मुहर्रम पर हाई अलर्ट पर दिल्ली, हजारों पुलिसकर्मी और ड्रोन से होगी निगरानी
टेन न्यूज नेटवर्क
New Delhi News (25 June 2026): मुहर्रम के अवसर पर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत कर दिया गया है। 26 जून को निकलने वाले पारंपरिक ताजिया जुलूसों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है, जिसके तहत उत्तर-पूर्वी और उत्तरी दिल्ली समेत कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए 2,000 से अधिक स्थानीय पुलिसकर्मियों के साथ अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियां भी मोर्चा संभालेंगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान राजधानी में शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहे।
सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए इस बार आधुनिक तकनीक का भी बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है। पुलिस ने जुलूस मार्गों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी के लिए 14 ड्रोन तैनात करने का निर्णय लिया है, जो आसमान से हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही फेस रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल कर संदिग्ध और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की पहचान की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है, जबकि दंगा नियंत्रण उपकरणों और त्वरित कार्रवाई टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीक और मानव संसाधन के संयोजन से सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।
दिल्ली पुलिस ने केवल सुरक्षा बलों की तैनाती तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि सामाजिक समन्वय पर भी विशेष जोर दिया है। शांति और भाईचारे का माहौल बनाए रखने के लिए थाना स्तर से लेकर डीसीपी स्तर तक अमन समितियों, धार्मिक नेताओं, स्थानीय प्रतिष्ठित नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ लगभग 21 दौर की बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठकों में जुलूस मार्ग, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सामुदायिक सहयोग ही किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी होता है।
इस वर्ष आशूरा शुक्रवार को पड़ रहा है, जिसके चलते जुमे की नमाज के बाद दोपहर लगभग तीन बजे मुख्य ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे। आयोजकों के अनुसार जामा मस्जिद और पुल बंगश से निकलने वाले प्रमुख जुलूस अलग-अलग मार्गों से गुजरते हुए पहाड़गंज में एकत्र होंगे और वहां से आगे बढ़कर जोर बाग स्थित करबला पहुंचेंगे। प्रत्येक ताजिए के साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की तैनाती भी की गई है, जो पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे। ऐसे में शुक्रवार को दिल्ली की सड़कों पर एक ओर आस्था का विशाल स्वरूप दिखाई देगा तो दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तकनीकी निगरानी का भी बड़ा परीक्षण होगा।
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