राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव के लिए किसके नाम की चर्चा?

टेन न्यूज नेटवर्क

New Delhi News (9 जुलाई 2026): अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी कड़ी में 19 और 20 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में ट्रस्ट के नए स्थायी महासचिव के चयन, प्रशासनिक सुधारों और भविष्य की रणनीति पर व्यापक मंथन किया जाएगा।

पहले यह बैठक अयोध्या में प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसे नई दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया। बैठक में करीब 150 प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट की व्यवस्थाओं की समीक्षा, संगठनात्मक ढांचे में बदलाव और पारदर्शिता बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा होगी।

नए महासचिव के लिए बजरंग लाल बांगड़ा का नाम चर्चा में

पूर्व महासचिव चंपत राय के पद छोड़ने के बाद फिलहाल कृष्ण मोहन को अंतरिम जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब स्थायी महासचिव की नियुक्ति को लेकर संगठन के भीतर मंथन तेज हो गया है। सूत्रों के अनुसार, बजरंग लाल बांगड़ा का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति और ट्रस्ट की औपचारिक प्रक्रिया के बाद ही लिया जाएगा।

चंपत राय और गोविंद देव गिरि की मुलाकात ने बढ़ाई चर्चाएं

बुधवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने पूर्व महासचिव चंपत राय से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों के बीच लगभग दो घंटे तक बंद कमरे में चर्चा हुई। मुलाकात के बाद गोविंद देव गिरि बिना मीडिया से बातचीत किए रवाना हो गए।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले चंपत राय ने एक पत्र जारी कर अपना पक्ष सार्वजनिक किया था और अपने इस्तीफे को स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। इस घटनाक्रम ने ट्रस्ट के भीतर चल रही गतिविधियों को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

22 जुलाई की ट्रस्ट बैठक पर सबकी नजर

दिल्ली में होने वाले विचार-विमर्श के बाद 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में नए महासचिव की नियुक्ति, प्रशासनिक बदलाव और ट्रस्ट की नई कार्यप्रणाली को लेकर अंतिम निर्णय लिए जा सकते हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद यह पहली बड़ी संगठनात्मक कवायद मानी जा रही है। ऐसे में संत समाज, विश्व हिंदू परिषद और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े सभी पक्षों की निगाहें अब 19-20 जुलाई की दिल्ली बैठक और 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट बैठक पर टिकी हुई हैं।


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