CJP Protest: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर AAP का केंद्र सरकार पर हमला
टेन न्यूज नेटवर्क
New Delhi News (20 जुलाई 2026): जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन और संसद मार्च को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी, लेकिन सरकार ने उनसे बातचीत करने के बजाय सख्त कार्रवाई का रास्ता अपनाया।
AAP सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों की प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी, लेकिन सरकार ने उनसे संवाद करने के बजाय मार्च को धारा 163 के तहत अवैध घोषित कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों, जिनमें बड़ी संख्या में युवा और छात्र शामिल थे, पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और उनके साथ कठोर व्यवहार किया गया। संजय सिंह ने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही तो इसका राजनीतिक असर देखने को मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार का रवैया उसके बढ़ते अहंकार को दर्शाता है और लोकतांत्रिक विरोध का सम्मान किया जाना चाहिए।
AAP नेता गोपाल राय ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार की जवाबदेही तय करना था और प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री को पद से हटाने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को हटाया गया, छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उन्होंने अभिजीत दीपिके की तत्काल रिहाई की भी मांग की।
गोपाल राय ने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए। उनका आरोप था कि सरकार अहंकार में लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है।
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने आरोप लगाया कि सरकार ने इतने दिनों में सोनम वांगचुक से बातचीत के लिए किसी प्रतिनिधि को नहीं भेजा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार विरोध प्रदर्शन को रोकने में लगाए गए प्रयासों जितनी गंभीरता परीक्षा व्यवस्था सुधारने में दिखाती, तो पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता था। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और सरकार का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि प्रदर्शन में करीब दो से ढाई लाख लोग शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सरकार के खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश का संकेत है और इसे सरकार की “उल्टी गिनती की शुरुआत” बताया।
वहीं, AAP विधायक संजीव झा ने कहा कि सड़कों पर युवाओं का गुस्सा अभूतपूर्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया जैसे वे किसी दुश्मन देश के नागरिक हों। उन्होंने कहा कि सरकार को बल प्रयोग के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि मार्च को धारा 163 का हवाला देकर अवैध घोषित किया गया तथा प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। नेताओं ने केंद्र सरकार से छात्रों और युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करने तथा उनसे बातचीत शुरू करने की अपील की।
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।