National News (16 August 2026): पश्चिम बंगाल की नलहाटी विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक सुमित्रो चटर्जी ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर पार्टी के भीतर कथित असहजता पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। 15 अगस्त 2026 को लिखे इस पत्र में चटर्जी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गायन को लेकर उठे विवाद पर अपनी आपत्ति जताई है। उन्होंने पत्र में कहा कि यह गीत केवल एक सामान्य रचना नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत और देशभक्ति की भावना से जुड़ा राष्ट्रीय प्रतीक है।
कांग्रेस विधायक ने अपने पत्र में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की रचना ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने ऋषि अरविंद के विचारों का हवाला देते हुए लिखा कि यह गीत देशभक्ति के भाव से जुड़ा था और इसके प्रभाव ने कई क्रांतिकारियों को प्रेरित किया। पत्र में खुदीराम बोस जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का भी उल्लेख किया गया है। चटर्जी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में बलिदान देने वाले लाखों लोगों की विरासत से जुड़े इस गीत के प्रति किसी भी तरह की असहजता उन्हें पीड़ा पहुंचाती है।
पत्र में कांग्रेस विधायक ने ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1905 के बनारस कांग्रेस अधिवेशन में इस गीत के पूर्ण रूप का गायन हुआ था और 1909 में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने भी अपने राजद्रोह के मुकदमे के दौरान अदालत परिसर में इसका उल्लेख किया था। उन्होंने यह भी लिखा कि 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवींद्रनाथ ठाकुर ने अपनी धुन में इस गीत का गायन किया था। चटर्जी ने इन घटनाओं के जरिए यह तर्क रखा कि ‘वंदे मातरम्’ किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता संघर्ष से जुड़ी साझा राष्ट्रीय स्मृति है।
चटर्जी ने पत्र में 1937 के एक राजनीतिक समझौते का भी उल्लेख किया और कांग्रेस नेतृत्व के मौजूदा रुख पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इतिहास के कुछ प्रसंगों में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर समझौते किए गए थे और आज भी उस दौर की छाप पार्टी के व्यवहार में दिखाई देती है। उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस के छात्र संगठन ‘पश्चिम बंगाल छात्र परिषद’ के ‘मंत्र बोलेर संगीते-वंदे मातरम्’ जैसे नारे का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जिस गीत को संगठन के कार्यकर्ता अपने नारों में शामिल करते हैं, उसी को लेकर पार्टी के शीर्ष स्तर पर असहजता क्यों दिखाई दे रही है।
अपने पत्र के अंत में सुमित्रो चटर्जी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ किसी राजनीतिक दल की पैतृक संपत्ति नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक स्मृति और बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की शाश्वत विरासत है। उन्होंने सोनिया गांधी से इस मामले पर आत्ममंथन करने और अपने व्यवहार के लिए देशवासियों, विशेषकर पश्चिम बंगाल की जनता से बिना किसी शर्त के माफी मांगने का आग्रह किया। चटर्जी ने पत्र में लिखा कि इतिहास किसी को माफ नहीं करता और जो नेतृत्व अपनी स्वतंत्रता-स्मृतियों का सम्मान नहीं करता, वह इतिहास में विस्मृति के अंधकार में चला जाता है। इस पत्र के सामने आने के बाद ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस के भीतर मतभेद और राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।