टॉय बिज़ इंटरनेशनल 2026 में 400 भारतीय ब्रांडों का जलवा, खिलौना उद्योग को नई उड़ान
टेन न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली (28 जुलाई 2026): भारत के खिलौना उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में आयोजित 17वीं टॉय बिज़ इंटरनेशनल बी2बी प्रदर्शनी में 400 भारतीय खिलौना ब्रांडों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। 4 से 7 जुलाई 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित इस प्रदर्शनी में 40 देशों के 100 अंतरराष्ट्रीय खरीदार और करीब 30,000 व्यावसायिक आगंतुक शामिल हुए। प्रदर्शनी का उद्देश्य भारतीय खिलौनों को बढ़ावा देना, घरेलू बिक्री और निर्यात के नए अवसर उपलब्ध कराना तथा उद्योग के लिए वैश्विक नेटवर्किंग को मजबूत करना था।
लोकसभा में एक लिखित उत्तर में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि भारत सरकार ने खिलौना उद्योग की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हालांकि, वर्तमान में देश में खिलौनों के लिए कोई अलग समर्पित नीति नहीं है।
सरकार ने राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPT) के तहत 21 कार्य बिंदुओं वाली व्यापक रणनीति तैयार की है, जिसमें 14 मंत्रालय और विभाग समन्वय कर रहे हैं। इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपरा पर आधारित खिलौनों के विकास को बढ़ावा देना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना, असुरक्षित एवं निम्न गुणवत्ता वाले आयातित खिलौनों पर रोक लगाना तथा घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करना है।
सरकार ने फरवरी 2020 में खिलौनों पर मूल सीमा शुल्क (BCD) को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया, जिसे 2023 में बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के पुर्जों पर भी वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में सीमा शुल्क बढ़ाया गया। इसके अलावा, 1 जनवरी 2021 से खिलौनों के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO) लागू किया गया, जिसके तहत भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) अब तक घरेलू निर्माताओं को 1,800 से अधिक और विदेशी निर्माताओं को 50 से अधिक लाइसेंस जारी कर चुका है।
सरकार के अनुसार, इन पहलों का सकारात्मक असर भी देखने को मिला है। वर्ष 2019 में जहां घरेलू बाजार में केवल 33 प्रतिशत खिलौने ही बीआईएस गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते थे, वहीं 2025 के सर्वेक्षण में यह आंकड़ा बढ़कर 95 प्रतिशत हो गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत खेल आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है। एनसीईआरटी ने ‘खिलौना आधारित शिक्षण’ पर पुस्तिका प्रकाशित कर स्वदेशी खिलौनों को शिक्षा का हिस्सा बनाने की पहल की है। वहीं, एमएसएमई मंत्रालय ने 18 खिलौना क्लस्टरों को मंजूरी दी है तथा वस्त्र मंत्रालय 40 खिलौना क्लस्टरों को डिजाइन और उपकरण संबंधी सहायता प्रदान कर रहा है। इसके अतिरिक्त, स्टार्टअप इंडिया के तहत 700 से अधिक खिलौना स्टार्टअप को मान्यता मिली है और RoDTEP योजना के माध्यम से 2,200 से अधिक निर्यातकों को सहायता दी गई है।
सरकार ने यह भी बताया कि भारत-यूएई CEPA, भारत-ऑस्ट्रेलिया ECTA, भारत-EFTA, भारत-ओमान, भारत-न्यूजीलैंड और भारत-ब्रिटेन जैसे व्यापार समझौतों के माध्यम से भारतीय खिलौनों को कई देशों में शून्य शुल्क बाजार पहुंच मिल रही है।
आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2018-19 की तुलना में 2025-26 में भारत के खिलौनों का आयात 37.5 प्रतिशत घटकर 371.7 मिलियन डॉलर से 232.3 मिलियन डॉलर रह गया, जबकि खिलौनों का निर्यात 89.1 प्रतिशत बढ़कर 203.5 मिलियन डॉलर से 384.7 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। सरकार का कहना है कि इन सुधारों के चलते भारत अब अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड और जर्मनी सहित कई देशों को खिलौनों का निर्यात करने वाला शुद्ध निर्यातक (Net Exporter) बनकर उभरा है।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।