दिल्ली में प्रदर्शन के बाद RAF का बड़ा फैसला, कई हथियारों के इस्तेमाल पर रोक

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (25 July 2026): दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सामने आई कमियों के बाद रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने अपने संचालन में बड़े बदलाव किए हैं। आंतरिक समीक्षा के बाद अगले आदेश तक प्रोजेक्टाइल अटैक गन (PAG), एंटी-रायट गन (ARG), इलेक्ट्रिक शॉक वाले हथियार और इलेक्ट्रिक शील्ड के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। 22 जुलाई को आईजी सीमा धुंडिया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में विरोध-प्रदर्शन के दौरान फोर्स की कार्रवाई का मूल्यांकन किया गया, जिसमें कई गंभीर कमियां सामने आने के बाद 26 सुधारात्मक उपाय लागू करने का निर्णय लिया गया।

नई व्यवस्था के तहत अब हर ऑपरेशन में बॉडी-वॉर्न कैमरा पहनना अनिवार्य होगा, जबकि बड़ी घटनाओं की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। इसके साथ ही इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। समीक्षा के दौरान उन वीडियो का भी संज्ञान लिया गया जिनमें कुछ सुरक्षाकर्मी कथित तौर पर भीड़ से हट चुके लोगों पर बल प्रयोग करते दिखाई दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेही और निगरानी दोनों को मजबूत किया जाएगा।

समीक्षा बैठक में आईजी सीमा धुंडिया ने प्रदर्शन के दौरान आरएएफ के कामकाज पर असंतोष जताते हुए कहा कि कई जवान बिना पर्याप्त ब्रीफिंग के ड्यूटी पर पहुंच गए थे, जिससे मौके पर भ्रम की स्थिति बनी। इसके बाद कमांडेंट स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी तैनाती से पहले जवानों को पूरी ऑपरेशनल जानकारी देना और ऑपरेशन समाप्त होने के बाद डीब्रीफिंग करना उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। साथ ही जिन जवानों ने आवश्यक कन्वर्जन ट्रेनिंग नहीं ली है, उन्हें भीड़ नियंत्रण की ड्यूटी पर तैनात नहीं किया जाएगा।

आरएएफ मुख्यालय ने यह भी निर्देश दिया है कि जम्मू-कश्मीर जैसे उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों से स्थानांतरित होकर आए जवानों को तब तक भीड़ नियंत्रण अभियानों में शामिल नहीं किया जाएगा, जब तक वे आरएएफ की भीड़-नियंत्रण नीति और संवेदनशील पुलिसिंग का विशेष प्रशिक्षण पूरा नहीं कर लेते। यदि मैनपावर की कमी के कारण ऐसे जवानों की तैनाती आवश्यक हो, तो पहले उन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण और ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी देना अनिवार्य होगा।

समीक्षा में यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में बल प्रयोग आरएएफ के निर्धारित मानकों और प्रशिक्षण के अनुरूप नहीं था। इसके बाद अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी कार्रवाई से पहले भीड़ की स्थिति का आकलन किया जाए, जहां संभव हो पहले चेतावनी दी जाए और केवल स्वीकृत प्रक्रियाओं के तहत ही न्यूनतम आवश्यक बल का प्रयोग किया जाए। साथ ही सभी जवानों को सुरक्षा उपकरण, विशेष रूप से सही तरीके से फिट और लॉक किए गए हेलमेट वाइजर पहनकर ही ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ मानवाधिकारों और पेशेवर मानकों का भी पालन सुनिश्चित किया जा सके।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.


Discover more from टेन न्यूज हिंदी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

टिप्पणियाँ बंद हैं।