा बाहरी और ग्रामीण दिल्ली के इलाकों में आपात स्थिति के दौरान दमकल की गाड़ियों के रिस्पॉन्स टाइम को कम करने के रूप में सामने आएगा। फायर सर्विस के मुताबिक आग लगने के शुरुआती 5 से 10 मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और इस दौरान दमकल की टीम मौके पर पहुंच जाए तो आग को बड़े हादसे में बदलने से रोका जा सकता है। 48 गांवों के शहरीकरण के बाद इन क्षेत्रों में आबादी और निर्माण गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। ऐसे में नए फायर स्टेशन आसपास के ग्रामीण और नए विकसित हो रहे शहरी इलाकों को बेहतर अग्निशमन कवरेज देने के साथ जान-माल और संपत्ति के नुकसान को कम करने में मदद करेंगे।
इसके अलावा दिल्ली में 8 अन्य फायर स्टेशनों के निर्माण को भी मंजूरी मिल चुकी है। इनका निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किया जा रहा है और विभाग के मुताबिक इन्हें अगले 6 महीने के भीतर तैयार करने का लक्ष्य है। प्रस्तावित स्टेशनों में रोहिणी सेक्टर-41, गीता कॉलोनी, यमुना विहार, द्वारका सेक्टर-3, द्वारका सेक्टर-20, नरेला IFC, गाजीपुर IFC और चंद्रावल वाटर वर्क्स शामिल हैं। इन स्टेशनों के शुरू होने से राजधानी के रिहायशी, व्यावसायिक और औद्योगिक इलाकों में फायर कवरेज का दायरा बढ़ेगा और मौजूदा स्टेशनों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
दिल्ली मास्टर प्लान-2021 के मानकों के अनुसार पूरी राजधानी को पर्याप्त अग्निशमन कवरेज देने के लिए कम से कम 100 फायर स्टेशन होने चाहिए, जबकि वर्तमान में 71 फायर स्टेशन संचालित हैं। यानी विभाग को अभी करीब 29 और स्टेशनों की जरूरत है। तेजी से विकसित हो रही कॉलोनियों, औद्योगिक क्षेत्रों और बहुमंजिला इमारतों की बढ़ती संख्या के कारण यह कमी लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। सरकार ने नए स्टेशनों के निर्माण के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बजट में प्रावधान किए हैं, ताकि जमीन और निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ दिल्ली फायर सर्विस के सामने मैनपावर की कमी भी बड़ी चुनौती है। विभाग के मुताबिक करीब 12,500 कर्मचारियों की जरूरत है, जबकि मौजूदा संख्या लगभग 2,480 है। इस कमी को दूर करने के लिए करीब 10,743 फायरकर्मियों की भर्ती की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार भर्ती के बाद चयनित कर्मियों को आधुनिक अग्निशमन उपकरणों और तकनीकों का प्रशिक्षण देकर नए और निर्माणाधीन स्टेशनों पर तैनात किया जाएगा। CFO एके मलिक ने कहा कि नए स्टेशनों के लिए जमीन मिलने से प्रक्रिया को गति मिलेगी और इनके संचालन के बाद आपात स्थिति में घटनास्थल तक पहुंचने का समय कम करने में मदद मिलेगी।
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