दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए लगेंगे 13 नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन

टेन न्यूज नेटवर्क

New Delhi News (08 May 2016): राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की सटीक निगरानी और भौगोलिक खामियों को खत्म करने के लिए इस साल 13 नए Continuous Ambient Air Quality Monitoring Stations (CAAQMS) लगाए जाएंगे। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने बताया कि इनमें से 10 स्टेशन नवंबर तक चालू कर दिए जाएंगे। फिलहाल दिल्ली में 47 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन कार्यरत हैं और नए स्टेशन जुड़ने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 60 हो जाएगी। सरकार का उद्देश्य राजधानी के हर इलाके में प्रदूषण की वास्तविक स्थिति का पता लगाना है।

सरकार के मुताबिक दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) इन 13 में से 10 नए स्टेशन विकसित करेगी, जबकि बाकी तीन स्टेशन Commission for Air Quality Management (CAQM) द्वारा नियुक्त संस्थाओं के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि नए स्टेशनों के स्थानों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही उनकी घोषणा की जाएगी। इससे पहले फरवरी में भी दिल्ली सरकार ने छह नए CAAQMS का उद्घाटन किया था और अगले वित्तीय वर्ष में 14 अतिरिक्त स्टेशन लगाने की योजना घोषित की थी।

पर्यावरण मंत्री सिरसा ने कहा कि सरकार 5×5 किलोमीटर ग्रिड मॉडल पर काम कर रही है, ताकि हर 25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में एक मॉनिटरिंग स्टेशन उपलब्ध हो सके। उनका कहना है कि 2026-27 तक पूरी दिल्ली को एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग नेटवर्क से कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे राजधानी के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण के स्तर की हाइपरलोकल मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी और जरूरत के अनुसार स्थानीय स्तर पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।

पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही डेटा के प्रभावी उपयोग और उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि अधिक मॉनिटरिंग स्टेशनों से नीति निर्माण बेहतर होगा और मोहल्ला स्तर पर प्रदूषण की स्थिति समझने में मदद मिलेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को यह तय करना होगा कि इन आंकड़ों का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई के लिए किस तरह किया जाएगा।

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि इतने बड़े नेटवर्क के लिए डेटा क्वालिटी बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि यह एक महंगा निवेश है। उन्होंने मॉनिटरिंग सिस्टम की स्वतंत्र थर्ड-पार्टी जांच कराने की जरूरत बताई ताकि डेटा की विश्वसनीयता बनी रहे। वर्तमान में दिल्ली के 47 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 30 DPCC, सात भारतीय मौसम विभाग, छह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), एक केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और तीन भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।

क्या है एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन और कैसे काम करता है

एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन यानी Continuous Ambient Air Quality Monitoring Station (CAAQMS) ऐसा आधुनिक सिस्टम होता है जो हवा में मौजूद प्रदूषकों की मात्रा को लगातार मापता और रिकॉर्ड करता है। यह स्टेशन हवा में मौजूद PM2.5, PM10, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओजोन जैसी हानिकारक गैसों व कणों की निगरानी करता है। स्टेशन में लगे सेंसर और विश्लेषण उपकरण आसपास की हवा का सैंपल लेकर उसकी गुणवत्ता का विश्लेषण करते हैं और डेटा रियल टाइम में कंट्रोल सेंटर या ऑनलाइन पोर्टल पर भेजते हैं। इसी डेटा के आधार पर Air Quality Index (AQI) तैयार किया जाता है, जिससे लोगों को पता चलता है कि हवा कितनी साफ या प्रदूषित है और सरकार को प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाने में मदद मिलती है।


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