नए साल पर ग्रेटर नोएडा वासियों की क्या है उम्मीदें और मांगें | Greater Noida Authority

मेघा राजपूत, संवादाता, टेन न्यूज नेटवर्क

Greater Noida New (04/01/2026): ग्रेटर नोएडा शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर के शहर के रूप में विकसित करने का दावा वर्षों से किया जाता रहा है, लेकिन इस दावे की जमीनी हकीकत क्या है, क्या ग्रेटर नोएडा वास्तव में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बन पाया है या फिर समस्याओं से जूझता एक छोटा कस्बा बनकर रह गया है?

नव वर्ष 2026 के अवसर पर टेन न्यूज नेटवर्क की टीम ने ग्रेटर नोएडा के जाने-माने नागरिकों, समाजसेवियों, उद्यमियों, औद्योगिक संगठनों और किसानों से बातचीत कर शहर की प्रमुख समस्याओं, अपेक्षाओं और विकास से जुड़ी उम्मीदों को सामने लाने का प्रयास किया है। इसी क्रम में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण (Greater Noida Authority) से शहरवासियों की क्या मांगें हैं, इस पर एक विशेष रिपोर्ट तैयार की है।

जनता की समस्याएं सुनने की मांग: आलोक सिंह

ग्रेटर नोएडा के जाने-माने समाजसेवी आलोक सिंह ने टेन न्यूज से टेलीफोनिक बातचीत में कहा कि नए साल पर उनकी सबसे बड़ी उम्मीद यह है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुने। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि न तो अधिकारी आसानी से मिलते हैं और न ही प्राधिकरण की वेबसाइट सुचारू रूप से काम करती है, जिससे आम नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सके।
आगे आलोक सिंह ने कहा कि प्राधिकरण भले ही ग्रेटर नोएडा को अंतरराष्ट्रीय शहर बताता हो, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि शहर आज एक कस्बे की तरह नजर आने लगा है। जगह-जगह ट्रैफिक जाम, अवैध कब्जे और रेहड़ी-पटरी की समस्या लगातार बढ़ रही है।

आलोक सिंह ने सुझाव दिया कि यमुना एक्सप्रेसवे जीरो प्वाइंट से लगभग 2 किलोमीटर पहले, CHI-5 अंडरपास से पहले एक कट दिया जाए, जिससे परी चौक पर ट्रैफिक का दबाव लगभग 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है और तीन प्रमुख गोलचक्कर ट्रैफिक-फ्री हो सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने शहरी मामलों के लिए ओएसडी की नियुक्ति, अल्फा-1 कमर्शियल बेल्ट में मल्टीलेवल पार्किंग, अतिक्रमण हटाने, एक्सपोमार्ट से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले यू-टर्न फ्लाईओवर और फुट ओवर ब्रिज (FOB) जैसी समस्याओं के समाधान की भी मांग की।

बिना कनेक्शन के आ रहे पानी के बिल: IEA अध्यक्ष संजीव शर्मा

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IEA) के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने टेन न्यूज से बातचीत में बताया कि औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा उनका सबसे बड़ा मुद्दा पानी के बिल को लेकर है।उन्होंने कहा कि दो-तीन साल पहले भी IEA ने यह मुद्दा उठाया था कि औद्योगिक क्षेत्र में जहां पानी का कनेक्शन ही नहीं है, वहां प्राधिकरण पानी के बिल भेज रहा है। संस्था के विरोध के बाद कुछ लोगों के बिल माफ किए गए, लेकिन आज भी 50 से अधिक उद्योगों को बिना कनेक्शन के पानी के बिल भेजे जा रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।

संजीव शर्मा ने मांग की कि सभी ऐसे बिल तत्काल प्रभाव से माफ किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे-छोटे कामों के लिए उद्योगपतियों को बार-बार प्राधिकरण के चक्कर काटने पड़ते हैं, क्योंकि प्राधिकरण की वेबसाइट सही ढंग से काम नहीं करती। एनओसी जैसी जरूरी सेवाओं के लिए भी लोगों को कई बार कार्यालय जाना पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर समस्या की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह खराब हो चुका है, जिसे नए सिरे से ठीक करने की जरूरत है।

शहर के सौंदर्यीकरण पर हो फोकस: साधना सिन्हा

समाज सेविका साधना सिन्हा ने टेन न्यूज से बातचीत में कहा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को शहर पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन वादों के साथ ग्रेटर नोएडा को बसाया गया था, प्राधिकरण को उन वादों पर निरंतर काम करना चाहिए।‌ उन्होंने बायर्स की समस्याओं, शहर की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और अवैध अतिक्रमणों को हटाने की जरूरत पर जोर दिया। आगे साधना सिन्हा ने कहा कि प्राधिकरण को सिर्फ मुनाफे पर ध्यान न देकर शहर के समग्र विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्ष में प्राधिकरण औद्योगिक विकास, शिक्षा व्यवस्था और हरित विकास पर विशेष कार्य करेगा।

किसानों की लंबित मांगों का समाधान जरूरी: सुनील प्रधान

किसान नेता सुनील प्रधान ने टेन न्यूज से बातचीत में कहा कि नए साल 2026 में किसानों की प्रमुख मांगें अब भी अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण को किसानों को 10 प्रतिशत आवासीय प्लॉट और 64 प्रतिशत मुआवजा शीघ्र उपलब्ध कराना चाहिए। इसके साथ ही लीज बैक, आबादी निस्तारण और अन्य लंबित समस्याओं का भी जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों में प्रधानी व्यवस्था समाप्त होने से कोई जनप्रतिनिधि नहीं बचा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। अधिकारी न तो समस्याएं सुनते हैं और न ही समाधान करते हैं। यही स्थिति सेक्टरों में भी देखने को मिल रही है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जनता की उम्मीदें

नववर्ष 2026 में ग्रेटर नोएडा वासियों की ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से कई बड़ी उम्मीदें और मांगें हैं। इन्हीं अपेक्षाओं के आधार पर टेन न्यूज नेटवर्क की टीम ने यह विशेष रिपोर्ट तैयार की है। हमें उम्मीद है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इन सभी समस्याओं का संज्ञान लेते हुए शीघ्र और प्रभावी समाधान की दिशा में कदम उठाएगा।

आपकी 2026 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से क्या उम्मीदें और मांगें हैं? कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।।


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