New Delhi News (25 जुलाई 2026): देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में हुई कथित अनियमितताओं और उसके बाद उपजे देशव्यापी जनाक्रोश के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए अपने त्यागपत्र में उन्होंने पिछले चार दशकों से शिक्षा क्षेत्र में अपने योगदान और युवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। प्रधान ने कहा कि उनका सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त और समावेशी शिक्षा व्यवस्था ही राष्ट्र की आधारशिला होती है, लेकिन हालिया परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह कदम उठाया है।
धांधली के बाद रद्द हुई थी परीक्षा
उल्लेखनीय है कि 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी थी और परीक्षा को रद्द कर दिया था। इसके बाद ‘होल ऑफ गवर्नमेंट एप्रोच’ के तहत राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के सहयोग से 21 जून 2026 को पुनः परीक्षा आयोजित की गई। साथ ही, भविष्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अगले वर्ष से इस परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था।

केंद्रीय मंत्री ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि 16 जुलाई को घोषित हुए NEET-UG के परिणाम काफी संतोषजनक रहे, जिसमें गरीब और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले कई मेधावी छात्रों ने सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प किसी भी परीक्षा माफिया को छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न करने देने का था। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों द्वारा छात्रों को गुमराह करने और व्यवस्था में बाधा डालने के प्रयासों से उनका मन अत्यंत व्यथित हुआ है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और राष्ट्रविरोधी ताकतों का खतरा
इस्तीफे के पीछे की मुख्य वजह बताते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों से जंतर-मंतर और देश के विभिन्न हिस्सों में जो स्थिति बनी हुई है, वह चिंताजनक है। उन्हें इस बात का अंदेशा था कि देश में बने इस असंतोष का लाभ कुछ राष्ट्रविरोधी ताकतें उठा सकती हैं, जिससे देश की एकता और शांति को खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की बात नहीं है, बल्कि छात्रों के करियर और देश की युवाशक्ति को किसी भी तरह के भ्रम के कुचक्र से बचाना उनकी प्राथमिकता है।
ओडिशा और देशसेवा का दोहराया संकल्प
शिक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई कि उनके इस्तीफे के बाद छात्र कानूनी पेचीदगियों और राजनीतिक बयानबाजी से दूर रहकर अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अपने सहकर्मियों और मंत्रालय के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। अंत में, प्रभु श्री जगन्नाथ जी का स्मरण करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए पूरी तरह समर्पित रहेंगे।

प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।