केंद्रीय बजट पर वित्त मंत्री का जवाब: कृषि, MSME और ग्रामीण समृद्धि पर आधारित बजट

टेन न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली (11 फरवरी 2025): लोकसभा में केंद्रीय बजट 2025-26 पर सामान्य चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार की प्राथमिकताओं और योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह बजट वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बदलते मैक्रो-इकोनॉमिक परिवेश के बीच आया है, जहां सरकार कृषि, MSME, निवेश और निर्यात को आर्थिक विकास के प्रमुख इंजन बनाने पर जोर दे रही है।

वित्त मंत्री ने बताया कि इस बजट का मुख्य फोकस “गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी” पर है। उन्होंने कहा कि सरकार नई योजनाओं और संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि लाने और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्रयासरत है। इसके तहत कृषि उत्पादन, छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME), निवेश और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।

वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने प्रभावी पूंजीगत व्यय (Effective Capital Expenditure) को 4.3% और राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को 4.4% जीडीपी पर रखा है। उन्होंने कहा कि यह संकेत करता है कि सरकार द्वारा उधार ली गई पूरी राशि प्रभावी पूंजीगत व्यय के वित्तपोषण और पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए उपयोग की जा रही है, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक विकास को बल मिलेगा।

कृषि क्षेत्र को लेकर वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार देश के सबसे पिछड़े 100 जिलों में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए नई नीतियों और योजनाओं को लागू किया जा रहा है, ताकि देश में खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।

उन्होंने यह भी बताया कि 2014 से पहले देश के लगभग 45% घरों में एलपीजी कनेक्शन या स्वच्छ ईंधन की सुविधा नहीं थी, लेकिन अब लगभग 32 करोड़ घरों तक, यानी करीब 100% घरों तक खाना पकाने का स्वच्छ ईंधन पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि 10.3 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 503 रुपये में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।

वित्त मंत्री ने सरकार के सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद यह चौथा बड़ा कदम है जिससे मंत्रालयों की परिचालन दक्षता में सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले मंत्रालयों को छोटे-छोटे खर्चों के लिए मंजूरी लेनी पड़ती थी, लेकिन अब वे अधिक सशक्त हो गए हैं, जिससे धन के वितरण में तेजी आई है और विकास कार्यों को गति मिली है।

उन्होंने BSNL को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। वित्त मंत्री ने बताया कि 2019 में BSNL को 69,000 करोड़ रुपये, 2022 में 1.64 लाख करोड़ रुपये और 2023 में 89,047 करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया था। इससे BSNL इतना सक्षम हुआ कि उसने पूरे देश में 50,000 से अधिक 4G साइटें स्थापित की हैं, जिससे डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिला है।

निर्यात को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार वैश्विक बाजारों में भारत की उपस्थिति बढ़ाने के लिए निर्यातकों को नए अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि MSME सेक्टर को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए नई योजनाएं शुरू की गई हैं, ताकि भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान मिले और व्यापार संतुलन बेहतर हो।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नई नीतियों पर काम किया जा रहा है, जिससे गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सके।

अंत में, वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट समावेशी विकास को बढ़ावा देने वाला है और भारत को एक आत्मनिर्भर, आधुनिक और वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विपक्ष से इस बजट का समर्थन करने और राष्ट्र के विकास में योगदान देने की अपील की।

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