मुख्यमंत्री रहते मुझ पर अडानी को बिजली कंपनियां सौंपने का दबाव बनाया गया: केजरीवाल
टेन न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली, (5 दिसंबर 2024): आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उन पर दिल्ली की बिजली कंपनियों को अडानी समूह को सौंपने का दबाव बनाया गया था। केजरीवाल ने कहा कि अगर उन्होंने यह दबाव माना होता तो आज दिल्ली में बिजली इतनी महंगी हो जाती कि न लोग बिल भर पाते और न सरकार सब्सिडी दे पाती।
उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि अगर दिल्ली में भाजपा की सरकार बनती है, तो वह पहली कैबिनेट बैठक में बिजली कंपनियों को अडानी समूह को सौंप देगी। उन्होंने भाजपा से चुनाव से पहले यह घोषणा करने की चुनौती दी कि वह बिजली कंपनियों को अडानी को नहीं देगी।
केजरीवाल ने अडानी समूह पर महंगी बिजली बेचने का आरोप लगाया और कहा कि गुजरात में 2021 में बिजली 2.83 रुपये प्रति यूनिट थी, जिसे 2022 में 8.83 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया। उन्होंने कहा, “अगर मैंने अडानी समूह को बिजली कंपनियां सौंप दी होती, तो दिल्ली में बिजली की दरें कई गुना बढ़ जातीं।”
केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि यह दबाव न मानने के कारण ही उन्हें जेल में डाला गया। उन्होंने कहा, “मैं भाजपा को चुनौती देता हूं कि वह चुनाव से पहले घोषणा करे कि अगर उनकी सरकार बनी तो अडानी को बिजली कंपनियां नहीं दी जाएंगी।”
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