EPCH ने प्रधानमंत्री मोदी को ऐतिहासिक लोकतांत्रिक उपलब्धि पर बधाई दी
11 जून 2026, नई दिल्ली: हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को लगातार 4,399 दिनों तक पद पर रहते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक निरंतर सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई दी । यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण क्षण है और सतत जनविश्वास, दूरदर्शी नेतृत्व तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है ।
इस ऐतिहासिक अवसर पर बोलते हुए, ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा, “प्रधानमंत्री द्वारा लगातार 4,399 दिनों तक पद पर बने रहने की यह उपलब्धि प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का क्षण है । भारत को ‘लोकल से ग्लोबल’ तक ले जाने की उनकी दृष्टि ने हमारे हस्तशिल्प क्षेत्र को गहराई से प्रेरित किया है । भारतीय हस्तशिल्प हमारी सांस्कृतिक विरासत की आत्मा का प्रतिनिधित्व करते हैं और निर्यात, मुक्त व्यापार समझौतों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा ब्रांड इंडिया पर सरकार के मजबूत फोकस के साथ हमारे निर्यातक अब वैश्विक बाजारों तक आत्मविश्वास के साथ पहुंचने के लिए बेहतर स्थिति में हैं।”
डॉ. खन्ना ने आगे कहा कि “भारत के हालिया व्यापार समझौतों और बाजार पहुंच पहलों ने हमारे हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए नए अवसर खोले हैं । भारत-ईयू एफटीए, भारत-यूएई सीईपीए, भारत-ऑस्ट्रेलिया ईसीटीए, भारत-ओमान सीईपीए, भारत-ईएफटीए टीईपीए, भारत-यूके सीईटीए आदि जैसे समझौतों से वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की स्थिति और मजबूत होने तथा निर्यातकों को नए खरीदारों तक पहुंच बनाने में सहयोग मिलने की उम्मीद है।”
प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए, ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने कहा, “हस्तशिल्प क्षेत्र भारत के सबसे अधिक रोजगार-सृजन करने वाले और रचनात्मकता-आधारित निर्यात क्षेत्रों में से एक है, जो विभिन्न क्लस्टरों में लाखों कारीगरों, विशेष रूप से महिला उद्यमियों को सहयोग प्रदान करता है । पिछले 12 वर्षों की नीतिगत दिशा ने बाजार पहुंच, डिजिटल सशक्तिकरण और अंतरराष्ट्रीय पहुंच को मजबूत किया है । ईपीसीएच बाजारों के विविधीकरण, खरीदारों की भागीदारी बढ़ाने और विश्व बाजार में भारतीय हस्तशिल्प की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए सरकार के साथ मिलकर कार्य करता रहेगा ।”
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने बताया कि “सरकार के निर्यात-आधारित दृष्टिकोण ने निर्यात संवर्धन मिशन, ट्रेड कनेक्ट प्लेटफॉर्म, ट्रेड इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स टूल्स, ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट हब और डिजिटल व्यापार सुविधा उपायों जैसी निर्यात संवर्धन पहलों के माध्यम से हमारे हस्तशिल्प क्षेत्र को मजबूत गति प्रदान की है । ये पहल निर्यातकों, विशेष रूप से एमएसएमई और कारीगर-आधारित उद्यमों को वैश्विक बाजारों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचने, अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की उभरती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने में सक्षम बना रही हैं ।”
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