EPCH और एक्सपोबाजार ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बी2बी कैश एंड कैरी सेंटर का शुभारंभ किया

मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश | 9 जनवरी 2026 : भारत के हस्तशिल्प सोर्सिंग सिस्टम को नए सिरे से परिभाषित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने इंडिया एक्सपो मार्ट लिमिटेड की क्रॉस-बॉर्डर ई-कॉमर्स इकाई एक्सपोबाजार के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित ईपीसीएच रिसोर्स सेंटर में एक अत्याधुनिक कैश एंड कैरी सेंटर का सफलतापूर्वक उद्घाटन किया | यह पहल संगठित व्यापार की दिशा में एक नया अध्याय है, जो भारत के जीवंत हस्तशिल्प, होम और लाइफस्टाइल उत्पाद उद्योग के लिए आसान पहुंच, पारदर्शिता और सुव्यवस्थित सोर्सिंग का मंच उपलब्ध कराती है |

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार में कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा के राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल उपस्थित रहे | उनके साथ विशिष्ट अतिथि के तौर पर ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार और ईपीसीएच अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना भी मौजूद रहे | इस अवसर पर ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता, ईपीसीएच के मुख्य संयोजक अवधेश अग्रवाल, ईपीसीएच की प्रशासनिक समित के सदस्य, राज कुमार मल्होत्रा, रवि के. पासी, प्रिंस मलिक, सलमान आज़म, जीशान अली, नावेद उर रहमान, रोहित ढल्ल, सिमरनदीप सिंह कोहली, रशिम दुग्गल, वरुण शर्मा, मोहम्मद जुनैद; मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के संरक्षक नजमुल इस्लाम, ईपीसीएच कार्यकारी निदेशक राजेश रावत, सदस्य निर्यातक, कारीगर, प्रेस और मीडिया प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे |

सभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार में कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा के राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने ईपीसीएच और एक्सपोबाजार की तारीफ़ की, कि उन्होंने एक ऐसा आगे की सोच वाला प्लेटफॉर्म बनाया है जो दुनिया भर में “मेटल क्राफ्ट सिटी ऑफ़ इंडिया” के नाम से मशहूर मुरादाबाद शहर में एक्सपोर्टर्स, कारीगरों और युवा एंटरप्रेन्योर्स को सीधे सपोर्ट करता है। मंत्री ने मुरादाबाद रिसोर्स सेंटर को धातु शिल्प में कौशल-विकास हेतु ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई)’ घोषित किए जाने पर बधाई दी, जो कारीगर प्रशिक्षण, डिज़ाइन नवाचार और बाज़ार-उन्मुख कौशल कार्यक्रमों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है और उन कारीगरों को स्किल ट्रेनिंग सर्टिफिकेट भी दिए जिन्होंने मेटल क्राफ्ट टेक्नीक में खास ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की ।

मंत्री ने डॉ. राकेश कुमार की बिना थके कोशिशों की भी तारीफ़ की, जिसमें उन्होंने दूरदर्शी इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन और मार्केट बढ़ाने की कोशिशों के ज़रिए भारतीय हस्तशिल्प को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, जिससे पारंपरिक क्लस्टर दुनिया भर में कॉम्पिटिटिव हब बन गए हैं। उन्होंने वहां मौजूद सभी एक्सपोर्टर्स से इन ट्रेंड कारीगरों के साथ अपने फील्ड एक्सपीरियंस, मार्केट की जानकारी और प्रैक्टिकल नॉलेज शेयर करने की अपील की और इस बात पर ज़ोर दिया कि इस तरह के नॉलेज ट्रांसफर से मुरादाबाद का हस्तशिल्प इकोसिस्टम और मज़बूत होगा और लोकल कारीगरी की ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी ।

इस मौके पर ईपीसीएच अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा, “मुरादाबाद का यह कैश एंड कैरी सेंटर ईपीसीएच के उस व्यापक विजन का हिस्सा है, जिसका मकसद कारोबार को आसान बनाना और डिजाइन आधारित, बाजार की मांग के अनुरूप विकास को बढ़ावा देना है । मुरादाबाद का यह सेंटर एक वन-स्टॉप सोर्सिंग डेस्टिनेशन के रूप में तैयार किया गया है, जहां हस्तशिल्प, होम डेकोर, फर्निशिंग, गिफ्टवेयर, लाइफस्टाइल एक्सेसरीज, यूटिलिटी प्रोडक्ट्स और आधुनिक क्राफ्ट आधारित उत्पादों की चुनिंदा रेंज एक ही जगह उपलब्ध है ।”

उन्होंने बताया, “इस सेंटर में प्रदर्शित सभी उत्पाद भारतीय हस्तशिल्प निर्माता-निर्यातकों, क्राफ्ट उद्यमों और मुरादाबाद, नोएडा, आगरा, जयपुर, सहारनपुर, हरियाणा, दिल्ली, भदोही, संभल जैसे स्थापित क्राफ्ट क्लस्टर्स से लिए गए हैं । इनमें एक्सेंट फर्नीचर, होम डेकोर, ज्वेलरी, मार्बल डेकोर, रग्स और कारपेट्स, टेक्सटाइल्स, किचन एक्सेसरीज, लैंप और लाइटिंग समेत कई अन्य उत्पाद शामिल हैं और आगे और भी उत्पाद जोड़े जाएंगे । यह विविध चयन प्रामाणिकता, नैतिक सोर्सिंग और गुणवत्ता की गारंटी देता है, साथ ही देश की अलग-अलग क्षेत्रीय परंपराओं, सामग्रियों और कारीगरी तकनीकों को भी सम्मान देता है । यह सेंटर पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक रिटेल व सोर्सिंग जरूरतों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करता है । इससे कारीगरों और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत के बीच सीधा और सार्थक जुड़ाव बनता है, जिससे दीर्घकालिक आजीविका को बढ़ावा मिलता है और वैश्विक बाजार की बदलती अपेक्षाओं के साथ तालमेल भी बैठता है ।”

ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने भी इसी भावना को दोहराते हुए कहा कि “मुरादाबाद में इस अत्याधुनिक कैश एंड कैरी सेंटर और इससे जुड़ी सुविधाओं की शुरुआत हमारे लिए एक अहम उपलब्धि है । यह पहल परंपरा और तकनीक का संगम है, जो क्लस्टर स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करती है और एक ऐसा संगठित मंच तैयार करती है, जो कारीगरों और निर्यातकों को सीधे कई तरह की खरीदारियों से जोड़ता है ।”

उन्होंने ज़ोर देकर कहा, ‘आप प्रोडक्ट दो, मैं आपको एक्सपो बाज़ार के ज़रिए मार्केट दूंगा’। यह पहल परंपरा को टेक्नोलॉजी के साथ मिलाती है, क्लस्टर लेवल पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करती है और एक ऑर्गनाइज़्ड प्लेटफ़ॉर्म बनाकर मार्केट डाइवर्सिफ़िकेशन को सपोर्ट करती है जो कारीगरों और एक्सपोर्टर्स को सीधे अलग-अलग तरह के खरीदारों से जोड़ता है।

डॉ. कुमार ने आगे बताया कि इस पहल को वेयरहाउसिंग, फुलफिलमेंट और जस्ट-इन-टाइम डिलीवरी मैकेनिज्म के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में भारतीय हस्तशिल्प के लिए तेजी से मार्केट एक्सेस मिल सकेगा, और एक मॉडर्न, कुशल और टिकाऊ एक्सपोर्ट वैल्यू चेन की नींव रखी जा सकेगी ।

डॉ. राकेश कुमार ने आगे बताया, “भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस सेंटर में 3डी प्रिंटिंग सुविधा से लैस एक डिजाइन स्टूडियो भी बनाया गया है, जिसका उद्देश्य युवा उद्यमियों, स्टार्ट-अप्स और पहली पीढ़ी के कारोबारियों


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