EPCH ने IHGF दिल्ली मेले की भागीदारी दरों में की बड़ी कटौती; अधिक खरीदार जुटाने, उत्पाद नवाचार और निर्यात वृद्धि पर जोर
मुरादाबाद, 21 अगस्त 2026: हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (EPCH) ने आगामी IHGF दिल्ली मेला–ऑटम 2026 को अधिक प्रतिस्पर्धी, व्यापक और व्यावसायिक रूप से प्रभावी बनाने के लिए प्रदर्शकों की भागीदारी दरों में महत्वपूर्ण कटौती की घोषणा की है। परिषद ने साथ ही हस्तशिल्प निर्यात में 20 प्रतिशत वृद्धि के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को आकर्षित करने, उत्पाद नवाचार, बेहतर डिजाइन और प्रभावी स्टॉल प्रस्तुति पर विशेष जोर दिया है।
इस संबंध में शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को EPCH कार्यालय, मुरादाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें आगामी IHGF दिल्ली मेला–ऑटम 2026 तथा भारतीय हस्तशिल्प निर्यात को मजबूत बनाने के लिए परिषद की विभिन्न पहलों की जानकारी दी गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में EPCH के अध्यक्ष नीरज खन्ना, महानिदेशक एवं मुख्य मार्गदर्शक राकेश कुमार, फेयर प्रेसिडेंट एवं COA सदस्य अवधेश अग्रवाल, मुख्य संरक्षक MHEA नजमुल इस्लाम, फेयर वाइस प्रेसिडेंट सलमान आज़म, COA सदस्य रत्नि दुग्गल सहित हस्तशिल्प उद्योग और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के अनेक प्रमुख प्रतिनिधि एवं निर्यातक उपस्थित रहे। फिरोजाबाद, नोएडा और आगरा सहित विभिन्न शहरों के सदस्य ऑनलाइन माध्यम से भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।
IHGF दिल्ली मेले की भागीदारी दरों में बड़ी कटौती
मीडिया को संबोधित करते हुए EPCH अध्यक्ष नीरज खन्ना ने आगामी IHGF दिल्ली मेले के लिए प्रदर्शकों को बड़ी वित्तीय राहत देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि भागीदारी शुल्क में ₹6,000 प्रति वर्ग मीटर की कमी की गई है।
खन्ना ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य मेले में निर्यातकों की भागीदारी को अधिक सुलभ और प्रतिस्पर्धी बनाना है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब भारतीय हस्तशिल्प उद्योग अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने और नए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि EPCH ने हस्तशिल्प निर्यात में 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया है। भागीदारी शुल्क में कटौती से प्रदर्शकों को निश्चित रूप से वित्तीय राहत मिलेगी, लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब निर्यातक इस अवसर का रणनीतिक रूप से उपयोग करते हुए अधिक खरीदारों को आकर्षित करें और बेहतर व्यावसायिक अवसरों में परिवर्तित करें।
उन्होंने प्रदर्शकों से उत्पाद डिजाइन, नवाचार, मर्चेंडाइजिंग और आकर्षक स्टॉल प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया, ताकि भारतीय हस्तशिल्प की गुणवत्ता, विविधता और नवीनता अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत की जा सके।
निर्यातकों से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित करने की अपील
EPCH के महानिदेशक एवं मुख्य मार्गदर्शक राकेश कुमार ने ऑनलाइन माध्यम से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भागीदारी दरों में कमी के निर्णय का स्वागत किया और इसे निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण सहयोग बताया।
उन्होंने कहा कि केवल परिषद के प्रयासों पर निर्भर रहने के बजाय प्रत्येक प्रदर्शक को खरीदारों को मेले तक लाने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि मेले में भाग लेने वाला प्रत्येक निर्यातक व्यक्तिगत रूप से कम से कम 5 से 10 संभावित अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को IHGF दिल्ली मेले में आने के लिए आमंत्रित करे।
कुमार ने कहा कि यदि प्रदर्शक संगठित और सक्रिय रूप से खरीदार संपर्क अभियान चलाते हैं, तो मेले की व्यावसायिक क्षमता और अधिक बढ़ेगी। इससे भारत को हस्तशिल्प और लाइफस्टाइल उत्पादों के लिए एक प्रमुख वैश्विक सोर्सिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।
सबसे अधिक खरीदार जुटाने वाले शीर्ष 10 प्रदर्शकों को मिलेगा सम्मान
इस अवसर पर फेयर प्रेसिडेंट एवं EPCH के COA सदस्य अवधेश अग्रवाल ने एक विशेष प्रोत्साहन पहल की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि IHGF दिल्ली मेला–ऑटम 2026 के लिए सबसे अधिक संख्या में खरीदारों को आमंत्रित कर उन्हें मेले तक लाने वाले शीर्ष 10 प्रदर्शकों को EPCH द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य प्रदर्शकों को खरीदार जुटाने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना तथा मेले की अंतरराष्ट्रीय पहुंच, फुटफॉल और व्यावसायिक अवसरों को सामूहिक रूप से बढ़ाना है।
अग्रवाल ने भागीदारी दरों में कमी के निर्णय को निर्यातक समुदाय के हित में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुल्क में कमी के बावजूद IHGF दिल्ली मेले की गुणवत्ता, व्यापकता और पेशेवर मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, EPCH आगामी संस्करण को पिछले मेलों की तुलना में और अधिक प्रभावी तथा व्यावसायिक रूप से उपयोगी बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने प्रदर्शकों से उत्पादों की बेहतर प्रस्तुति, आकर्षक स्टॉल डिस्प्ले और उच्च स्तरीय व्यावसायिक सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।
निर्यात वृद्धि के लिए उद्योग की सामूहिक भागीदारी पर जोर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में EPCH, मुरादाबाद के निर्यातक समुदाय, विभिन्न उद्योग संगठनों और प्रमुख हस्तशिल्प निर्यातकों की भागीदारी ने भारतीय हस्तशिल्प निर्यात को नई गति देने और वैश्विक बाजार में इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करने के प्रति उद्योग की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि IHGF दिल्ली मेला–ऑटम 2026 केवल एक प्रमुख सोर्सिंग प्लेटफॉर्म नहीं होगा, बल्कि यह नए खरीदारों से जुड़ने, उत्पाद नवाचार को बढ़ावा देने, निर्यात वृद्धि को गति देने और भारतीय हस्तशिल्प निर्यातकों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
EPCH ने सभी निर्यातकों से कम की गई भागीदारी दरों का पूरा लाभ उठाने, अपने उत्पादों को अधिक प्रतिस्पर्धी और आकर्षक बनाने, स्टॉल प्रस्तुति के स्तर को बेहतर करने तथा संभावित अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को सक्रिय रूप से मेले में आमंत्रित करने का आह्वान किया, ताकि आगामी IHGF दिल्ली मेला–ऑटम 2026 में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाया जा सके।
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