ट्रैफिक पुलिस एक्शन मोड में, अल्फा-1 पर बैरिकेडिंग सिस्टम में सुधार की उम्मीद बढ़ी

मेघा राजपूत, संवाददाता, टेन न्यूज नेटवर्क

Greater Noida News (20/05/2026): एक समय था जब ग्रेटर नोएडा अपनी चौड़ी और जाम-मुक्त सड़कों के लिए जाना जाता था, लेकिन बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के चलते अब शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक जाम आम समस्या बन चुका है।

परी चौक, ग्रेटर नोएडा का प्रमुख प्रवेश द्वार होने के कारण, यहां से रोज़ाना हजारों वाहन गुजरते हैं। इसी बीच अल्फा-1 गोलचक्कर, जिसे कैलाश गोलचक्कर के नाम से भी जाना जाता है, पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने पर पुलिस द्वारा अस्थायी बैरिकेडिंग की जाती है। इस व्यवस्था के चलते वाहनों को डायवर्ट कर डोमिनोज गोलचक्कर होते हुए वापस अल्फा-1 से निकाला जाता है, जिससे कई बार यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।

Traffic DCP अभय कुमार मिश्रा से टेन न्यूज नेटवर्क ने इस समस्या पर टेलीफोनिक बातचीत की, जिसमें डीसीपी ने कहा कि बताई गई समस्या का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद स्थिति का आकलन कर उचित समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को बेहतर और सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था देना उनकी प्राथमिकता है। ट्रैफिक से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और आगे भी त्वरित कदम उठाए जाएंगे।

इस दौरान DCP ट्रैफिक ने तत्काल ट्रैफिक इंस्पेक्टर अमर सिंह को मामले की जानकारी दी। ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने बताया कि अल्फा-1 गोलचक्कर (कैलाश गोलचक्कर) पर बैरिकेडिंग केवल अधिक ट्रैफिक दबाव के समय की जाती है, ताकि जाम की स्थिति न बने। उन्होंने बताया कि ऐसे समय में वाहनों को अल्फा-1 डोमिनोज गोलचक्कर की ओर डायवर्ट कर पुनः गोलचक्कर से निकाला जाता है, जिससे ट्रैफिक को नियंत्रित और सुचारू रखा जा सके।‌ ट्रैफिक इंस्पेक्टर के अनुसार, यह व्यवस्था केवल पीक ऑवर्स में लागू होती है, जबकि सामान्य दिनों में वाहन पूर्व की तरह सीधे मार्ग से आवागमन करते हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण उन्हें लगभग 300 मीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ती है। लोगों का यह भी कहना है कि एक ओर सरकार ईंधन बचत और प्रदूषण कम करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर यह ट्रैफिक व्यवस्था असुविधा का कारण बन रही है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यह गोलचक्कर वर्ष 2002–04 के बीच बनाया गया था, जब ट्रैफिक काफी कम था। लेकिन वर्तमान में बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए यहां स्थायी समाधान की आवश्यकता है। नागरिकों का सुझाव है कि इस क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण, अंडरपास या अन्य वैकल्पिक संरचनात्मक समाधान विकसित किए जाएं, जिससे ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सके।

फिलहाल ट्रैफिक पुलिस द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अस्थायी उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ते दबाव के कारण दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

आपकी राय में इस ट्रैफिक समस्या का सबसे बेहतर समाधान क्या हो सकता है? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.


Discover more from टेन न्यूज हिंदी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

टिप्पणियाँ बंद हैं।