New Delhi News (23 March 2026): दिल्ली के पालम इलाके में 18 मार्च को हुए हृदयविदारक अग्निकांड को लेकर विधानसभा में आज गृह मंत्री आशीष सूद ने सरकार का पक्ष विस्तार से रखा। उन्होंने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार इस मामले को केवल एक हादसा मानकर नहीं छोड़ रही, बल्कि इसके कारणों की गहराई से जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता पीड़ितों को न्याय और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए ‘वल्चर पॉलिटिक्स’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें हर बड़ी घटना के बाद जिम्मेदारी से बचती रहीं और दोषारोपण का खेल खेलती रहीं। रेखा गुप्ता के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने इस प्रवृत्ति को समाप्त कर सुधारात्मक कार्यों और जवाबदेही की संस्कृति को प्राथमिकता दी है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का सदन से अनुपस्थित रहना उनकी जवाबदेही से बचने की मानसिकता को दर्शाता है।
सूद ने पिछले वर्षों की कई प्रमुख अग्निकांड घटनाओं बवाना (2018), अर्पित होटल (2019), अनाज मंडी (2019) और मुंडका (2022) का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं में भी तत्कालीन सरकार ने जिम्मेदारी लेने के बजाय विभिन्न विभागों पर दोष मढ़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में पीड़ितों की मदद के बजाय राजनीतिक लाभ लेने की कोशिशें अधिक दिखाई दीं, जबकि वर्तमान सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है और दीर्घकालिक समाधान पर काम कर रही है।
दिल्ली फायर सर्विस के आधुनिकीकरण को लेकर गृह मंत्री ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि पिछली सरकारों ने इस क्षेत्र को पूरी तरह नजरअंदाज किया। वर्ष 2015-16 में केवल 4.72 करोड़ और 2018-19 में महज 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि वर्तमान सरकार ने इस वर्ष 180 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि 2019 के बाद ‘ब्रोंटो स्काई लिफ्ट’ जैसी आधुनिक मशीनों की खरीद की सिफारिश के बावजूद मामूली कारणों से इसे टाल दिया गया था, लेकिन अब इनकी खरीद और पुरानी मशीनों के नवीनीकरण का काम तेज़ी से किया जा रहा है।
भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने कई अहम कदमों की घोषणा की है। इनमें पुराने वायरलेस नेटवर्क को बदलकर आधुनिक VHF आधारित संचार प्रणाली लागू करना, संकरी गलियों के लिए क्विक रिस्पांस व्हीकल्स की तैनाती, थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट और अत्याधुनिक कमांड एवं कंट्रोल सेंटर की स्थापना शामिल है। अब तक 50 छोटी फायर गाड़ियाँ तैनात की जा चुकी हैं और जल्द ही 50 और शामिल की जाएंगी, जिससे आपात स्थिति में तेजी से राहत कार्य संभव हो सकेगा।
पालम अग्निकांड की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए सूद ने बताया कि जिस इमारत में आग लगी, उसके बेसमेंट में अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री रखी गई थी। भवन में बाहर से कोई सीढ़ी नहीं थी, केवल अंदर से ही ऊपर जाने का रास्ता था, जिससे लोगों के निकलने में बाधा आई। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक शटर आग लगने के दौरान खुल नहीं पाया, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। सरकार ने घटना के दो घंटे के भीतर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए थे और मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये तथा नाबालिगों के परिजनों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।
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