IHGF Delhi Fair 2026 12 श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए पुरस्कारों एवं सम्मान के साथ संपन्न
दिल्ली/एनसीआर – 18 फरवरी 2026: हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने 14 से 18 फरवरी 2026तक ग्रेटर नोएडा के अत्याधुनिक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित 61वां आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्प्रिंग 2026 आज एक भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ, इसमें मुख्य अतिथि शालिनी राजपूत, अध्यक्ष, हस्तशिल्प विकास बोर्ड, छत्तीसगढ़ की उपस्थिति में पुरस्कार वितरित किए गए। उन्होंने आईएचजीएफ दिल्ली मेला-स्प्रिंग 2026 में 12 उत्पाद श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान किए । इस महत्वपूर्ण अवसर पर निम्नलिखित गणमान्य व्यक्ति डॉ. नीरज खन्ना, अध्यक्ष, ईपीसीएच; ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार; सागर मेहता, उपाध्यक्ष, ईपीसीएच; प्रशासनिक समिति के सदस्य– अवधेश अग्रवाल, के. एन. तुलसी राव, राजेश जैन, सलमान आज़म, वरुण शर्मा, रशिम दुग्गल, मोहम्मद जुनैद, सिमरनदीप सिंह कोहली; राजेश रावत, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत की गरिमामयी उपस्थिति रही । इस मौके पर ईपीसीएच के अन्य प्रमुख सदस्य निर्यातक उपस्थित रहे।
मेले में उत्तर प्रदेश सरकार के फिल्म डेवलपमेंट काउंसिल के वाइस प्रेसिडेंट तरुण राठी और फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर अनिल शर्मा भी आए, जिन्होंने मेले में बहुत अच्छे हैंडीक्राफ्ट्स के प्रोडक्ट्स की बड़ी डिस्प्ले की तारीफ़ की ।

ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरीज खन्ना ने समापन के अवसर पर कहा, “आईएचजीएफ दिल्ली मेले के स्प्रिंग 2026संस्करण का पांच गतिविधियों से भरपूर दिनों के बाद सफलतापूर्वक समापन किया गया। ये पांच दिन गतिशीलता एवं उत्पादक व्यावसायिक संवाद के पर्याय को प्रदर्शित करते रहे। मेले ने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों, प्रमुख आयातकों, बड़े थोक विक्रेताओं, स्वतंत्र विदेशी खरीदारों, सोर्सिंग एजेंटों तथा भारत भर के प्रमुख खुदरा प्रतिष्ठानों और हस्तियों को आकर्षित किया। पूरे आयोजन के दौरान आयोजक स्थल क्रेताओं की पूछताछ, उत्पादों के आर्डर्स की पुष्टियों और नमूना की विशाल रेंज से हो रही चयन प्रक्रिया से गुलजार रहा। यह आने वाले सोर्सिंग सत्र के लिए मजबूत आधार तैयार करता है। उन्होंने अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा कि आईएचजीएफ दिल्ली मेले में सस्टेनेबिलिटी एक केंद्रीय और प्रमुख कारक की तरह उभरी, जो घरेलू, जीवनशैली, आभूषण, एसेसरीज से लेकर वस्त्र, डेकोर, फर्नीचर एवं एसेसरी सेगमेंट में पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के व्यापक प्रदर्शन में स्पष्ट रूप से देखी गयी। यह स्पष्ट था कि अधिक से अधिक प्रदर्शक एवं पर्यावरण-अनुरूप मौलिक औऱ नैतिक उत्पाद प्रक्रियाओं को अपनाने की दिशा में लगातार बढ रहे हैं। क्यूरेटेड प्रदर्शन ने सस्टेनेबिलिटी पर आधारित नए डिजाइनों को प्रदर्शित किया, जिसमें सर्कुलर डिजाइन सिद्धांतों एवं प्राकृतिक डेरिवेटिव्स, पर्यावरण-अनुकूल फाइबर, मिट्टी एवं मृदा-आधारित उत्पादों, तथा रीयूजेबल स्क्रैप एवं रीसाइकल्ड इनपुट्स के शानदार कलात्मक उपयोग को प्रदर्शित किया गया। इन सामूहिक पहलों ने निर्माण की भविष्य के प्रति संवेदनशली, दूरदर्शी एवं जिम्मेदार दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित किया। इन पहलों को खरीदारों से अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई।”
ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने टिप्पणी की, “इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट नई व्यावसायिक साझेदारियों के निर्माण के लिए एक गतिशील केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है। यह नई एवं अनुभवी अंतरराष्ट्रीय क्रेताओं तथा भारत के हैंडीक्राफ्ट निर्यातकों की दूसरी एवं तीसरी पीढ़ी के जीवंत संगम का साक्षी बन रहा है। उनकी सक्रिय भागीदारी क्षेत्र के उभरते उद्यमियों, डिजाइनरों तथा कुशल कार्यबल के विकास में सार्थक योगदान दे रही है।” उन्होंने अपनी बात को विस्तार देते हुए जोड़ा कि इस संस्करण ने गतिशील सोर्सिंग की शक्ति को पुनः स्थापित किया, जिसमें पूरे मेले के दौरान आगंतुकों का निरंतर प्रवाह देखा गया। विश्व भर से अंतरराष्ट्रीय क्रेताओं के साथ-साथ खरीद एजेंट एवं प्रमुख घरेलू खुदरा विक्रेताओं ने 900 स्थायी शोरूमों, विशाल प्रदर्शनी हॉल्स में 3000 से अधिक प्रदर्शकों के साथ ही क्यूरेटेड थीम प्रदर्शनियों तथा वैल्यू एडेड सुविधाओं की श्रृंखला के बीच संवाद और कारोबारी संबंध स्थापित किए। इस आयोजन के सफल समापन के साथ, अब हम सभी आयोजकों का ध्यान अक्टूबर में प्रस्तावित और बहुप्रतीक्षित ऑटम 2026 संस्करण पर केंद्रित हो गया है।
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने सूचित किया, “एक छत के नीचे विविध मूल्य बिंदुओं पर उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों की उपलब्धता रही । इसने विभिन्न प्रकार की क्रेता आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से संबोधित किया। खरीदारों ने पहली बार भाग लेने वाले प्रतिभागियों से नई उत्पाद श्रृंखलाओं तथा स्थापित आपूर्तिकर्ताओं से नवीन प्रस्तुतियों के बारे में जानकारी हासिल की। मेले के दौरान अनेक उत्पादों के आर्डर अंतिम रूप हासिल हुए, जबकि पोस्ट-शो फॉलो-अप्स के माध्यम से और अधिक आर्डर्स अपेक्षित हैं। इसके अलावा, इस संस्करण में सफलता की कई नई कहानियां उभरी हैं। हमने आईएचजीएफ दिल्ली मेला परिवार में नये डिजाइनर-उद्यमियों का स्वागत किया है, जिनमें सुदूर शहरों से पहली बार शामिल हुए प्रदर्शक, शिल्पियों तथा ईपीसीएच की कौशल विकास एवं डिजाइन इंटरवेंशन पहलों से पोषित हो रहे शिल्प ग्रामों के कुशल कारीगर शामिल रहे ।”
मेले के दौरान शिरकत करने वाले गरिमामय अतिथियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मेहता ने कहा, “मेले का उद्घाटन भारत सरकार के माननीय वस्त्र मंत्री गिरीराज सिंह द्वारा किया गया। इस आयोजन का दौरा उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा, कपिल देव अग्रवाल; भारत में डोमिनिकन गणराज्य के राजदूत महामहिम फ्रांसिस्को कोम्प्रेस एच.; दिल्ली के कृष्णा नगर से विधायक अनिल गोयल; हथकरघा विकास आयुक्त और भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी डॉ. बीना; तथा बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड की सीईओ और आईडीईएस अधिकारी डॉ. तनु जैन ने भी किया।”
खरीदार प्रतिक्रिया पर बोलते हुए आईएचडीएफ दिल्ली मेला- स्प्रिंग 2026 की स्वागत समिति के अध्यक्ष मोहित चोपड़ा ने पुष्टि की, “घरेलू, जीवनशैली, उपहार, फैशन, सज्जा, फर्नीचर एवं इंटीरियर सेगमेंट लगातर विकसित हो रहे हैं। इस सत्र में भावनात्मक रूप से प्रतिध्वनित डिजाइनों पर फोकस शिफ्ट देखा गया—जहां सस्टेनेबिलिटी और शिल्पकला सहज रूप से एकीकृत होती रही, सतह की बनावटें अभिव्यक्त करने वाले प्रिंट्स के साथ विलीन होती दिखीं, उत्पाद सामग्री भी परंपरा से जुड़ी कहानियां सुनाती रही। जहां साहसिक स्टेटमेंट के साथ बनाए गए उत्पाद संग्रह शानदार,आधुनिक सौंदर्य के साथ सह-अस्तित्व दिखाते हैं । आईएचजीएफ दिल्ली मेले के इस संस्करण में प्रदर्शन एवं सोर्सिंग ने स्पष्ट रूप से इन उभरते रुझानों को प्रतिबिंबित किया ।”
आईएचजीएफ दिल्ली मेला-स्प्रिंग 2026 के उपाध्यक्ष गौतम नाथनी ने इस अवसर पर कहा, “आयोजन मे हिस्सा लेने वाले खरीदार आज मेले के पहले चार दिनों तक व्यस्त रहने के बाद समापन की ओर बढ़ते दिखे। अनेक क्रेताओं ने हमारे निर्माता-प्रदर्शकों के सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने व्यक्तिगत उत्पाद सेगमेंट की व्यापक विविधता को भी सराहा। कई खरीदारों ने आयोजकों द्वारा दी गई प्री-फेयर एवं ऑन-ग्राउंड खरीदार सहायता सेवाओं की भी प्रशंसा की ।”
आईएचजीएफ दिल्ली मेला–वसंत 2026 की स्वागत समिति के उपाध्यक्ष आनंद जालान ने जोड़ा, “यूरोप, अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका एवं एशिया से विदेशी खरीदारों ने भारत के हस्तनिर्मित गुणवत्ता, प्रामाणिक शिल्पकला एवं प्रतिस्पर्धी मूल्यों की सराहना की। वस्त्र, धातु शिल्प, लकड़ी का फर्नीचर, कालीन, प्राकृतिक रेशे एवं सस्टेनेबल उत्पाद प्रमुख आकर्षण के रूप में उभरे, जिसमें हस्तनिर्मित विविधता, कस्टमाइज्ड और एथनिक अपील ने गहरी रुचि आकर्षित की। अनेक खरीदारों ने आयोजन के दौरान बताया कि मेले ने उनके सोर्सिंग नेटवर्क को मजबूत करने में सहायता की ।”
घरेलू एवं व्यावसायिक फर्नीचर में विशेषज्ञ खुदरा खरीदार मिशेल मारेक ने रीसाइकल्ड एवं अस्थायी फर्नीचर समाधानों में विशेष रुचि दिखाई। वो पिछले तीन वर्षों से मेले में भाग लेने रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयोजन में की जाने वाली उनकी भागीदारी ने उनके व्यवसाय को काफी विस्तार दिया है। ऑस्ट्रेलिया की लिंडा, प्राकृतिक फाइबर उत्पाद की सोर्सिंग करती हैं। उन्होंने बताया कि उनके कुल उत्पाद श्रृंखला का लगभग 50 प्रतिशत भारत से ही सोर्स किया जाता है, जो भारतीय उत्पादों की असाधारण शिल्पकला एवं पारंपरिक उत्पादन विधियों को रेखांकित करता है। नीदरलैंड्स के एडी वर्सानिसेन डेकोरेटिव वस्तुओं, लाइटिंग एवं फर्नीचर सोर्स करने के लिए मेले में आए। उन्होंने प्रतिस्पर्धी मूल्यों के साथ उत्पाद श्रृंखला की व्यापकता और तुलना के आसानी से मिलने वाली बहुत से विकल्प को सराहा। उन्होंने भारत को अत्यधिक कुशल बाजार, विशेष रूप से मेटल सेगमेंट में, बहुत मजबूत बताया। मेले में अपनी सोर्सिंग अनुभव को उन्होंने बहुत सकारात्मक बताया। मेले में दक्षिण अफ्रीका के वॉरेन ने भी शिरकत की । वे प्रीमियम ट्रापिकल फर्नीचर एवं लग्जरी होम डेकोर के खुदरा विक्रेता, फर्नीचर, घड़ियां, हस्तशिल्प एवं सजावटी वस्तुओं सोर्स करने के लिए आए थे । उनकी उपस्थिति भारत की उनकी सोर्सिंग रणनीति में महत्व को प्रतिबिंबित करती है।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने बताया, “लगभग 100 देशों के लगभग 5200 विदेशी खरीदारऔर उनके बाइंग रिप्रेजेंटेटिव मेले में आए, जिससे लगभग 2200 करोड़ रुपये का बिज़नेस हुआ । इसके अलावा, 1500 से ज़्यादा घरेलू वॉल्यूम खरीदार भी मेले में शामिल हुए। क्सक्सक्सलुट्ज़–जर्मनी, लैंडमार्क ग्रुप-दुबई, टीजेएक्स कंपनीज़, वीसीएनव्हाई होम, बेंजारा इंक., कलालौ इंक., लोलोई इंक., टारगेट, यूनाइटेड स्टेट्स; इंट्राटुइन-नीदरलैंड्स, कावेहोम-स्पेन, माया कलेक्टिव-कनाडा, पोमैक्स-बेल्जियम, सुगिता ऐस कंपनी-जापान, तबरेज़, द ड्रेसिंग रूम-सऊदी अरब, एमेडियस-फ्रांस, आर्टिसन फर्निचर-यूनाइटेड किंगडम, बॉहॉस प्राइवेट-ऑस्ट्रेलिया, रेटेहोम-रूस, डैंटोन-होम-रूस, मिडबार-इज़राइल जैसी कंपनियों/डिपार्टमेंटल स्टोर के विदेशी खरीदार और बाइंग रिप्रेजेंटेटिव शामिल हुए। ब्राजील-एलपी इम्पोर्ट्स, लोनलो-जापान, लेरुचे-तुर्की, ले-फोर्ज़े-न्यूजीलैंड का दौरा किया।”
रावत ने यह भी सूचित किया कि 12 उत्पाद श्रेणियों में अजय शंकर एवं पी.एन. सूरी मेमोरियल अवार्ड फॉर बेस्ट डिजाइन डिस्प्ले प्रदान किए गए। इनमें लैंप्स, लाइटिंग एवं एक्सेसरीज; होम फर्निशिंग्स एंड मेड अप्स; फैशन ज्वेलरी एंड एक्सेसरीज; डेकोरेटिव गिफ्ट्स इनक्लूडिंग कॉर्पोरेट गिफ्ट्स; बाथरूम एक्सेसरीज; कैंडल, अगरबत्ती, पोटपुरी, मेडिकेशन एंड एरोमैटिक्स; हैंडमेड पेपर, गिफ्ट रैप्स एंड रिबन इनक्लूडिंग सॉफ्ट टॉयज; सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स; हाउसवेयर, टेबल एंड डेकोरेटिव प्रोडक्ट्स; फर्नीचर, फर्नीचर हार्डवेयर एंड होम एक्सेसरीज; क्रिसमस एंड फेस्टिव डेकोरेशन्स शामिल रहे।
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।