जोधपुर में आर्टिफैक्ट्स-2026 का उत्साहपूर्ण माहौल के साथ सफल समापन
जोधपुर, राजस्थान | 19 जनवरी 2026: एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच) द्वारा 15 से 19 जनवरी 2026 तक ट्रेड फेसीलिटेशन सेंटर (टीएफसी), बोरानाडा, जोधपुर में आयोजित हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपो (आर्टिफैक्ट्स)-2026 के द्वितीय संस्करण का आज उत्साहजनक माहौल में समापन हुआ । पाँच दिनों के दौरान ट्रेड विज़िटर्स, खरीदारों और उपभोक्ताओं की मजबूत भागीदारी देखने को मिली । यह एक्सपो भारत के हस्तनिर्मित होम एवं लाइफस्टाइल उत्पादों के लिए एक व्यवसाय-तैयार मार्केटप्लेस के रूप में सामने आया, साथ ही “मैजिक ऑफ़ गिफ्टेड हैंड्स” थीम के अंतर्गत देश की शिल्प परंपराओं की गहराई, प्रामाणिकता और सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव भी बना ।
समापन दिवस पर अपने विचार साझा करते हुए ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा, “आर्टिफैक्ट्स-2026 के समापन पर हम खरीदार सहभागिता की गुणवत्ता, रिपीट विज़िटर फुटफॉल और विभिन्न श्रेणियों में निरंतर रुचि से उत्साहित हैं । इस संस्करण ने आर्टिफैक्ट्स को एक सार्थक मार्केटप्लेस के रूप में और मजबूत किया है, जहाँ भारत की शिल्प उत्कृष्टता को गंभीर खरीद रुचि का समर्थन मिलता है तथा ‘मैजिक ऑफ़ गिफ्टेड हैंड्स’ प्रामाणिक उत्पादों और प्रभावशाली शिल्प कथाओं के माध्यम से सामने आता है । अब हमारा फोकस कारीगरों एवं निर्यातकों के लिए प्रत्यक्ष मार्केट लिंकेंज को और मजबूत करने तथा इसे एक दीर्घकालिक घरेलू प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने पर रहेगा, जो विकास, नवाचार और आजीविका को समर्थन दे ।”
महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने बताया, “आर्टिफैक्ट्स-2026 ईपीसीएच के प्रमुख निर्यात मंचों को पूरक बनाते हुए उत्पादकों के लिए एक अतिरिक्त घरेलू मार्केट चैनल तैयार करता है, जिससे उनकी बाजार रेजिलियंस बढ़ती है । पाँच दिनों के नतीजे जोधपुर जैसे स्थापित सोर्सिंग बेस में आयोजित ऐसे क्षेत्रीय मंचों की उपयोगिता को पुनः प्रमाणित करते हैं, जो निर्माताओं को जोखिम विविधीकरण, भारत में बाजार पहुँच विस्तार तथा संस्थागत, ऑनलाइन और रिटेल खरीद सेगमेंट्स में दृश्यता मजबूत करने में मदद करते हैं । हमारा प्रयास संरचित प्लेटफॉर्म और सहयोग के माध्यम से निर्यात-गुणवत्ता वाले हस्तनिर्मित उत्पादों के लिए टिकाऊ घरेलू मांग-लिंकेंज बनाते रहना है ।”
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने कहा, “अंतिम दिन यह फिर से साबित करता है कि आर्टिफैक्ट्स का उद्देश्य मजबूत सोर्सिंग गतिविधि, वास्तविक खरीदार पूछताछ और उत्साहजनक कन्वर्ज़न है । पूरे एक्सपो के दौरान भाग लेने वाले निर्माता और शिल्प उद्यम घरेलू वॉल्यूम खरीदारों, सोर्सिंग प्रोफेशनल्स, संगठित रिटेल व ई-कॉमर्स प्रतिनिधियों, डिज़ाइनर्स और हॉस्पिटैलिटी खरीदारों सहित विविध विज़िटर प्रोफाइल से जुड़े, जिससे निरंतर पूछताछ, बातचीत और ऑन-द-स्पॉट खरीद दर्ज हुई ।”
ईपीसीएच की प्रशासनिक समिति के सदस्य निर्मल भंडारी ने कहा, “समापन दिवस की सफलता आर्टिफैक्ट्स की विशिष्ट ताकत को दर्शाती है जहाँ व्यावसायिक अवसर और सांस्कृतिक उत्सव का सुंदर संगम होता है । पाँच दिनों में लगभग 12,500 आगंतुकों ने मेले में भाग लिया । रिटेल विज़िटर्स और घरेलू वॉल्यूम खरीदारों के अलावा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के प्रतिनिधि, आर्किटेक्ट्स, डिज़ाइनर्स, ई-टेलर्स और लाइफस्टाइल सेक्टर प्रोफेशनल्स भी शामिल रहे । साथ ही एक्सपो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रुचि मिली, जिससे विभिन्न बाजारों में भारतीय हस्तनिर्मित उत्पादों की बढ़ती प्रासंगिकता और मजबूत हुई ।”
उन्होंने आगे कहा, “राजस्थानी लोक नृत्य, ‘मो हिट’ बैंड की लाइव म्यूजिकल परफॉर्मेंस तथा ‘फुटवियर डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) द्वारा प्रस्तुत फैशन शो ने विज़िटर्स को लंबे समय तक जोड़े रखा और बार-बार आने का मौका दिया, जिससे प्रदर्शकों को निरंतर फुटफॉल का प्रत्यक्ष लाभ मिला ।”

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक, राजेश रावत ने कहा, “हम गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने इस संस्करण का उद्घाटन किया । साथ ही जोगाराम पटेल, मंत्री, संसदीय कार्य, कानून और कानूनी मामलों, कानूनी सलाह और न्याय राजस्थान सरकार; जसवंत सिंह बिश्नोई, पूर्व लोकसभा सदस्य; रविंद्र सिंह भाटी, राजस्थान विधानसभा सदस्य (शेओ विधानसभा क्षेत्र); ओम प्रकाश, पुलिस आयुक्त (जोधपुर) तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों के मेले में आगमन के लिए भी आभारी हैं । गणमान्य व्यक्तियों का प्रदर्शकों से संवाद, उत्पाद प्रदर्शन की सराहना तथा आयोजन टीम का उत्साहवर्धन वास्तव में अत्यंत प्रेरणादायी रहा ।”
रावत ने आगे कहा, “इस मेले के आयोजन की अपनी चुनौतियाँ थीं, परंतु जोधपुर क्षेत्र के सदस्यों के सहयोग से यह आयोजन अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और पाँचों दिन राजस्थान की हस्तशिल्प एवं सांस्कृतिक विरासत का एक अनूठा प्रतिनिधित्व बनकर सामने आया । हमें मिली प्रतिक्रिया से हम अत्यंत प्रसन्न और उत्साहित हैं, विशेषकर हमारे प्रदर्शकों, कारीगरों और उभरते उद्यमियों को मिले सकारात्मक स्वागत से ।”
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