दिल्ली में अब ई- रिक्शा चालकों की मनमानी पर लगेगी लगाम, क्या है सरकार का प्लान

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (10 February 2026): राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा को लेकर बढ़ती अव्यवस्था पर अब सरकार सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। दिल्ली सरकार ई-रिक्शा को लास्ट माइल कनेक्टिविटी के रूप में व्यवस्थित ढंग से विकसित करने और ट्रैफिक पर पड़ रहे दबाव को कम करने के लिए एक नई ई-रिक्शा नीति लाने जा रही है। यह नीति इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी के साथ लागू की जा सकती है। फिलहाल दिल्ली में 2.04 लाख से अधिक पंजीकृत ई-रिक्शा हैं, जबकि कई इलाकों में इनके संचालन पर पहले से ही रोक है।

लास्ट माइल कनेक्टिविटी की अहम कड़ी बने ई-रिक्शा

परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ई-रिक्शा मेट्रो, बस स्टैंड और कॉलोनियों के बीच आवाजाही का अहम साधन बन चुके हैं। लाखों लोगों की रोजी-रोटी इससे जुड़ी है, लेकिन बिना तय रूट और स्टैंड के चलते कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ई-रिक्शा के सही और नियंत्रित उपयोग के लिए नीति लाने पर गंभीरता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी हाल ही में बस लॉन्च कार्यक्रम के दौरान इस नीति के संकेत दे चुकी हैं।

सरकारी आंकड़ों में ई-रिक्शा की स्थिति

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2026 तक दिल्ली में कुल 2,04,131 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनमें सबसे ज्यादा रोहिणी आरटीओ में 46,150 ई-रिक्शा दर्ज हैं, जबकि सबसे कम आईपी स्टेट आरटीओ में केवल 94 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इसके अलावा वजीरपुर में 30,252, लोनी रोड में 28,858 और जनकपुरी आरटीओ में 26,661 ई-रिक्शा रजिस्टर्ड हैं। हालांकि, हकीकत में सड़कों पर इनकी संख्या इससे कहीं अधिक बताई जा रही है।

236 सड़कों पर पहले से पाबंदी

दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए पहले ही 236 प्रमुख सड़कों पर ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाई गई है। बावजूद इसके, कई जगह नियमों की अनदेखी की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई नीति के तहत ऐसे इलाकों में सख्ती बढ़ाई जा सकती है, ताकि मुख्य सड़कों पर जाम और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

रूट्स और स्टैंड होंगे तय

प्रस्तावित ई-रिक्शा नीति में पंजीकरण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तय रूट, स्टैंड, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सड़क सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों को शामिल किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक जिन इलाकों में जरूरत से ज्यादा ई-रिक्शा हैं, वहां संख्या सीमित की जाएगी, जबकि कम वाले इलाकों में संतुलन बनाया जाएगा। इसे रूट्स रेशनलाइजेशन के जरिए लागू करने की योजना है।

बिना पंजीकरण वालों को मिलेगा मौका

सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि बिना पंजीकरण चल रहे ई-रिक्शा चालकों को एक तय समयसीमा दी जाए, ताकि वे अपने वाहन रजिस्टर करा सकें। इससे एक ओर सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, तो दूसरी ओर चालकों की आजीविका पर भी सीधा असर नहीं पड़ेगा। माना जा रहा है कि नई नीति लागू होने के बाद दिल्ली में ई-रिक्शा व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और ट्रैफिक के अनुकूल हो जाएगी।।


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