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उत्तर प्रदेश पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की आवश्यकता

जब कोई व्यक्ति दुःखी मन से न्याय की अपेक्षा लेकर पुलिस चौकी या थाने में पहुँचता है, तो उसकी पहली उम्मीद होती है कि उसकी शिकायत को गंभीरता से सुना जाएगा और विधिवत दर्ज किया जाएगा। किंतु ग्रेटर नोएडा एवं नोएडा क्षेत्र में अनेक नागरिकों का अनुभव इससे भिन्न रहा है।

अक्सर देखा गया है कि शिकायतकर्ताओं की रिपोर्ट तुरंत दर्ज नहीं की जाती। कई बार शिकायतकर्ता को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। यदि कोई नागरिक अपनी शिकायत लिखित रूप में जमा भी करता है, तो उसे प्राप्ति रसीद या शिकायत प्राप्त होने का कोई प्रमाण नहीं दिया जाता। ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता को यह भी पता नहीं चल पाता कि उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई हुई है या नहीं।

यह समस्या विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए अधिक गंभीर है। बुजुर्गों के लिए बार-बार थाने या चौकी के चक्कर लगाना कठिन होता है। इसलिए आवश्यक है कि वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों के लिए विशेष व्यवस्था बनाई जाए तथा प्रत्येक लिखित शिकायत की प्राप्ति रसीद अनिवार्य रूप से दी जाए।

यदि प्रत्येक पुलिस चौकी और थाने में शिकायत प्राप्ति की पारदर्शी व्यवस्था लागू हो जाए, तो आम जनता का विश्वास पुलिस व्यवस्था में और अधिक मजबूत होगा तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया भी अधिक जवाबदेह बनेगी।

आशा है कि उत्तर प्रदेश सरकार, पुलिस विभाग तथा संबंधित अधिकारी इस विषय पर गंभीरता से विचार करेंगे और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएंगे।

धन्यवाद।

गुरदीप सिंह लांबा
पिता: श्री अर्जन सिंह
निवासी: एसोटेक स्प्रिंगफील्ड सोसायटी
ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश

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