केजरीवाल के बयान पर चुनाव आयोग ने मांगे सबूत, यमुना में जहर का क्या प्रमाण है?
टेन न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली (30 जनवरी, 2025): दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार के दौरान आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल के बयान को लेकर चुनाव आयोग ने गंभीर रुख अपनाया है। केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर यमुना नदी में जहर मिलाने का आरोप लगाया था, जिससे दिल्ली में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई। इस बयान पर चुनाव आयोग ने नोटिस जारी करते हुए कई सवाल पूछे हैं और सबूत पेश करने को कहा है।
चुनाव आयोग ने केजरीवाल से 31 जनवरी 2025, सुबह 11 बजे तक जवाब देने का आदेश दिया है। आयोग ने कहा है कि:
1. हरियाणा सरकार द्वारा यमुना में कौन सा जहर मिलाया गया है, इसका विवरण दें।
2. जहर की मात्रा, प्रकार, और इसे कैसे डिटेक्ट किया गया, इसका प्रमाण पेश करें।
3. वह स्थान बताएं जहां यह जहर डिटेक्ट हुआ।
4. दिल्ली जल बोर्ड के किन इंजीनियरों ने इसे डिटेक्ट किया और कैसे?
5. वह प्रक्रिया स्पष्ट करें जिसके जरिए दिल्ली में इस जहरीले पानी को रोकने का दावा किया गया।
आयोग ने यह भी कहा कि ऐसे गंभीर आरोपों को बिना प्रमाण के प्रचारित करना राज्यों के बीच तनाव और जन अस्थिरता का कारण बन सकता है।
केजरीवाल ने हाल ही में एक बयान में हरियाणा सरकार पर आरोप लगाया था कि यमुना में जहर मिलाकर दिल्ली के पानी को विषैला बनाया जा रहा है। चुनाव आयोग ने इसे “अत्यधिक संवेदनशील समय में जनता को भ्रमित करने और राज्यों के बीच विवाद बढ़ाने” का प्रयास बताया।
आयोग ने इस मुद्दे को लेकर सरकारों और संबंधित एजेंसियों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया और कहा कि जल प्रदूषण और जल आपूर्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दायरे में आता है।
अब देखना होगा कि केजरीवाल इन सवालों का क्या जवाब देते हैं और क्या उनके पास इन आरोपों का ठोस सबूत है।।
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