New Delhi News (17 August 2026): दिल्ली सरकार जल्द ही ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर के विशेषज्ञों के साथ इस प्रस्तावित डिजिटल व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की है। नई प्रणाली के लागू होने के बाद कैबिनेट बैठकों से जुड़ी पूरी प्रक्रिया कागज रहित बनाने की योजना है। कैबिनेट नोट, बैठक का एजेंडा, संबंधित दस्तावेज, फैसले और कार्यवाही का रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से सुरक्षित रखा जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक कामकाज तेज होने के साथ-साथ निर्णय प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी होगी।
गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर
प्रस्तावित ई-कैबिनेट व्यवस्था में गोपनीय सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक मंत्री और अधिकारी को उसकी जिम्मेदारी के अनुसार डिजिटल पहुंच प्रदान करने की व्यवस्था हो सकती है, जिससे संबंधित व्यक्ति केवल जरूरत के दस्तावेज ही देख सकेगा। मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और विभागीय सचिव सहित अधिकृत अधिकारियों के लिए अलग-अलग स्तर की पहुंच निर्धारित की जा सकती है। इससे संवेदनशील सूचनाओं के अनधिकृत इस्तेमाल की आशंका कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही कैबिनेट प्रस्तावों को जमा करने, जांचने और मंजूरी देने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन संचालित की जा सकेगी।
बैठकों में टैबलेट से मिलेंगे सभी जरूरी दस्तावेज
ई-कैबिनेट प्रणाली के तहत कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी टैबलेट जैसे डिजिटल उपकरणों के माध्यम से जरूरी दस्तावेज देख सकेंगे। इससे बड़ी संख्या में कागजी फाइलें और प्रिंटेड दस्तावेज बैठक में ले जाने की आवश्यकता कम हो जाएगी। डिजिटल माध्यम से दस्तावेज तुरंत उपलब्ध होने के कारण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय लेने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा कैबिनेट के फैसलों के बाद संबंधित विभागों द्वारा की जा रही कार्रवाई की निगरानी भी डिजिटल माध्यम से की जा सकेगी। इससे सरकारी निर्णयों के क्रियान्वयन में समयबद्धता और अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कागजी फाइलों और रखरखाव के खर्च में आएगी कमी
दिल्ली सरकार के मुताबिक ई-कैबिनेट व्यवस्था से कागज आधारित कैबिनेट फाइलों की जरूरत लगभग समाप्त हो सकती है। इससे फाइल तैयार करने, प्रिंटिंग और दस्तावेजों को सुरक्षित रखने में होने वाले खर्च में कमी आने की संभावना है। डिजिटल रिकॉर्ड के कारण पुराने कैबिनेट फैसलों और दस्तावेजों को सुरक्षित तरीके से संग्रहित करना भी आसान होगा। सरकार का मानना है कि इससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा और प्रस्तावों के निस्तारण में लगने वाला समय घटाया जा सकेगा। इसके साथ ही निर्णयों की प्रगति पर नजर रखने के लिए एक अधिक व्यवस्थित डिजिटल व्यवस्था तैयार हो सकती है।
तकनीक आधारित शासन से जनता को सीधा लाभ पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि आधुनिक दौर में शासन-प्रशासन में तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल समय की जरूरत है। उन्होंने बताया कि देश के कई राज्यों में ई-कैबिनेट जैसी डिजिटल व्यवस्था का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है। दिल्ली सरकार भी दूसरे राज्यों के अनुभवों और उपलब्ध तकनीकी समाधानों का अध्ययन कर राजधानी के लिए सुरक्षित और प्रभावी व्यवस्था तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाना नहीं, बल्कि निर्णय लेने की गति, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। सरकार का कहना है कि बेहतर और तेज प्रशासनिक फैसलों का अंतिम लाभ सीधे दिल्ली की जनता तक पहुंचना चाहिए।
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