UPSC Prelims 2026: बदले पैटर्न और इंटरनेशनल सवालों ने बढ़ाई टेंशन

रंजन अभिषेक

टेन न्यूज नेटवर्क

New Delhi News (25 मई 2026): संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित प्रारंभिक परीक्षा (Prelims 2026) रविवार को दिल्ली समेत देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। राजधानी दिल्ली में सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की भारी भीड़ देखने को मिली। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा खत्म होने के बाद अभ्यर्थियों ने पेपर के स्तर को “मॉडरेट से कठिन” बताया और कहा कि इस बार बदले हुए पैटर्न ने उन्हें सबसे ज्यादा उलझाया।

पहली पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद टेन न्यूज नेटवर्क ने दिल्ली के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों से बातचीत की। अधिकांश छात्रों का कहना था कि इस बार प्रश्न केवल तथ्यों पर आधारित नहीं थे, बल्कि उन्हें घुमाकर और कॉन्सेप्ट आधारित तरीके से पूछा गया था। कई प्रश्नों में सिचुएशन बेस्ड और एनालिटिकल अप्रोच देखने को मिली, जिससे समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो गया।

अभ्यर्थियों के अनुसार इस बार परीक्षा में इंटरनेशनल रिलेशन और करेंट अफेयर्स का दबदबा साफ दिखाई दिया। अहमदाबाद प्लेन क्रैश, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, एआई समिट और वैश्विक घटनाक्रमों से जुड़े प्रश्नों ने छात्रों को सोचने पर मजबूर कर दिया। कई छात्रों ने बताया कि मॉडर्न हिस्ट्री से अपेक्षाकृत कम सवाल पूछे गए, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और समसामयिक घटनाओं पर ज्यादा फोकस रहा।

फरीदाबाद के एक परीक्षा केंद्र से बाहर निकले अभ्यर्थी ब्रजेश ने बताया कि पेपर का स्तर मॉडरेट था, लेकिन फैक्चुअल सवालों की संख्या काफी अधिक रही। उन्होंने कहा कि इस बार कॉम्प्रिहेंशन आधारित प्रश्नों को भी शामिल किया गया था, जिससे परीक्षा का पैटर्न थोड़ा बदला हुआ महसूस हुआ।

वहीं अभ्यर्थी नितेश झा ने कहा कि परीक्षा में एनालिटिकल और सिचुएशन बेस्ड प्रश्नों की संख्या बढ़ गई थी। कुछ सवाल आसान थे, लेकिन ज्यादातर प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को उलझाए रखा। उन्होंने बताया कि उन्होंने लगभग 70 से 72 सवालों का प्रयास किया।

मनीत पांडे ने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास था और इस बार पॉलिटी के सवाल सीधे पूछने के बजाय कॉन्सेप्ट आधारित तरीके से रखे गए थे। इससे प्रश्नों को समझने और सही विकल्प चुनने में अधिक समय लगा।

एक अन्य अभ्यर्थी के मुताबिक करीब 35 से 45 सवाल करेंट अफेयर्स से जुड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने विषयों की गहराई से तैयारी की थी, उनके लिए पेपर संतुलित कहा जा सकता है। उन्होंने लगभग 60 सवालों का प्रयास किया।

अभ्यर्थी नीरज कुमार ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार पेपर ज्यादा कठिन महसूस हुआ। खासकर सिचुएशन बेस्ड प्रश्नों और कन्फ्यूज करने वाले ऑप्शंस ने छात्रों की परेशानी बढ़ाई। उन्होंने कहा कि कई सवाल ऐसे थे जिनमें दो विकल्प लगभग सही लग रहे थे, जिससे निर्णय लेना कठिन हो गया।

परीक्षा के दौरान पूछे गए कुछ सवालों ने भी छात्रों का ध्यान खींचा। इनमें एक सवाल था — “X का जन्म UK में हुआ। उन्हें 2025 में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार की घोषणा के समय वे एक अमेरिकी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे। पहचानिए X कौन हैं?” ऐसे प्रश्नों ने अभ्यर्थियों की जानकारी के साथ उनकी विश्लेषण क्षमता की भी परीक्षा ली।

UPSC Prelims 2026 ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि अब परीक्षा केवल रटने की नहीं, बल्कि गहरी समझ, समसामयिक घटनाओं की पकड़ और विश्लेषणात्मक सोच की परीक्षा बन चुकी है।।


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