जेलों में अप्राकृतिक मौत पर अब मिलेगा मुआवजा, दिल्ली सरकार ने लागू की नई योजना

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (02 अगस्त 2026): दिल्ली सरकार ने राजधानी की जेलों में अभिरक्षा (कस्टडी) के दौरान होने वाली अप्राकृतिक मौतों के मामलों में मृतक कैदियों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए नई मुआवजा योजना लागू की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई यह योजना पीड़ित परिवारों को समयबद्ध राहत देने के साथ-साथ जेल प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता को भी मजबूत करेगी।

गृह (सामान्य) विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस योजना का नाम “दिल्ली जेलों में कैदियों की मृत्यु होने पर मुआवजा भुगतान योजना-2025” रखा गया है। योजना के तहत विभिन्न परिस्थितियों में 5 लाख रुपये से लेकर 7.5 लाख रुपये तक का मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है।

किन मामलों में कितना मिलेगा मुआवजा?

योजना के अनुसार यदि किसी कैदी की मौत जेल के भीतर आपसी झगड़े या जेल कर्मियों द्वारा कथित मारपीट अथवा यातना के कारण होती है, तो उसके निकटतम परिजन या वैधानिक उत्तराधिकारी को 7.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

वहीं, जेल अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही, चिकित्सा या पैरामेडिकल स्टाफ की लापरवाही अथवा आत्महत्या के मामलों में 5 लाख रुपये का मुआवजा निर्धारित किया गया है।

इन मामलों पर लागू नहीं होगी योजना

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल उन मामलों में लागू होगी, जिनमें अधिसूचना जारी होने की तिथि या उसके बाद दिल्ली की किसी जेल में अप्राकृतिक मृत्यु हुई हो।

प्राकृतिक मृत्यु, बीमारी से हुई मौत, जेल से फरार होने या वैध हिरासत से भागने के दौरान हुई मृत्यु तथा प्राकृतिक आपदा या अन्य विपदा के कारण हुई मौत इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगी।

जांच और मुआवजा प्रक्रिया होगी पारदर्शी

योजना के तहत प्रत्येक मामले में संबंधित जेल अधीक्षक को मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु का अंतिम कारण, कैदी का चिकित्सा इतिहास तथा मृत्यु से पहले उपलब्ध कराए गए उपचार का पूरा विवरण महानिदेशक (कारागार) को भेजना होगा।

महानिदेशक (कारागार) की अध्यक्षता में गठित समिति सभी दस्तावेजों की समीक्षा करेगी। समिति की अनुशंसा के बाद प्रशासनिक सचिव के समक्ष मुआवजा स्वीकृति का प्रस्ताव भेजा जाएगा। भुगतान होने के बाद इसकी सूचना राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को भी भेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार कानून के शासन, मानवीय गरिमा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अभिरक्षा के दौरान किसी भी व्यक्ति की अप्राकृतिक मृत्यु अत्यंत गंभीर मामला है और ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच, जवाबदेही तथा विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि नई मुआवजा योजना का उद्देश्य पीड़ित परिवारों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराना और जेल प्रशासन को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाना है, ताकि प्रत्येक मामले में न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

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