डेढ़ वर्षीय मासूम ने निगला नट-बोल्ट, बिना सर्जिकल चीरे के डॉक्टरों ने बचाई जान

टेन न्यूज नेटवर्क

Noida News (31/07/2026): नोएडा में चिकित्सकों की सतर्कता और त्वरित चिकित्सा ने एक डेढ़ वर्षीय मासूम की जान बचा ली। खेल-खेल में बच्चे ने धातु का नट और बोल्ट निगल लिया, जिससे उसकी जान पर गंभीर खतरा मंडरा गया। परिजन उसे तत्काल सेक्टर-30 स्थित स्नातकोत्तर बाल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संस्थान (चाइल्ड पीजीआईसीएच) लेकर पहुंचे, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बिना किसी सर्जिकल चीरे के एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के माध्यम से दोनों धातु की वस्तुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

खेलते समय हुई लापरवाही, बढ़ गया खतरा

जानकारी के अनुसार, डेढ़ साल का बच्चा घर में खेल रहा था। इसी दौरान उसने धातु का नट और बोल्ट मुंह में डाल लिया और निगल गया। घटना का पता चलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। बिना समय गंवाए वे बच्चे को चाइल्ड पीजीआईसीएच लेकर पहुंचे, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने तत्काल उसकी जांच शुरू की।

जांच में भोजन नली में फंसी मिली धातु की वस्तुएं

नाक, कान एवं गला (ईएनटी) विभाग की टीम ने बच्चे की चिकित्सीय जांच और आवश्यक परीक्षण किए। जांच में स्पष्ट हुआ कि नट और बोल्ट भोजन नली (इसोफेगस) में फंसे हुए हैं। चिकित्सकों के अनुसार यदि इन्हें समय रहते नहीं निकाला जाता, तो भोजन नली में गंभीर चोट, संक्रमण, सांस लेने में रुकावट या अन्य जटिलताएं उत्पन्न हो सकती थीं।

बिना चीरा लगाए सफल रही एंडोस्कोपिक प्रक्रिया

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बच्चे को तुरंत ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। सामान्य एनेस्थीसिया देने के बाद डॉक्टरों ने रिजिड इसोफैगोस्कोपी (Rigid Esophagoscopy) तकनीक का उपयोग किया। इस आधुनिक प्रक्रिया में मुंह के रास्ते विशेष धातु की नली और कैमरे की सहायता से भोजन नली के भीतर पहुंचकर फंसी हुई वस्तुओं को सीधे देखा जाता है और विशेष उपकरणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में शरीर पर किसी भी प्रकार का चीरा लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

विशेषज्ञ टीम ने दिखाई तत्परता

अस्पताल के ईएनटी विभाग में डॉ. अभिषेक के नेतृत्व में वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. संध्या और डॉ. सिमरन की टीम ने बेहद सावधानी और दक्षता के साथ नट और बोल्ट को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। प्रक्रिया के बाद बच्चे की हालत पूरी तरह स्थिर रही। कुछ समय तक चिकित्सकीय निगरानी में रखने के बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

डॉक्टरों की अपील: छोटे सामान बच्चों की पहुंच से रखें दूर

चिकित्सकों ने अभिभावकों से अपील की है कि घर में मौजूद नट-बोल्ट, सिक्के, बटन, बैटरी, चुंबक और खिलौनों के छोटे हिस्सों जैसी वस्तुओं को बच्चों की पहुंच से दूर रखें। डेढ़ से तीन वर्ष की उम्र के बच्चे अक्सर चीजों को मुंह में डालने की आदत के कारण ऐसे हादसों का शिकार हो जाते हैं।

डॉक्टरों ने यह भी सलाह दी कि यदि किसी बच्चे द्वारा कोई वस्तु निगलने की आशंका हो, तो उसे घर पर निकालने का प्रयास बिल्कुल न करें। ऐसे प्रयास से वस्तु और नीचे जा सकती है या श्वास नली में पहुंचकर जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती है। ऐसे मामलों में बिना देरी किए निकटतम विशेषज्ञ अस्पताल पहुंचना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है।

समय पर इलाज बना जीवन रक्षक

विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी वस्तु निगलने के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर अस्पताल पहुंचने और विशेषज्ञ टीम की त्वरित कार्रवाई के कारण इस मासूम की जान बचाई जा सकी। यह मामला अभिभावकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण सीख है कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति थोड़ी सी सावधानी बड़े हादसों को टाल सकती है।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.


Discover more from टेन न्यूज हिंदी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

टिप्पणियाँ बंद हैं।